घर के मुख्य द्वार पर केले का पौधा लगाना शुभ या अशुभ? जान लें वास्तु के ये 5 नियम, वरना हो सकती है धन हानि

नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क। हिंदू धर्म में केले के पौधे को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, केले के वृक्ष में भगवान श्रीहरि विष्णु का वास होता है। गुरुवार के दिन इसकी पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। हालांकि, वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में केले का पौधा लगाने के कुछ कड़े नियम हैं। यदि इसे गलत दिशा या स्थान पर लगाया जाए, तो यह गंभीर वास्तु दोष का कारण बन सकता है।

अक्सर लोग घर के सामने खाली जगह देखकर पौधे लगा देते हैं। आइए जानते हैं वास्तु के अनुसार मुख्य द्वार पर केले का पेड़ लगाना सही है या नहीं:

मुख्य द्वार पर केले का पौधा लगाना क्यों माना जाता है वर्जित?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार पर या मेन गेट के ठीक सामने गमले में केले का पौधा भूलकर भी नहीं लगाना चाहिए। ऐसा करने से घर में मांगलिक व शुभ कार्यों में रुकावटें आने लगती हैं। साथ ही परिवार के सदस्यों को आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

घर के बीचों-बीच भी न रखें केले का पौधा

केले के पौधे से विशेष प्रकार की ऊर्जा तरंगें उत्पन्न होती हैं। इसलिए इसे न तो घर के बीच (ब्रह्म स्थान) में लगाना चाहिए और न ही मुख्य द्वार पर। वास्तु के अनुसार इसे हमेशा घर के पिछले हिस्से में लगाना सबसे उत्तम माना जाता है। यदि पीछे जगह न हो, तो आप इसे छत पर पिछले कोने में रख सकते हैं।

केले का पौधा लगाने की सही दिशा

वास्तु के अनुसार, केले के पौधे को घर की उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में लगाना शुभ होता है। ध्यान रखें कि इसे ऐसे स्थान पर लगाएं जहाँ सुबह उठते ही यह सबसे पहले नज़र न आए।

तुलसी का पौधा साथ में रखने के चमत्कारिक लाभ

केले के पौधे के पास तुलसी का पौधा रखना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि तुलसी में माता लक्ष्मी और केले में भगवान विष्णु का वास होता है, जिससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। ध्यान रखें कि केले का पौधा कभी भी सूखा या मुरझाया हुआ न रहे; सूखा पौधा नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है।

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