
भारतीय एविएशन सेक्टर और हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद चौंकाने वाली और जरूरी रिपोर्ट सामने आ रही है। यदि आप भी अक्सर हवाई यात्राएं करते हैं और अपनी यात्रा की तारीख से ठीक एक दिन पहले फ्लाइट का टिकट बुक करने की आदत रखते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हाल ही में देश के 54 प्रमुख घरेलू रूट्स (Domestic Air Routes) पर किए गए एक विस्तृत डेटा विश्लेषण से यह बात सामने आई है कि आखिरी समय में टिकट बुक करने पर लगने वाला अतिरिक्त किराया हर रूट पर अलग होता है। जहां कुछ व्यस्त और अधिक उड़ानों वाले मार्गों पर एक दिन पहले और एक महीने पहले के किराए में मामूली सा अंतर देखने को मिला, वहीं कम उड़ानों वाले कई महत्वपूर्ण मार्गों पर यात्रियों को दोगुने से भी अधिक यानी 120 प्रतिशत तक का भारी-भरकम अतिरिक्त भुगतान करना पड़ा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किस रूट पर आखिरी समय की बुकिंग सबसे ज्यादा महंगी पड़ रही है और किन रूट्स पर यात्रियों को राहत मिली है।
एयरलाइन प्राइस इंडेक्स का पूरा गणित: कैसे तय होता है आखिरी वक्त का किराया
यात्रियों की सुविधा और हवाई किराए के उतार-चढ़ाव को समझने के लिए तैयार किए गए ‘एयरलाइन प्राइस इंडेक्स’ (Airline Price Index) के आंकड़े कई दिलचस्प खुलासे करते हैं। इस विशेष विश्लेषण में यात्रा से ठीक एक दिन पहले के हवाई किराए को आधार यानी 100 मानकर तुलना की जाती है, और बाकी सभी दिनों के किरायों का आकलन इसी आधार पर किया जाता है।
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी विशेष रूट पर 30 दिन पहले की बुकिंग का इंडेक्स 45.4 दर्ज किया गया है, तो इसका सीधा मतलब यह निकलता है कि एक महीने पहले टिकट बुक करने वाले यात्री ने आखिरी दिन के मुकाबले आधे से भी कम खर्च किया है। यह इंडेक्स केवल किसी एक दिन की उठापटक पर आधारित नहीं है, बल्कि लंबी अवधि के रुझानों और औसत विज्ञापित किरायों का एक व्यापक निचोड़ है। आंकड़ों के इस खेल में सबसे अहम भूमिका उस रूट पर चलने वाली उड़ानों की संख्या (Flight Frequency) और यात्रियों की मांग की निभाती है।
किन रूट्स पर पड़ी आखिरी वक्त की बुकिंग सबसे भारी? अहमदाबाद-पुणे रूट बना सबसे महंगा
देश के 54 घरेलू रूट्स के इस अध्ययन में कुछ ऐसे मार्ग सबसे ऊपर आए हैं, जहां यात्रा की तारीख के बिल्कुल नजदीक टिकट लेने पर यात्रियों की जेब पर सबसे तगड़ा डाका पड़ा है। इनमें सबसे पहला नाम अहमदाबाद से पुणे (Ahmedabad to Pune) रूट का आता है, जहां सबसे बड़ा और चौंकाने वाला अंतर दर्ज किया गया है।
इस रूट पर यात्रा से ठीक एक दिन पहले टिकट बुक करने वाले यात्रियों को 30 दिन पहले की तुलना में 120.5 प्रतिशत अधिक भुगतान करना पड़ा। इसके विपरीत, जो समझदार यात्री एक महीने पहले ही अपनी बुकिंग पक्की कर लेते हैं, वे इस रूट पर 54.6 प्रतिशत तक की सीधी बचत का लाभ उठा लेते हैं। इस मार्ग पर रोजाना केवल 3 उड़ानें ही संचालित होती हैं, जो मांग और आपूर्ति के इस भारी अंतर का सबसे बड़ा कारण है।
इसी तरह, कोलकाता से चेन्नई (Kolkata to Chennai) रूट पर भी यात्रियों को भारी प्रीमियम चुकाना पड़ा है। यहां अंतिम समय में टिकट लेने पर 112.7 प्रतिशत का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा, जबकि 30 दिन पहले बुकिंग करने वालों ने करीब 53.0 प्रतिशत की बड़ी बचत दर्ज की। इसके अलावा कोलकाता से बेंगलुरु (93.2% अतिरिक्त), कोलकाता से हैदराबाद (90.0% अतिरिक्त) और हैदराबाद से बेंगलुरु (86.6% अतिरिक्त) जैसे रूट्स पर भी आखिरी वक्त की बुकिंग बेहद खर्चीली साबित हुई है।
इन व्यस्त रूट्स पर आखिरी वक्त में भी किराए में रहा मामूली अंतर
एक तरफ जहां कम उड़ानों वाले रूट्स पर यात्रियों की जेब पर भारी बोझ पड़ा है, वहीं देश के कुछ सबसे व्यस्त और हाई-फ्रीक्वेंसी वाले कॉर्पोरेट रूट्स पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत रही है। इन मार्गों पर यात्रा की तारीख नजदीक आने के बावजूद किराए में कोई बड़ा या चौंकाने वाला उछाल नहीं देखा गया।
उदाहरण के लिए, बेंगलुरु से चेन्नई (Bengaluru to Chennai) रूट पर 30 दिन पहले की गई बुकिंग और यात्रा से ठीक एक दिन पहले की गई बुकिंग के किराए में केवल 2.9 प्रतिशत का मामूली अंतर दर्ज किया गया। इसी तरह देश के सबसे व्यस्ततम मार्गों में शुमार मुंबई से दिल्ली (Mumbai to Delhi) रूट पर, जहां रोजाना दर्जनों उड़ानें भरी जाती हैं, 30 दिन पहले के मुकाबले एक दिन पहले टिकट लेने पर सिर्फ 6.9 प्रतिशत का ही अतिरिक्त प्रीमियम देना पड़ा। ठीक इसी प्रकार पुणे से दिल्ली मार्ग पर भी आखिरी वक्त में टिकट बुक करने पर केवल 7.2 प्रतिशत का ही अंतर देखने को मिला। इन रूट्स पर अत्यधिक उड़ानों की उपलब्धता के कारण किरायों में स्थिरता बनी रहती है।
उड़ानों की संख्या और रूट की फ्रीक्वेंसी तय करती है आपकी बचत
इस पूरे डेटा विश्लेषण का सबसे बड़ा निष्कर्ष यह निकलता है कि केवल पहले से टिकट बुक कर लेना ही हमेशा बड़ी बचत की गारंटी नहीं होता, बल्कि सबसे अहम भूमिका उस रूट और वहां उपलब्ध उड़ानों की संख्या निभाती है।
मुंबई-दिल्ली और बेंगलुरु-चेन्नई जैसे अत्यधिक व्यस्त मार्गों पर एयरलाइंस की दर्जनों उड़ानें होने के कारण सीटों की उपलब्धता लगातार बनी रहती है, जिससे बाजार में प्रतिस्पर्धा के कारण किराए आसमान नहीं छूते। इसके विपरीत, जिन रूट्स पर सीमित उड़ानें (Limited Flights) चलती हैं, वहां जैसे-जैसे यात्रा की तारीख पास आती है, बची हुई सीटों के लिए होड़ मच जाती है और एयरलाइंस डायनेमिक प्राइसिंग के तहत किराए दोगुने तक बढ़ा देती हैं। हालांकि, ये सभी आंकड़े औसत और विज्ञापित किरायों पर आधारित हैं, इसलिए त्योहारों, छुट्टियों या विशेष अवसरों पर वास्तविक टिकट दरें मांग के अनुसार और अधिक बदल सकती हैं। यदि आप भी अगली बार हवाई यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो कम उड़ानों वाले रूट्स पर समय से पहले बुकिंग करना ही आपकी जेब के लिए सबसे समझदारी भरा कदम साबित होगा।
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