अयोध्या। राम मंदिर में हाल ही में सामने आए चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक बहुत बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मंदिर की साख और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रामलला के VIP (विशेष) दर्शन पास की व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव कर दिया गया है। इस कड़े फैसले के तहत ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्र और गोपाल राव की रेफरेंस आईडी को फिलहाल सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है, जिससे उनके कोटे से जारी होने वाले विशेष पास पर पूरी तरह रोक लग गई है।
कब तक सामान्य होगी व्यवस्था? जानिए ऑनलाइन बुकिंग का हाल
ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, जब तक नई रेफरेंस आईडी जारी नहीं हो जाती, तब तक नए वीआईपी पास नहीं बनेंगे। हालांकि, एक हफ्ते पहले तक जारी हो चुके विशेष पास को वैध माना जा रहा है। आम श्रद्धालुओं के लिए राहत की बात यह है कि ऑनलाइन माध्यम से बनने वाले सामान्य दर्शन पास पहले की तरह चालू हैं। वर्तमान में स्थिति यह है कि रामलला की मुख्य आरती और परिवार आरती के पास 23 जुलाई तक पूरी तरह फुल हो चुके हैं। सुगम दर्शन के पास भी 21 जुलाई तक खाली नहीं हैं, केवल 22 और 23 जुलाई को कुछ चुनिंदा टाइम स्लॉट में सीटें बची हैं।
विवादों के बीच चर्चा में आई राम मंदिर के पुजारियों और सेवादारों की सैलरी
चढ़ावा चोरी के इस हाई-प्रोफाइल मामले में मंदिर के ही कुछ कर्मचारियों का नाम आने के बाद अब ट्रस्ट के स्टाफ को मिलने वाला वेतन और सुविधाएं भी सुर्खियों में हैं। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार:
-
मुख्य व सहायक पुजारी: मंदिर में कुल 20 पुजारी हैं, जिन्हें उनके अनुभव के आधार पर ₹33,000 से ₹38,000 प्रति माह वेतन मिलता है। इनके रहने, खाने और चिकित्सा का खर्च भी ट्रस्ट उठाता है।
-
भंडारी और स्टोर मैनेजर: इन पदों पर कार्यरत स्टाफ को करीब ₹19,000 से ₹24,000 का मासिक वेतन दिया जा रहा है।
-
कैश काउंटिंग स्टाफ: रोजाना आने वाले करोड़ों के चढ़ावे की गिनती करने वाले कर्मचारियों को हर महीने करीब ₹20,000 सैलरी मिलती है। इन सभी सेवादारों को साप्ताहिक अवकाश (वीकली ऑफ) की सुविधा भी अनिवार्य रूप से दी जाती है।
The News 11 – ताज़ा हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया