
भारतीय टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के अंतरराष्ट्रीय भविष्य को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। भारतीय चयनकर्ताओं ने भविष्य की योजनाओं पर काम करते हुए आगामी सीरीज और आईसीसी टूर्नामेंट्स के लिए एक नया प्लान तैयार किया है, जिसके तहत 15 युवा तेज गेंदबाजों के एक खास पूल पर फोकस किया जा रहा है। इस नई रणनीति से यह साफ संकेत मिल रहा है कि टीम प्रबंधन अब सीनियर खिलाड़ियों के बजाय अगली पीढ़ी के पेसर्स को तैयार करने में जुट गया है।
चयनकर्ताओं के नए प्लान से बाहर हुए 36 वर्षीय शमी
मार्च 2025 के बाद से इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर चल रहे मोहम्मद शमी सितंबर में 36 साल के होने जा रहे हैं। घरेलू क्रिकेट में रणजी ट्रॉफी के दौरान शानदार प्रदर्शन कर 37 विकेट लेने और पूरी तरह फिट होने के बावजूद, उन्हें श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज सहित लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चयनकर्ताओं की योजना वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के अगले चक्र और 2027 वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए एक मजबूत और युवा गेंदबाजी यूनिट तैयार करने की है, जिसमें शमी को जगह नहीं मिली है।
जसप्रित बुमराह के वर्कलोड और बदलाव के दौर पर फोकस
भारतीय पेस अटैक इस समय संक्रमण काल से गुजर रहा है, जहां तेज गेंदबाजी के अगुआ जसप्रित बुमराह के वर्कलोड को मैनेज करना चयनकर्ताओं की मुख्य प्राथमिकता है। श्रीलंका सीरीज के लिए बुमराह की टेस्ट टीम में वापसी जरूर हुई है, लेकिन लंबे समय तक उनकी फिटनेस को सुरक्षित रखने के लिए युवा तेज गेंदबाजों को तराशा जा रहा है। हालांकि शमी का अनुभव इस बदलाव के दौर में मददगार हो सकता था, लेकिन चयनकर्ताओं का मानना है कि भविष्य की ओर कदम बढ़ाने के लिए युवा खिलाड़ियों को सीधे मौके देना ही बेहतर विकल्प है।
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