
आज 16 मई 2026 को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाने वाला ज्येष्ठ मास की अमावस्या का संयोग बना है। इस साल यह अमावस्या शनिवार के दिन पड़ने के कारण ‘शनि अमावस्या’ बन चुकी है, जिसका ज्योतिष शास्त्र में विशेष महत्व है। आज के ही दिन न्याय के देवता शनि देव का प्राकट्य दिवस यानी शनि जयंती मनाई जा रही है। इसके साथ ही, सुहागिन महिलाओं का सबसे बड़ा त्योहार वट सावित्री व्रत भी आज ही रखा जा रहा है। आज के दिन ग्रहों की स्थिति भी बेहद खास है, जिससे कई शुभ राजयोगों का निर्माण हो रहा है। ऐसे में शनि देव को प्रसन्न करने, सुहाग की लंबी उम्र और पितरों के तर्पण के लिए आज का दिन सर्वोत्तम है।
आज के विशेष शुभ योग और ग्रहों का गोचर
आज का पंचांग धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से कई बड़े बदलाव लेकर आया है। आज चंद्रमा शुक्र की राशि वृषभ में गोचर कर रहे हैं। वहीं, ग्रहों के राजकुमार बुध और साहस के कारक मंगल 30 डिग्री पर रहकर ‘द्विद्वादश योग’ का निर्माण कर रहे हैं। इसके अलावा, वृषभ राशि में सूर्य और बुध की युति होने से बेहद शक्तिशाली ‘बुधादित्य राजयोग’ भी बन रहा है, जो कई राशि के जातकों के लिए भाग्यशाली साबित होगा।
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आज का नक्षत्र: रात 08:14 बजे तक भरणी नक्षत्र रहेगा और उसके बाद कृत्तिका नक्षत्र प्रारंभ होगा।
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आज के योग: सुबह 10:45 बजे तक सौभाग्य योग रहेगा और उसके बाद शोभन योग की शुरुआत होगी।
आज की तिथि और सूर्य-चंद्रमा का समय
धार्मिक कार्यों और व्रत के संकल्प के लिए सूर्योदय और तिथि का समय जानना बेहद जरूरी है:
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आज की तिथि: आज सुबह 05:11 बजे तक अमावस्या तिथि थी, जिसके बाद ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि प्रारंभ हो चुकी है। उदय तिथि के मान के अनुसार आज पूरे दिन अमावस्या से जुड़े धार्मिक कार्य किए जा रहे हैं।
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सूर्योदय: सुबह 05:49 बजे
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सूर्यास्त: शाम 06:57 बजे
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चन्द्रोदय: सुबह 04:52 बजे
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चन्द्रास्त: शाम 06:42 बजे (नोट: अलग-अलग शहरों के हिसाब से सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में कुछ सेकंड या मिनट का अंतर आ सकता है)
वट सावित्री व्रत और शनि देव की पूजा विधि
आज के दिन तीन बड़े धार्मिक कार्य एक साथ किए जा रहे हैं। सबसे पहले सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए वट वृक्ष (बरगद के पेड़) की पूजा कर रही हैं और परिक्रमा लगाकर व्रत रख रही हैं।
दूसरी तरफ, शनि जयंती होने के कारण आज शनि देव के मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाना, शनि चालीसा का पाठ करना और पीपल के पेड़ के नीचे काले तिल डालकर तेल का दीया जलाना अत्यंत फलदायी रहेगा। चूंकि आज अमावस्या भी है, इसलिए अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंड दान और जरूरतमंदों को काले वस्त्र या अन्न का दान अवश्य करें।
आज के शुभ मुहूर्त (इन समयों में करें पूजा-पाठ)
यदि आप आज कोई विशेष पूजा, दान या नया काम शुरू करना चाहते हैं, तो इन शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखें:
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:12 बजे से 05:00 बजे तक
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अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:56 बजे से दोपहर 12:49 बजे तक
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अमृत काल: दोपहर 01:15 बजे से दोपहर 02:40 बजे तक
आज के अशुभ काल और राहुकाल (इस दौरान शुभ कार्यों से बचें)
हिंदू शास्त्रों के अनुसार, राहुकाल और यम गण्ड के दौरान कोई भी नया या मांगलिक कार्य शुरू नहीं करना चाहिए:
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राहुकाल: सुबह 09:06 बजे से 10:44 बजे तक
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यम गण्ड: दोपहर 02:01 बजे से दोपहर 03:40 बजे तक
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कुलिक काल: सुबह 05:49 बजे से 07:27 बजे तक
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दुर्मुहूर्त: सुबह 07:34 बजे से 08:26 बजे तक
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वर्ज्यम्: सुबह 04:44 बजे से 06:09 बजे तक, और पुनः सुबह 04:01 बजे से 05:25 बजे तक
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