आईपीएल 2026 के इस सीजन में विराट कोहली न केवल अपने बल्ले से रन बरसा रहे हैं, बल्कि मैदान के बाहर भी युवा खिलाड़ियों के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं। हाल ही में लखनऊ सुपर जायंट्स के युवा बल्लेबाज मुकुल चौधरी ने खुलासा किया कि कैसे विराट कोहली की एक सलाह ने उनके नजरिए को पूरी तरह बदल दिया है।
कोहली की सीख: ‘फिनिशिंग’ ही असली कला है
मुकुल चौधरी ने ‘जियो स्टार’ के साथ बातचीत में बताया कि विराट कोहली ने उन्हें यह स्पष्ट किया कि आज के दौर में छक्के लगाना एक सामान्य कौशल बन गया है, जिसे लगभग हर युवा बल्लेबाज आसानी से कर सकता है। लेकिन असली चुनौती मैच को अंतिम छोर तक ले जाकर जीत दिलाना है।
कोहली ने मुकुल को जो खास सलाह दी, वह उनके करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है:
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दबाव में संयम: कोहली ने मुकुल को समझाया कि असली चुनौती तब शुरू होती है जब 170-180 रनों का पीछा करते समय एक छोर से विकेट गिर रहे हों और रनों का दबाव बढ़ रहा हो।
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शांत रहने की कला: दबाव की स्थितियों में शांत रहकर पारी को नियंत्रित करना ही एक साधारण और महान खिलाड़ी के बीच का अंतर है।
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सिर्फ शॉट्स पर ध्यान नहीं: कोहली ने सलाह दी कि सिर्फ बाउंड्री या बड़े शॉट्स के पीछे न भागें, बल्कि पूरे मैच को फिनिश करने की मानसिकता विकसित करें।
‘मैच फिनिशिंग’ है एक दुर्लभ हुनर
मुकुल ने साझा किया कि कोहली ने उनसे कहा, “बिना दबाव के तो कोई भी छक्का मार सकता है, लेकिन लगातार मैचों को फिनिश करना एक दुर्लभ हुनर है।” विराट की इस सलाह ने मुकुल के सोचने के तरीके को बदल दिया है, और अब उनका पूरा ध्यान एक ‘फिनिशर’ बनने पर केंद्रित है।
पडिक्कल को भी मिली थी कोहली से स्पष्टता
केवल मुकुल ही नहीं, बल्कि देवदत्त पडिक्कल ने भी पहले स्वीकार किया था कि आरसीबी में अपने शुरुआती दिनों में विराट कोहली के साथ बल्लेबाजी करना उनके लिए गेम-चेंजर साबित हुआ। कोहली के साथ क्रीज साझा करने से उन्हें पारी को संवारने (बिल्डिंग एन इनिंग्स) की कला समझने में बहुत मदद मिली, जिसने उनके खेल में अद्भुत स्पष्टता और सुधार ला दिया।
विराट कोहली का यह व्यवहार साबित करता है कि वह क्यों खेल के महानतम खिलाड़ियों में से एक हैं, जो अपनी सफलता के मंत्रों को आने वाली पीढ़ियों के साथ साझा करने में हमेशा आगे रहते हैं।
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