मौसम विभाग की चेतावनी, जानिए कहीं आपके जिले में तो नहीं होगी झमाझम बरसात

उत्तर प्रदेश के मौसम का मिजाज एक बार फिर से पूरी तरह बदल गया है और मानसून की विदाई से ठीक पहले बादलों ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में अपना आक्रामक रुख दिखाना शुरू कर दिया है। आंचलिक विज्ञान केंद्र और मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा चेतावनी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में आगामी 27 सितंबर तक मूसलाधार बारिश (Heavy Rainfall), तेज हवाओं और कई जगहों पर आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने का हाई अलर्ट जारी किया गया है। पिछले कुछ दिनों से उमसभरी गर्मी और चिलचिलाती धूप से परेशान आम जनता को इस झमाझम बारिश से भले ही गर्मी से राहत मिली हो, लेकिन लगातार हो रही इस मानसूनी गतिविधि ने किसानों और आम नागरिकों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और मध्य भारत के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) के कारण उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों में बादलों का डेरा जमा हुआ है, जिसके चलते लगातार बारिश का यह दौर अभी अगले एक-दो दिनों तक पूरी तीव्रता के साथ जारी रहने की पूरी संभावना है।

राज्य की राजधानी लखनऊ समेत कई अन्य जिलों में पिछले चौबीस घंटों से रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे मौसम सुहाना हो गया है लेकिन सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी सामने आने लगी हैं। मौसम विभाग ने विशेष रूप से तराई वाले इलाकों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई है, जिसके मद्देनजर जिला प्रशासनों को पूरी तरह सतर्क कर दिया गया है। किसानों के लिए यह समय बेहद संवेदनशील है क्योंकि धान की फसलें इस वक्त पकने की कगार पर हैं या खेतों में खड़ी हैं, और तेज हवा के साथ होने वाली बारिश से फसलों के गिरने का खतरा पैदा हो गया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि मौसम विभाग के लेटेस्ट अपडेट के अनुसार किन-किन जिलों में भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलने वाला है।

यूपी के किन जिलों में जारी किया गया है भारी बारिश का अलर्ट?

मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 27 सितंबर तक चलने वाले इस खराब मौसम के दौरान उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। जिन प्रमुख जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है उनमें गोरखपुर, देवरिया, बलिया, वाराणसी, संत कबीर नगर, बस्ती, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, लखनऊ, अयोध्या, सुल्तानपुर और अंबेडकर नगर शामिल हैं। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों जैसे बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और मुरादाबाद में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने आम लोगों को सलाह दी है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, तब तक खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से पूरी तरह बचें।

वज्रपात (आकाशीय बिजली) से बचाव के लिए प्रशासन की विशेष एडवाइजरी

मानसून के इस आखिरी चरण में बादलों की गरज और चमक के साथ गिरने वाली आकाशीय बिजली (Thunderstorms) सबसे बड़ा खतरा बनकर सामने आ रही है। पिछले कुछ दिनों में राज्य के अलग-अलग जिलों से आकाशीय बिजली की चपेट में आने से कई लोगों के हताहत होने की दुखद खबरें भी सामने आई हैं। इसे ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (Disaster Management Authority) ने एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है, जिसमें किसानों, पशुपालकों और खुले में काम करने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम खराब होने पर तुरंत किसी पक्के आश्रय में चले जाएं। अपने स्मार्टफोन पर मौसम की सटीक जानकारी देने वाले एप्स (जैसे मौसम या दामिनी ऐप) का उपयोग करके समय रहते सतर्क रहें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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