Lucknow Coaching Fire: लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड वाली अवैध इमारत पर चला बुलडोजर, LDA ने शुरू की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित भीषण कोचिंग अग्निकांड मामले में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध इमारत को जमींदोज करने का काम शुरू कर दिया है। प्राधिकरण द्वारा दिए गए 15 दिन के ध्वस्तीकरण नोटिस की समय सीमा समाप्त होने के बाद शनिवार सुबह ही LDA और पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई।

गौरतलब है कि इसी इमारत में हुए भीषण अग्निकांड और दम घुटने से 15 प्रतियोगी छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरे प्रदेश में सुरक्षा मानकों को लेकर हड़कंप मच गया था।

सुबह 7:30 बजे पहुंची टीम: 3 बुलडोजर और हाइड्रोलिक मशीनों से ध्वस्तीकरण

अवैध निर्माण को ढहाने के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियां की गईं:

  • भारी पुलिस बल तैनात: मौके पर किसी भी अप्रिय स्थिति या अव्यवस्था से निपटने के लिए LDA के 45 आला अधिकारी और 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे। सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके की बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई।

  • मशीनों से कार्रवाई जारी: शनिवार सुबह करीब 7:30 बजे LDA की टीम 3 बुलडोजर और 1 हाइड्रोलिक पोकलेन मशीन के साथ मौके पर पहुंची और अवैध हिस्सों को गिराने का काम शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार पूरे ढांचे को ध्वस्त करने में दिनभर का समय लग सकता है।

आवासीय नक्शे पर चल रही थी व्यावसायिक गतिविधियां

हादसे के बाद हुई शुरुआती जांच में यह बात सामने आई थी कि इस इमारत का नक्शा केवल आवासीय (Residential) उपयोग के लिए पास कराया गया था, लेकिन इसमें नियमों को ताक पर रखकर व्यावसायिक गतिविधियां (Coaching Center) चलाई जा रही थीं।

इसके अतिरिक्त निर्माण में कई अवैध हिस्से भी पाए गए और आपातकालीन निकासी (Fire Escape) का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं था। इसी के चलते LDA ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए 15 दिन का नोटिस जारी किया था।

22 जुलाई का वो काला दिन: 15 छात्रों ने गंवाई थी जान

बीते 22 जुलाई को अलीगंज स्थित इस बहुमंजिला कोचिंग सेंटर में अचानक भीषण आग लग गई थी।

  • आग और धुएं के कारण इमारत में फंसे छात्रों के बीच भगदड़ मच गई थी।

  • कई छात्र जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से छलांग लगाते और पाइप के सहारे नीचे उतरते देखे गए थे।

  • धुएं से दम घुटने और जलने के कारण 15 अभ्यर्थियों की मौत हो गई थी।

इस घटना के बाद शासन-प्रशासन की भूमिका, अभियंताओं की जवाबदेही और शहरभर में चल रही अवैध कोचिंग कक्षाओं पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।

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