धर्म डेस्क: साल 2026 की शुरुआत खगोलीय और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद हलचल भरी होने वाली है। फरवरी और मार्च के महीने में मात्र 15 दिनों के अंतराल पर चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण का दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण की इस अवधि को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसका प्रभाव सीधे तौर पर मानव जीवन और राशियों पर पड़ता है। इस बार के ग्रहण कुछ राशियों के लिए ‘कुबेर का खजाना’ खोलने वाले साबित होंगे।
फरवरी-मार्च 2026 में ग्रहण का समय और दुर्लभ संयोग
साल 2026 का पहला ग्रहण 3 मार्च 2026 को पूर्ण चंद्र ग्रहण के रूप में लगेगा, जबकि इसके ठीक पहले और बाद की खगोलीय स्थितियां सूर्य ग्रहण की भूमिका तैयार करेंगी। 15 दिनों के भीतर इन दो ग्रहणों का होना वैश्विक स्तर पर बड़े बदलावों का संकेत है। हालांकि, सूतक काल और अन्य धार्मिक मान्यताओं के बीच 4 ऐसी भाग्यशाली राशियां हैं, जिन्हें इस दौरान जबरदस्त आर्थिक लाभ और करियर में उछाल देखने को मिलेगा।
इन 4 राशियों पर होगी धन की वर्षा
1. वृषभ राशि (Taurus): व्यापार में होगा बंपर प्रॉफिट
वृषभ राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण काल किसी वरदान से कम नहीं है। यदि आपका पैसा कहीं लंबे समय से फंसा हुआ है, तो वह वापस मिल सकता है। व्यापारियों के लिए निवेश का यह सबसे सटीक समय है, जिससे भविष्य में मोटा मुनाफा (Profit) होने के संकेत हैं।
2. सिंह राशि (Leo): पद-प्रतिष्ठा और प्रमोशन के योग
सिंह राशि वालों के लिए यह समय करियर में बड़ी छलांग लगाने का है। नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर उच्च अधिकारियों की प्रशंसा मिलेगी और प्रमोशन की प्रबल संभावनाएं बन रही हैं। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा और नई जिम्मेदारियां मिलेंगी।
3. कन्या राशि (Virgo): अचानक होगा धन लाभ
कन्या राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति में अचानक सुधार देखने को मिलेगा। पैतृक संपत्ति से लाभ होने के योग हैं। अगर आप नया घर या वाहन खरीदने की सोच रहे हैं, तो ग्रहण के बाद का समय आपके लिए बेहद शुभ रहने वाला है।
4. कुंभ राशि (Aquarius): विदेश यात्रा और नए अवसर
कुंभ राशि वालों के लिए यह ग्रहण काल नए अवसरों के द्वार खोलेगा। जो लोग विदेश जाकर पढ़ाई या नौकरी करना चाहते हैं, उनकी इच्छा पूरी हो सकती है। आय के नए स्रोत बनेंगे जिससे बैंक बैलेंस में बढ़ोतरी होगी।
ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें?
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल में कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हैं ताकि नकारात्मक प्रभाव से बचा जा सके:
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दान पुण्य: ग्रहण के बाद अपनी राशि के अनुसार अनाज, तिल या वस्त्रों का दान करें।
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मंत्र जाप: ‘ॐ नमः शिवाय’ या ‘महामृत्युंजय मंत्र’ का जाप करना शुभ होता है।
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भोजन: सूतक काल शुरू होने से पहले खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते जरूर डालें।
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