तिरुवनंतपुरम/कोट्टायम (डिजिटल डेस्क): केरल में इबोला वायरस (Ebola Virus) का एक बेहद संवेदनशील और संदिग्ध मामला सामने आने के बाद राज्य का स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह सतर्क हो गया है। अफ्रीकी देश साउथ सूडान (South Sudan) से हाल ही में वापस लौटी एक महिला में इबोला जैसे गंभीर लक्षण दिखने के बाद हड़कंप मच गया है। एहतियात के तौर पर महिला को तुरंत कोट्टायम मेडिकल कॉलेज के विशेष आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
राज्य सरकार ने पहले ही वैश्विक स्तर पर फैल रहे इस खतरनाक वायरस को लेकर अस्पतालों को गाइडलाइंस जारी की थीं, जिसके तहत अफ्रीकी देशों से यात्रा कर लौटने वाले यात्रियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
कैसे सामने आया यह संदिग्ध मामला?
जानकारी के अनुसार, साउथ सूडान से लौटने के बाद महिला को तेज बुखार और इबोला से मिलते-जुलते कुछ अन्य शारीरिक लक्षण महसूस हुए।
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खुद पहुंची अस्पताल: महिला शुरुआती इलाज के लिए खुद ही एक निजी (प्राइवेट) अस्पताल पहुंची थी। जब डॉक्टरों ने उसकी ट्रैवल हिस्ट्री (यात्रा विवरण) खंगाली, तो पता चला कि वह हाल ही में अफ्रीका से आई है, जहां इस समय इबोला के कई मामले सक्रिय हैं।
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आइसोलेशन में शिफ्ट: अस्पताल प्रबंधन ने बिना वक्त गंवाए इसकी सूचना तुरंत राज्य स्वास्थ्य विभाग को दी। इसके बाद प्रशासनिक तत्परता दिखाते हुए महिला को आगे की गहन जांच और परीक्षण के लिए कोट्टायम मेडिकल कॉलेज के विशिष्ट वार्ड में आइसोलेट कर दिया गया।
घबराएं नहीं, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में: स्वास्थ्य मंत्री
मामले की गंभीरता को देखते हुए केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है।
स्वास्थ्य मंत्री का बयान: सूडान से लौटी महिला की शुरुआती जांच में कुछ संदिग्ध लक्षण जरूर मिले हैं, लेकिन फिलहाल चिंता या पैनिक करने की कोई बात नहीं है। महिला का ब्लड सैंपल (खून का नमूना) एडवांस टेस्टिंग के लिए लैब भेज दिया गया है। हम सभी को अंतिम रिपोर्ट का इंतजार करना होगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मामले की कड़ाई से निगरानी शुरू कर दी है।
ब्लड सैंपल की जांच और कांटेक्ट ट्रेसिंग शुरू
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, महिला के शरीर में इबोला वायरस की मौजूदगी है या नहीं, इसकी सटीक पुष्टि के लिए ब्लड सैंपल को टेस्ट लैब भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट एक से दो दिनों के भीतर आने की उम्मीद है। सावधानी के तौर पर स्वास्थ्य विभाग ने महिला के संपर्क में आए लोगों की एक ‘कांटेक्ट लिस्ट’ (संपर्क सूची) तैयार कर ली है और निगरानी प्रोटोकॉल (Surveillance Protocol) को एक्टिव कर दिया है।
आम बुखार और इबोला में कैसे पहचानें अंतर?
फेलिक्स ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के सीएमडी डॉक्टर डीके गुप्ता के अनुसार, किसी सामान्य बुखार और इबोला जैसे घातक वायरल फीवर के बीच अंतर का पता लगाने के लिए मरीज की ‘क्लीनिकल हिस्ट्री’ और ‘ट्रैवल हिस्ट्री’ सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती है। यदि कोई व्यक्ति ऐसे देशों या क्षेत्रों से यात्रा करके लौटा है जहां इबोला फैला हुआ है और वहां से आने के बाद उसमें लक्षण दिखते हैं, तो उसे तुरंत गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
क्या है इबोला वायरस और इसके मुख्य लक्षण?
इबोला एक अत्यंत गंभीर और जानलेवा वायरल बीमारी है। यह वायरस मुख्य रूप से संक्रमित इंसान या जानवर के ‘बॉडी फ्लूइड्स’ (जैसे लार, खून, पसीना या उल्टी) के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। इसके प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं:
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अचानक तेज बुखार आना और अत्यधिक थकान होना।
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मांसपेशियों में तेज दर्द और गंभीर सिरदर्द।
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उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत।
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बीमारी के गंभीर चरणों में शरीर के अंदरूनी और बाहरी हिस्सों से रक्तस्राव (Bleeding) होना।
स्वास्थ्य विभाग ने जोर देकर कहा है कि यह मामला अभी केवल एक ‘संदिग्ध’ (Suspected) केस है, इसलिए रिपोर्ट आने तक किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और सतर्क रहें।
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