ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई के अंतिम संस्कार को लेकर वैश्विक कूटनीति के गलियारों से एक बड़ी खबर आ रही है। ईरान सरकार ने भारत के राजनीतिक नेतृत्व को कूटनीतिक संदेश भेजते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष नितिन नबीन को इस ऐतिहासिक अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने का आधिकारिक निमंत्रण दिया है। इससे पहले ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता भेजा था।
भारत की तरफ से कौन होगा आधिकारिक प्रतिनिधि?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत सरकार इस बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण कार्यक्रम के लिए एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल (Delegation) ईरान भेजने की तैयारी कर रही है। भारत की ओर से आधिकारिक तौर पर:
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विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और
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बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन
अगले सप्ताह ईरान के लिए रवाना हो सकते हैं, जहां वे भारत सरकार की तरफ से दिवंगत सर्वोच्च नेता को कूटनीतिक श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
तेहरान से मशहद तक: 5 दिनों का महा-कार्यक्रम
ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसी आईआरएनए (IRNA) के मुताबिक, अयातुल्ला खामनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 5 जुलाई से शुरू होकर 9 जुलाई 2026 तक चलेंगे। इसके लिए ईरान में कड़े और व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं:
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4 और 5 जुलाई: तेहरान के ऐतिहासिक इमाम खुमैनी मोसाला प्रार्थना हॉल में आम जनता और विदेशी मेहमानों के लिए श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
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6 और 7 जुलाई: राजधानी तेहरान और शिया समुदाय के पवित्र शहर ‘कोम’ में विशाल अंतिम यात्रा निकाली जाएगी।
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9 जुलाई (अंतिम विदाई): उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में अंतिम संस्कार का मुख्य और आखिरी कार्यक्रम होगा। इसी दिन दिवंगत नेता को शिया मुसलमानों के आठवें इमाम, इमाम रजा के पवित्र दरगाह परिसर में सुपुर्द-ए-खाक (दफनाया) किया जाएगा।
2 करोड़ लोगों के जुटने का अनुमान, तेहरान में सुरक्षा सख्त
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, इस अंतिम विदाई कार्यक्रम में 1.2 करोड़ से लेकर 2 करोड़ लोगों के शामिल होने का एक ऐतिहासिक अनुमान है। इस अभूतपूर्व भीड़ को देखते हुए पूरे तेहरान में परिवहन, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। शहर के कई प्रमुख रास्तों और वीवीआईपी (VVIP) रूट्स पर आम वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह प्रतिबंधित या सीमित कर दिया गया है।
36 साल का शासन और अमेरिकी हमलों में मौत
आपको बता दें कि 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामनेई पिछले 36 वर्षों से ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में देश पर एक मजबूत पकड़ बनाए हुए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आधिकारिक तौर पर उनकी मौत की घोषणा की थी, जो 28 फरवरी को हुए अमेरिका-इजरायल के भीषण हवाई हमलों के दौरान हुई थी। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस हमले में न केवल खामेनेई बल्कि उनके चार बेहद करीबी रिश्तेदार—जिनमें उनकी बेटी, दामाद और एक नाती भी शामिल थे—मारे गए थे। इस घटना के बाद से ही मध्य-पूर्व (Middle-East) के हालात बेहद कड़े और तनावपूर्ण बने हुए हैं।
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