औरैया में मानवता शर्मसार: लापता बेटी को ढूंढने के लिए लाचार पिता से मांगे 10 हजार, चौकी इंचार्ज निलंबित

उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक बेहद शर्मनाक और खाकी को दागदार करने वाला मामला सामने आया है। एक लाचार पिता जब अपनी पांच महीने से लापता मासूम बेटी को ढूंढने के लिए पुलिस की चौखट पर पहुंचा, तो मदद करने के बजाय उससे रिश्वत की मांग की गई। मजबूर पिता ने किसी तरह ब्याज पर पैसे लेकर पुलिसकर्मी की झोली में डाले। जब इस पूरी बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और पुलिस अधीक्षक ने तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, दिबियापुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली करीब 17 वर्षीय किशोरी मई 2025 में एक युवक के साथ चली गई थी। इस घटना के बाद परिजनों ने थाने में नामजद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुरुआती दौर में इस मामले की जांच उपनिरीक्षक अभय प्रताप के पास थी, जिसे बाद में बदलकर प्लास्टिक सिटी चौकी प्रभारी रामवीर सिंह को सौंप दी गई थी।

पीड़ित पिता का आरोप है कि जब वह अपनी बेटी की बरामदगी के लिए चौकी पहुंचे, तो जांच अधिकारी ने उनसे पैसों की मांग की। अपनी बेटी को हर हाल में वापस पाने की जिद और बेबसी में उस लाचार पिता ने लोगों से ब्याज पर 10 हजार रुपये उधार लिए और पुलिसकर्मी को लाकर दे दिए। इसके बावजूद पुलिस ने न तो कोई ठोस कार्रवाई की और न ही बेटी का सुराग लगाया, बल्कि कुछ समय बाद दोबारा पैसों की मांग की जाने लगी।

पुलिस की इस असंवेदनशीलता से परेशान होकर पीड़ित पिता ने सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) अभिषेक भारती के पास पहुंचकर अपनी पीड़ा सुनाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस बीच, पीड़ित और पुलिसकर्मी के बीच हुई बातचीत का कथित ऑडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने मंगलवार देर शाम तत्काल प्रभाव से प्लास्टिक सिटी चौकी प्रभारी रामवीर सिंह को निलंबित कर दिया। साथ ही, इस पूरे प्रकरण की विभागीय जांच की जिम्मेदारी अजीतमल के पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) शैलेंद्र सिंह को सौंप दी गई है।

निलंबन की कार्रवाई सामने आने के बाद आरोपी चौकी प्रभारी ने अपने ऊपर लगे सभी रिश्वतखोरी के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी से कोई पैसे नहीं मांगे, बल्कि नाबालिग लड़की के पिता को बार-बार पूछताछ के लिए चौकी पर बुलाया गया था, लेकिन वे नहीं आए और अब झूठे आरोप लगा रहे हैं। हालांकि, वायरल ऑडियो और पीड़ित के बयानों के आधार पर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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