
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां और उनसे जुड़े ट्रस्टों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी (Mohammad Ali Jauhar University) और आजम खां के करीबियों के विभिन्न ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने एक साथ बड़े पैमाने पर छापेमारी की। केंद्रीय जांच एजेंसी की यह पड़ताल सुबह से शुरू होकर देर रात तक यानी लगातार 16 घंटे तक चली।
छापेमारी के दौरान केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CRPF) के कड़े सुरक्षा घेरे में ईडी के अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी परिसर के प्रशासनिक भवनों, वित्त विभाग, कुलसचिव कार्यालय और ट्रस्ट से जुड़े दफ्तरों में एक-एक फाइल की बारीकी से जांच की। देर रात जांच पूरी करने के बाद ईडी की टीम कई महत्वपूर्ण वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, हार्ड ड्राइव और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सील कर अपने साथ ले गई।
जौहर ट्रस्ट की फंडिंग, जमीन खरीद और मनी लॉन्ड्रिंग पर केंद्रित रही जांच
ईडी सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दर्ज मामलों और यूनिवर्सिटी निर्माण के लिए जुटे फंड्स की जांच के सिलसिले में की गई है:
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विदेशी और अज्ञात फंडिंग की पड़ताल: जौहर ट्रस्ट को मिले करोड़ों रुपये के चंदे, सरकारी अनुदानों के कथित दुरुपयोग और देश-विदेश से ट्रांसफर हुई धनराशि के स्रोतों की विस्तृत जांच की गई।
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जमीन अधिग्रहण और खरीद-फरोख्त: यूनिवर्सिटी परिसर के विस्तार के लिए किसानों और सरकारी संपत्तियों के अधिग्रहण से संबंधित मूल राजस्व रिकॉर्ड और लीज डीड्स का मिलान किया गया।
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कर्मचारियों और प्रशासनिक अधिकारियों से पूछताछ: मैराथन तलाशी के दौरान यूनिवर्सिटी के अकाउंटेंट्स, वित्त अधिकारियों और प्रशासनिक स्टाफ से कई घंटे तक पूछताछ की गई और उनके बयान दर्ज किए गए।
कैंपस में रहा कड़ा पहरा, किसी के आने-जाने पर थी पूरी रोक
छापेमारी शुरू होते ही सुरक्षाबलों ने यूनिवर्सिटी के सभी मुख्य द्वारों को अपने नियंत्रण में ले लिया था। 16 घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान परिसर में किसी भी बाहरी व्यक्ति, छात्र या मीडियाकर्मियों के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई थी। अंदर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल फोन भी जांच पूरी होने तक जमा करा लिए गए थे।
देर रात जब ईडी के अधिकारी कई बक्सों में दस्तावेज और लैपटॉप लेकर रवाना हुए, तब जाकर परिसर में हलचल सामान्य हो सकी।
आजम खां परिवार की कानूनी मुश्किलें बरकरार
सपा नेता आजम खां, उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम पहले से ही जौहर यूनिवर्सिटी और जमीन से जुड़े कई दीवानी व आपराधिक मामलों में कानूनी प्रक्रियाओं का सामना कर रहे हैं।
कानूनी जानकारों का मानना है कि 16 घंटे की इस सघन तलाशी में ईडी द्वारा जब्त किए गए बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा के फॉरेंसिक विश्लेषण के बाद जांच एजेंसी आने वाले दिनों में ट्रस्ट से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों को समन भेजकर पूछताछ के लिए लखनऊ या दिल्ली मुख्यालय तलब कर सकती है।
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