जून के महीने में भीषण गर्मी और करीब 43% बारिश की कमी के बाद अब मौसम का मिजाज पूरी तरह पलटने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने ‘सुपरफास्ट’ रफ्तार पकड़ ली है। मॉनसून एक लंबी छलांग लगाकर आगे बढ़ रहा है और अगले 3 से 4 दिनों में उत्तर भारत के एक बड़े हिस्से को अपने आगोश में ले लेगा।
IMD के वरिष्ठ वैज्ञानिक नरेश कुमार ने बताया कि मॉनसून ने मंगलवार (30 जून 2026) को पूर्वी भारत के बचे हुए हिस्सों और मध्य भारत के एक बड़े इलाके को कवर कर लिया है। मॉनसून की इस सक्रियता से जुलाई के पहले सप्ताह में बारिश की तीव्रता (Intensity) काफी बढ़ जाएगी, जिससे तापमान में भारी गिरावट आएगी और लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
दिल्ली-NCR में कब होगी मॉनसून की पहली झमाझम बारिश?
दिल्ली और आस-पास के इलाकों (NCR) में जारी चिलचिलाती गर्मी से बेहाल लोगों के लिए मौसम विभाग ने बेहद राहत भरी खबर दी है।
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दशकीय दस्तक की तारीख: IMD के मुताबिक, दिल्ली-NCR में 3 या 4 जुलाई 2026 तक मॉनसून के आधिकारिक तौर पर दस्तक देने की प्रबल संभावना है।
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तापमान में गिरावट: दिल्ली में दस्तक देने के बाद मॉनसून हरियाणा और पंजाब की ओर बढ़ेगा। उत्तर-पश्चिम भारत में 2 जुलाई से ही प्री-मॉनसून गतिविधियों के कारण अधिकतम तापमान में 3-5°C की गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे मौसम खुशनुमा हो जाएगा।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मॉनसून का तांडव, सीमाएं तय
मौसम विभाग ने पुष्टि की है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में दाखिल हो चुका है। लखनऊ मौसम केंद्र के अनुसार, 1 से 2 जुलाई तक मॉनसून पूरे यूपी और उत्तराखंड को कवर कर लेगा।
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सक्रिय वेदर सिस्टम: इस समय समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक मौसमी द्रोणी (Trough Line) पंजाब से उत्तर प्रदेश होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है, जो भारी बारिश को बढ़ावा दे रही है।
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मौजूदा स्थिति: वर्तमान में मॉनसून की उत्तरी सीमा आजमगढ़, अयोध्या, बरेली और देहरादून से होकर गुजर रही है।
मुंबई और कोंकण के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी, बाढ़ का खतरा
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड के बचे हुए हिस्सों में मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। वहीं, पश्चिमी तट पर मॉनसून का विकराल रूप देखने को मिल सकता है।
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अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी: IMD ने 2 से 4 जुलाई के बीच कोंकण और गोवा में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है।
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मुंबई पर संकट: मुंबई और कोंकण क्षेत्र के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, विशेष रूप से 5 और 6 जुलाई को मुंबई में अत्यधिक भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। दक्षिण गुजरात में भी 3 और 4 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है।
पहाड़ों पर लैंडस्लाइड का हाई अलर्ट, पर्यटकों को सलाह
2 जुलाई से उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में ‘झमाझम’ बारिश का दौर शुरू होने वाला है। IMD ने देहरादून, ऋषिकेश और मसूरी जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है।
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भूस्खलन का खतरा: भारी बारिश के कारण पहाड़ों पर लैंडस्लाइड (भूस्खलन) और मडस्लाइड का खतरा काफी बढ़ गया है।
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प्रशासन की चेतावनी: प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को नदियों के किनारे न जाने और पहाड़ों की यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने या यात्रा टालने की सलाह दी है।
देशभर का हाल: जानें आपके राज्य में कब होगी मूसलाधार बारिश
| राज्य/क्षेत्र | बारिश का पूर्वानुमान और तारीख | अलर्ट का स्तर |
| बिहार व ओडिशा | बिहार में 30 जून-1 जुलाई को बहुत भारी बारिश, ओडिशा के सभी जिलों में 6 जुलाई तक मूसलाधार बारिश। | ऑरेंज अलर्ट |
| मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ | पूर्वी एमपी, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 1 से 3 जुलाई के बीच, और पश्चिमी एमपी में 2 से 4 जुलाई के बीच भारी बारिश। | भारी वर्षा अलर्ट |
| तटीय कर्नाटक व केरल | तटीय कर्नाटक में 30 जून से 2 जुलाई तक और केरल में 1 जुलाई तक भारी वर्षा के आसार। | अलर्ट जारी |
| असम व मेघालय | उत्तर-पूर्व के इन राज्यों में 30 जून को मूसलाधार बारिश का अनुमान। | येलो अलर्ट |
मौसम वैज्ञानिक नोट: 3 जुलाई के आसपास उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में एक नया ‘कम दबाव का क्षेत्र’ (Low-Pressure Area) बनने जा रहा है। इस वेदर सिस्टम के सक्रिय होने से मध्य और उत्तर भारत में मॉनसून का सबसे आक्रामक चरण शुरू होगा।
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