
टेलीविजन इंडस्ट्री की सबसे खूबसूरत और बेबाक अभिनेत्रियों में शुमार रुबीना दिलैक अक्सर अपने लुक्स, स्टाइल और फिटनेस को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। ‘छोटी बहू’ और ‘शक्ति – अस्तित्व के एहसास की’ से घर-घर में पहचान बनाने वाली और ‘बिग बॉस 14’ की ट्रॉफी अपने नाम करने वाली रुबीना को अक्सर सोशल मीडिया पर उनके बदले हुए चेहरे और कथित प्लास्टिक सर्जरी को लेकर ट्रोल किया जाता रहा है। आलोचक अक्सर उनकी शुरुआती दिनों की तस्वीरों की तुलना आज के ग्लैमरस अवतार से करते हुए यह दावा करते हैं कि उन्होंने खूबसूरत दिखने के लिए कई सर्जरीज कराई हैं। अब रुबीना दिलैक ने इन सभी अटकलों और अफवाहों पर पूर्णविराम लगाते हुए अपने ब्यूटी सीक्रेट्स, फेशियल ट्रीटमेंट्स और दांतों पर कराए गए काम का पूरा सच दुनिया के सामने रख दिया है। एक विशेष पॉडकास्ट में हिना खान, रॉकी जायसवाल और पति अभिनव शुक्ला के साथ बातचीत के दौरान रुबीना ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी ‘चाकू के नीचे’ (Under the knife) जाकर कोई प्लास्टिक सर्जरी नहीं करवाई है।
‘बिग बॉस’ के वक्त वायरल हुई पुरानी तस्वीरों और AI से छेड़छाड़ का सच
पॉडकास्ट के दौरान रुबीना ने उस दौर को याद किया जब ‘बिग बॉस 14’ के दौरान उनकी पुरानी और स्कूल के दिनों की तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल कर दी गई थीं। कई स्वयंभू त्वचा विशेषज्ञों और सोशल मीडिया पेजों ने दावा किया था कि रुबीना ने बोटोक्स, जॉलाइन सर्जरी और नोज जॉब कराया है।
इस पर खुलकर बात करते हुए रुबीना ने कहा कि बचपन में उन्हें गलसुआ (Mumps) की गंभीर समस्या रही थी, जिसके कारण उनके गालों और जबड़े के आसपास सूजन रहती थी। इसके अलावा, दांतों के टेढ़ेपन को ठीक करने के लिए उन्होंने करीब दो साल तक ब्रेसेस (Braces) पहने थे, जिसकी वजह से उनके ऊपरी होंठ अंदर की तरफ दब गए थे। रुबीना ने खुलासा किया कि बिग बॉस के समय ट्रोलर्स ने उनकी शिमला की पुरानी तस्वीरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडिटिंग टूल्स के जरिए जानबूझकर खराब और विकृत करके पेश किया ताकि उनके दांत और चेहरा अजीब दिखे। उन्होंने कहा कि समय के साथ उम्र बढ़ने और शरीर से बेबी फैट (Baby Fat) खत्म होने के बाद किसी भी इंसान का चेहरा स्वाभाविक रूप से बदलता है।
दांतों के विनियर से लेकर आईब्रो माइक्रोब्लेडिंग: किन प्रक्रियाओं का लिया सहारा?
रुबीना दिलैक ने स्वीकार किया कि ग्लैमर इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने और खुद को बेहतर प्रस्तुत करने के लिए उन्होंने कुछ गैर-सर्जिकल और कॉस्मेटिक प्रक्रियाओं का सहारा जरूर लिया है। उन्होंने बताया कि ब्यूटी पेजेंट्स जीतने और अभिनय में आने के बाद उन्होंने चेहरे के फीचर्स को संवारने की बारीकियों को समझा।
एक्ट्रेस ने बताया कि उन्होंने अपनी आईब्रो को घना और परफेक्ट शेप देने के लिए ‘माइक्रोब्लेडिंग’ (Microblading) करवाई थी। इसके साथ ही, अपने दांतों के बीच के गैप को ठीक करने और अपनी मुस्कान को खूबसूरत बनाने के लिए उन्होंने डेंटिस्ट के पास जाकर ‘डेंटल विनियर्स’ (Dental Veneers) लगवाए। इस पर उनके पति अभिनव शुक्ला ने हल्के-फुल्के अंदाज में मजाक करते हुए कहा कि रुबीना के दांत काफी महंगे हैं क्योंकि जिस डेंटिस्ट ने उनका इलाज किया था, वह बेहद महंगा था। रुबीना ने कहा कि दांतों और आईब्रो में किए गए इन छोटे-मोटे कॉस्मेटिक बदलावों ने उनके चेहरे के ओवरऑल लुक को पूरी तरह निखार दिया।
दुबई जाकर करवाया ‘सॉफ्टवेव’ और ‘थर्मेज’: नॉन-इन्वेसिव स्किन ट्रीटमेंट्स का सच
रुबीना ने उन आधुनिक स्किन केयर ट्रीटमेंट्स का भी ब्योरा दिया जिन्हें उन्होंने अपनी त्वचा की कसावट और जवां लुक बनाए रखने के लिए आजमाया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वे कभी सर्जिकल टेबल पर नहीं लेटीं, बल्कि उन्होंने नॉन-इन्वेसिव (Non-invasive) तकनीकों को चुना है।
रुबीना ने खुलासा किया कि अपनी शादी से ठीक पहले वे खास तौर पर दुबई गई थीं ताकि वहां ‘सॉफ्टवेव’ (Sofwave) और ‘थर्मेज’ (Thermage) जैसे एडवांस अल्ट्रासाउंड ट्रीटमेंट्स ले सकें। उन्होंने कहा, “यह मेरा खुद के लिए प्री-वेडिंग गिफ्ट था कि मुझे यह करवाना है।” थर्मेज और सॉफ्टवेव ऐसी तकनीकें हैं जिनमें अल्ट्रासाउंड और रेडियोफ्रीक्वेंसी तरंगों के जरिए त्वचा की गहराई में जाकर कोलेजन (Collagen) के उत्पादन को बढ़ाया जाता है। इससे चेहरे का जो भी अतिरिक्त बेबी फैट था वह टाइट हो गया और चेहरे को एक नेचुरल लिफ्ट और शार्प जॉलाइन मिली। इसके अलावा, महीन रेखाओं (Fine lines) को रोकने के लिए उन्होंने ‘माइक्रोनीडलिंग’ और त्वचा के ग्लो के लिए ‘पीआरपी’ (Platelet-Rich Plasma / PRP) थेरेपी भी ली है।
फेशियल योग, खान-पान और अनुशासन: ‘यह डॉक्टर का नहीं, मेरी मेहनत का कमाल’
रुबीना ने इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया कि मशीनों और ट्रीटमेंट्स से ज्यादा उनकी खूबसूरती का राज उनका कड़ा अनुशासन और खान-पान है। उन्होंने बताया कि मिस शिमला का खिताब जीतने के दिनों में ही उन्होंने फेशियल योग (Face Yoga) का नियमित अभ्यास शुरू कर दिया था, जिसने उनकी गर्दन और गालों की मांसपेशियों को टोन करने और डबल चिन को खत्म करने में जादुई भूमिका निभाई।
एक्ट्रेस ने कहा, “मैंने अपने आपको पूरी तरह से अपनी डाइट और लाइफस्टाइल से मेंटेन किया है। आपकी त्वचा आपके शरीर का सबसे बड़ा अंग है और आप जैसा खाना खाते हैं, उसका सीधा असर आपकी स्किन पर दिखता है।” रुबीना बाहर के जंक फूड और प्रोसेस्ड डाइट से पूरी तरह दूर रहती हैं और शुद्ध घर का बना खाना, फल, सब्जियां और पर्याप्त पानी पीना पसंद करती हैं। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा, “आज मैंने अपने चेहरे को जैसा बनाया है, वह पूरी तरह से मेरी अपनी कड़ी मेहनत और अनुशासन का परिणाम है, किसी सर्जन या डॉक्टर की छुरी का नहीं।”
सेलेब्रिटी ब्यूटी स्टैंडर्ड्स और ट्रोल्स के दोहरे मापदंड पर बेबाक राय
मनोरंजन जगत में अभिनेत्रियों के लुक्स को लेकर समाज का रवैया हमेशा से दोहरे मापदंडों से भरा रहा है। जब कोई अभिनेत्री प्राकृतिक रूप से उम्रदराज दिखने लगती है तो उसे ‘अनफिट’ और ‘बूढ़ी’ कहकर ट्रोल किया जाता है, और जब वह आधुनिक स्किनकेयर या गैर-सर्जिकल प्रक्रियाओं से खुद को ग्रूम करती है तो उस पर ‘प्लास्टिक की गुड़िया’ होने का झूठा ठप्पा लगा दिया जाता है।
रुबीना दिलैक का यह बेबाक और पारदर्शी खुलासा उन तमाम महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है जो अपनी त्वचा और आत्मविश्वास को बेहतर बनाना चाहती हैं। उन्होंने बिना किसी झिझक के स्वीकार किया कि आधुनिक तकनीक, सही स्किनकेयर, डेंटल केयर और स्वस्थ खान-पान का संतुलन बनाकर कोई भी महिला बिना किसी खतरनाक सर्जरी के अपने लुक्स को बेहतरीन बना सकती है। रुबीना की यह स्पष्टवादिता दिखाती है कि अपने शरीर और चेहरे पर गर्व करने के साथ-साथ सच्चाई को स्वीकारने का साहस ही एक असली स्टार की पहचान होता है।
The News 11 – Hindustan Newspaper, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया