
अमेरिका की सत्ता के सबसे ताकतवर केंद्र व्हाइट हाउस से जुड़ी एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने खुलासा किया है कि व्हाइट हाउस में प्रस्तावित भव्य बॉलरूम प्रोजेक्ट के नीचे एक विशाल अंडरग्राउंड मिलिट्री कॉम्प्लेक्स तैयार किया जा रहा है। यह कॉम्प्लेक्स न केवल बंकर के रूप में काम करेगा, बल्कि एक अत्याधुनिक कमांड सेंटर भी होगा, जो पुराने इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की जगह लेगा।
मुकदमे से खुला ‘सीक्रेट प्रोजेक्ट’ का राज
रविवार को एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने बताया कि इस गुप्त निर्माण कार्य की जानकारी एक मुकदमे के चलते सार्वजनिक हुई। यह मुकदमा बॉलरूम प्रोजेक्ट को रोकने की मांग को लेकर दायर किया गया था। ट्रंप ने इसे “बेवकूफी भरा मुकदमा” बताते हुए कहा कि इसके कारण ही इस बड़े सैन्य प्रोजेक्ट का खुलासा हो पाया।
क्या है बॉलरूम प्रोजेक्ट, क्यों हो रही चर्चा?
व्हाइट हाउस में प्रस्तावित यह बॉलरूम प्रोजेक्ट लंबे समय से चर्चा में है। करीब 400 मिलियन डॉलर की लागत से तैयार होने वाला यह प्रोजेक्ट ट्रंप के महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है। इसके निर्माण के लिए व्हाइट हाउस के ईस्ट विंग को गिरा दिया गया, जिससे विवाद और भी गहरा गया।बताया जा रहा है कि नया बॉलरूम सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि नीचे बन रहे हाई-सिक्योरिटी कॉम्प्लेक्स का ‘कवर’ होगा।
बॉलरूम नहीं, सुरक्षा कवच है असली मकसद!
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि बॉलरूम असल में उस अंडरग्राउंड सुविधा को ढकने का काम करेगा, जो इसके नीचे बनाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि यह पूरी संरचना बुलेटप्रूफ और ड्रोन अटैक से सुरक्षित होगी। नई ईस्ट विंग का बड़ा हिस्सा इसी डिजाइन के तहत तैयार किया जा रहा है।
परमाणु हमले से भी सुरक्षित रहेगा कॉम्प्लेक्स
सूत्रों के अनुसार, इस अंडरग्राउंड मिलिट्री कॉम्प्लेक्स को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यह परमाणु हमले और ड्रोन स्ट्राइक जैसी स्थितियों में भी सुरक्षित रह सके। यह सुविधा किसी भी आपातकालीन स्थिति में अमेरिकी राष्ट्रपति और प्रशासन के लिए सुरक्षित संचालन केंद्र का काम करेगी।
पुराना बंकर: द्वितीय विश्व युद्ध की विरासत
व्हाइट हाउस के ईस्ट विंग के नीचे पहले भी एक बंकर मौजूद था, जिसे द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान Franklin D. Roosevelt ने बनवाया था। इसे प्रेसिडेंशियल इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर (PEOC) कहा जाता था, जिसका उपयोग संकट के समय सुरक्षित शेल्टर और कम्युनिकेशन हब के रूप में किया जाता था।
फैसले पर उठे सवाल, बढ़ी आलोचना
हालांकि, इस प्रोजेक्ट को लेकर ट्रंप की आलोचना भी तेज हो गई है। कई विशेषज्ञों और संगठनों का कहना है कि ईस्ट विंग को गिराने से पहले आवश्यक मंजूरी नहीं ली गई। कुछ लोगों ने इसे ऐतिहासिक धरोहर के साथ छेड़छाड़ करार दिया है।
क्या संकेत देता है यह बड़ा सैन्य निर्माण?
व्हाइट हाउस के नीचे बन रहा यह हाईटेक अंडरग्राउंड कॉम्प्लेक्स अमेरिका की सुरक्षा रणनीति में बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है। यह सिर्फ एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि भविष्य के खतरों से निपटने की तैयारी का संकेत भी माना जा रहा है|
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