नई दिल्ली। यदि लाख कोशिशों के बाद भी आपके घर में समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, मानसिक तनाव बना रहता है या आर्थिक तंगी पीछा नहीं छोड़ रही, तो इसका एक बड़ा कारण घर का गंभीर वास्तु दोष हो सकता है। वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसी पवित्र और चमत्कारी चीजों का वर्णन किया गया है, जिन्हें यदि सही दिशा में स्थापित किया जाए, तो घर की नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) तुरंत समाप्त हो जाती है। भगवान शिव के डमरू से लेकर स्फटिक के पिरामिड और स्वास्तिक का सही इस्तेमाल आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संतुलन ला सकता है। आइए जानते हैं इन चीजों को रखने की सही दिशा और इनके बेमिसाल लाभ।
ईशान कोण में रखें भगवान शिव का डमरू, दूर होगी नकारात्मकता
भगवान शिव का डमरू अत्यंत पवित्र और दिव्य ध्वनि का प्रतीक माना जाता है। वास्तु के नियमों के अनुसार, यदि आपके घर में डमरू इधर-उधर बेतरतीब पड़ा रहता है, तो इससे शिव जी की कृपा प्राप्त नहीं होती। डमरू को हमेशा घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में स्थापित करना चाहिए। इस पवित्र कोने में डमरू रखने से घर की समस्त नकारात्मक शक्तियां और वास्तु दोष शांत होते हैं। इसके साथ ही, घर की दक्षिण दिशा में एक ‘मंगल यंत्र’ लगाना बेहद शुभ माना जाता है, जो कर्ज और शत्रुओं से मुक्ति दिलाता है।
सुख-समृद्धि के लिए घर के चारों कोनों में रखें स्फटिक के पिरामिड
स्फटिक (Natural Crystal) के पिरामिड प्राकृतिक क्रिस्टल से बने होते हैं, जो ब्रह्मांड की सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने के लिए जाने जाते हैं। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, घर के चारों कोनों (ईशान, आग्नेय, नैऋत्य और वायव्य) में स्फटिक के पिरामिड रखने चाहिए। यह उपाय घर के वास्तु दोष को जड़ से खत्म करता है और जीवन में एकाग्रता व शांति लाता है। चूंकि क्रिस्टल पिरामिड धन-धान्य को आकर्षित करते हैं, इसलिए इन्हें अपनी तिजोरी या सेफ (Safe) में भी रखना चाहिए। इसके अतिरिक्त, घर की पश्चिम दिशा में एक छोटे पीतल के लोटे में फिटकरी भरकर रखने से भी नकारात्मकता दूर होती है।
दिशा के अनुसार अलग-अलग रंगों के लगाएं स्वास्तिक
सनातन परंपरा में स्वास्तिक को भगवान श्री गणेश का प्रतीक और अत्यंत शुभ माना गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की अलग-अलग दिशाओं (कोणों) में यदि सही रंग का स्वास्तिक लगाया जाए, तो घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है:
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आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व दिशा): इस कोण में हमेशा लाल रंग का स्वास्तिक लगाना चाहिए। यह दिशा अग्नि की होती है, जिससे घर में सुख-शांति बनी रहती है।
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नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम दिशा): इस कोने में पीले रंग का स्वास्तिक लगाना सर्वोत्तम माना जाता है। इससे परिवार के सदस्यों के बीच आपसी तालमेल बेहतर होता है।
चौकोर पीले फ्रेम की घड़ी लाएगी जीवन में स्थिरता
घर में समय का चक्र सही दिशा में होना बेहद जरूरी है। वास्तु के एक अचूक उपाय के अनुसार, घर के मध्य भाग (ब्रह्मस्थान) में या फिर घर की उत्तर या पूर्व दिशा की दीवार पर चौकोर और पीले फ्रेम वाली घड़ी लगानी चाहिए। वास्तु शास्त्र में माना जाता है कि चौकोर पीले फ्रेम की घड़ी लगाने से पारिवारिक जीवन और करियर में स्थिरता (Stability) आती है तथा जीवन में आ रही सभी बाधाओं व परेशानियों का अंत होने लगता है।
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