
उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों (Three-Tier Panchayat Elections) का इंतजार कर रहे करोड़ों ग्रामीणों और राजनीतिक दलों के लिए सोमवार का दिन बड़ी खुशखबरी लेकर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उनके सरकारी आवास पर हुई कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में कुल 12 बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगा दी गई है। इस बैठक का सबसे बड़ा फैसला पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण को लेकर रहा, जिसने चुनाव के रास्ते की सबसे बड़ी कानूनी अड़चन को दूर कर दिया है।
आइए डालते हैं योगी कैबिनेट के इन 12 महत्वपूर्ण फैसलों पर एक नजर:
1. पंचायत चुनाव: ‘समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग’ के गठन को हरी झंडी
उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों, ब्लॉक और जिला पंचायतों के निर्वाचन को लेकर पिछले काफी समय से बनी असमंजस की स्थिति आखिरकार समाप्त हो गई है। योगी कैबिनेट ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ओबीसी (OBC) आरक्षण का सटीक स्वरूप और आनुपातिक आबादी तय करने के लिए ‘समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग’ (Dedicated OBC Commission) के गठन को मंजूरी दे दी है।
यह पांच सदस्यीय आयोग होगा, जिसके अध्यक्ष हाईकोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीश होंगे। इस आयोग की विस्तृत सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही सीटों के आरक्षण का रोटेशन तय किया जाएगा, जिससे सुप्रीम कोर्ट के ‘ट्रिपल टेस्ट’ फॉर्मूले की वैधानिक बाध्यता पूरी हो जाएगी। इस आयोग का कार्यकाल छह महीने का होगा।
2. पशु चिकित्सा छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता सीधे 3 गुना बढ़ा
कैबिनेट ने प्रदेश के पशु चिकित्सा (Veterinary) विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए बड़ा तोहफा दिया है। उनके मासिक इंटर्नशिप भत्ते (Stipend) को सीधे तीन गुना बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
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अब इंटर्नशिप कर रहे भावी पशु चिकित्सकों को हर महीने 4,000 रुपये के स्थान पर 12,000 रुपये मिलेंगे।
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इसका लाभ मथुरा के पं० दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, अयोध्या के आचार्य नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्यालय और मेरठ के सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के छात्रों को मिलेगा।
3. लखनऊ मेट्रो: ₹5,801 करोड़ के ‘ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर’ का रास्ता साफ
राजधानी लखनऊ में चारबाग से वसंतकुंज तक बनने वाले 11.1 किलोमीटर लंबे ‘ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर’ (फेज-1बी) के निर्माण के लिए त्रिपक्षीय समझौते (MoU) के प्रारूप को मंजूरी दे दी गई है। यह समझौता भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) के बीच होगा। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹5,801.05 करोड़ है। इस कॉरिडोर के बनने से पुराने लखनऊ के लाखों निवासियों को विश्वस्तरीय यातायात की सुविधा मिलेगी।
4. आगरा मेट्रो: कॉरिडोर-2 के निर्माण के लिए ‘निःशुल्क’ जमीन ट्रांसफर
ताजनगरी में आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनने वाले मेट्रो कॉरिडोर-II के काम को गति देने के लिए कैबिनेट ने एक अपवादस्वरूप फैसला लिया है। आगरा के सदर तहसील के अंतर्गत क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय परिसर की खाली पड़ी 550 वर्गमीटर नजूल भूमि को उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) को बिल्कुल निःशुल्क (Free of Cost) ट्रांसफर करने का निर्णय लिया गया है। सरकार ने प्रभावी सर्किल दर पर पूरी तरह से छूट प्रदान की है।
5. मिर्जापुर में ₹2,799 करोड़ की बिजली पारेषण परियोजना
प्रदेश में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए तापीय एवं पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं से उत्पादित ऊर्जा की समुचित निकासी के लिए 765/400 केवी मिर्जापुर पूलिंग उपकेन्द्र (AIS) और संबंधित पारेषण लाइनों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹2799.47 करोड़ है। इसे एक Common Public Infrastructure के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे पूरे प्रदेश में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और निरंतरता में सुधार होगा।
6. लोहिया इंस्टीट्यूट में 1010 बेड का मल्टी स्पेशलिटी इमरजेंसी सेंटर
डॉक्टर राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, लखनऊ (गोमती नगर विस्तार, शहीद पथ परिसर) में चिकित्सा सुविधाओं का बड़ा विस्तार होने जा रहा है। कैबिनेट ने ₹855.04 करोड़ की लागत से 1010 बेडेड मल्टी स्पेशलिटी इमरजेंसी सेंटर अस्पताल, एक नवीन ओपीडी ब्लॉक और 200 सीटों की क्षमता वाले टीचिंग ब्लॉक के निर्माण को मंजूरी दी है। इससे चिकित्सा छात्रों को अत्याधुनिक शिक्षण वातावरण मिलेगा और मरीजों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं बढ़ेंगी।
7. प्रयागराज के SRN अस्पताल का होगा कायाकल्प और विस्तार
राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रयागराज से संबद्ध स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (SRN) परिसर के विस्तार का मार्ग प्रशस्त हो गया है। कैबिनेट ने अस्पताल और महात्मा गांधी मार्ग से जुड़ी पूल्ड हाउसिंग की भूमि को चिकित्सा शिक्षा विभाग के पक्ष में हस्तांतरित करने का फैसला किया है। 1961 में स्थापित यह अस्पताल प्रयागराज मण्डल का सबसे बड़ा टर्शियरी लेवल का सरकारी अस्पताल है, जहां मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में गंभीर मरीज इलाज के लिए आते हैं।
8. मिर्जापुर में खुलेगी ‘सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी’
राज्य के ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ‘उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019’ के तहत निजी क्षेत्र में ‘सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी’, मीरजापुर की स्थापना के लिए आशय पत्र (Letter of Intent) जारी करने को अंतिम स्वीकृति दे दी गई है।
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50.45 एकड़ पर बनेगा कैंपस: यह नया निजी विश्वविद्यालय मिर्जापुर की चुनार तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण इलाके ग्राम-समसपुर में 50.45 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जाएगा।
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सख्त नियमों के तहत मंजूरी: इस विश्वविद्यालय को दी गई मंजूरी उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 और नियमावली, 2021 के कड़े वैधानिक नियमों और मानकों की विस्तृत जांच के बाद दी गई है। इससे विंध्याचल क्षेत्र के छात्रों को स्थानीय स्तर पर रोजगारपरक उच्च शिक्षा मिल सकेगी।
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