नई दिल्ली (डिजिटल डेस्क): हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव को समर्पित माना गया है। मान्यता है कि यदि किसी व्यक्ति पर शनिदेव की शुभ दृष्टि पड़ जाए, तो उसकी किस्मत बदलते देर नहीं लगती और वह फर्श से अर्श तक पहुंच जाता है। शनिदेव को ‘मोक्ष प्रदाता’ भी कहा जाता है, जिन्हें यह वरदान स्वयं भगवान शिव ने दिया था।
यदि आप भी करियर में बार-बार आ रही रुकावटों से परेशान हैं या जीवन में कड़ा संघर्ष कर रहे हैं, तो वास्तु शास्त्र के अनुसार शनिवार के दिन कुछ विशेष उपाय करने से शनि के अशुभ प्रभाव कम होते हैं। आइए जानते हैं सफलता और सुख-समृद्धि पाने के लिए शनिवार के दिन कौन से वास्तु उपाय करने चाहिए।
1. पक्षियों को खिलाएं सतनाजा: मजबूत होगा शनि ग्रह
वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनिवार के दिन पक्षियों की सेवा करना अत्यंत फलदायी माना गया है।
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अचूक उपाय: शनिवार की सुबह नियमित रूप से पक्षियों के लिए छत या किसी साफ स्थान पर उड़द की दाल या सतनाजा (सात प्रकार का अनाज) डालना चाहिए। मान्यता है कि इस उपाय से कुंडली में शनि ग्रह की स्थिति मजबूत होती है और तरक्की के बंद रास्ते खुल जाते हैं।
2. जाले साफ करें और काले कपड़ों से बचें: दूर होगी तरक्की की बाधा
घर में जमा नकारात्मक ऊर्जा आपकी सफलता को रोक सकती है। इसके लिए शनिवार का दिन शुद्धिकरण के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है।
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अचूक उपाय: शनिवार के दिन अपने घर, दुकान या कार्यस्थल से मकड़ी के जाले जरूर साफ करने चाहिए। ऐसा करने से जीवन में आ रही अचानक बाधाएं दूर होती हैं। इसके अलावा, शनिवार को भूलकर भी काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए, क्योंकि वास्तु के अनुसार यह तरक्की में रुकावट का कारण बन सकते हैं।
3. छाया दान का महा-उपाय: दूर होगी आर्थिक तंगी
शनिदेव के प्रकोप और साढ़ेसाती के बुरे असर को कम करने के लिए छाया दान को शास्त्रों में सबसे अचूक माना गया है।
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अचूक उपाय: शनिवार के दिन एक कटोरी में सरसों का तेल लें, उसमें एक सिक्का डालें और फिर उस तेल में अपना चेहरा (छवि) देखें। इसके बाद इस तेल को किसी गरीब, जरूरतमंद या शनि मंदिर में दान कर दें। इस उपाय से शनिदेव अत्यंत प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
4. पितरों के नाम का दीपक: मिलेगी मानसिक शांति और तरक्की
शनिवार की शाम का समय आध्यात्मिक रूप से बहुत संवेदनशील और जागृत माना जाता है।
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अचूक उपाय: शनिवार की शाम को अपने घर के दक्षिण कोने में या मुख्य द्वार पर पितरों के नाम का एक दीपक (तिल या सरसों के तेल का) अवश्य जलाएं। इससे पितृ दोष शांत होता है, पितर प्रसन्न होते हैं और परिवार को सुख-शांति व सफलता का आशीर्वाद मिलता है।
5. मंदिर की सफाई और वाणी पर नियंत्रण: बढ़ेगा मान-सम्मान
घर के मंदिर का वास्तु सीधा हमारे भाग्य और मानसिक स्थिति से जुड़ा होता है।
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अचूक उपाय: शनिवार को घर के मंदिर में चढ़ाए गए सूखे फूल या पुरानी पूजा सामग्री को हटाकर किसी पीपल के पेड़ के नीचे रख दें या जल में प्रवाहित कर दें। साथ ही, इस दिन विशेष ध्यान रखें कि किसी को भी अपशब्द या कड़वे वचन न बोलें। कमजोर और जरूरतमंदों का अपमान करने से शनिदेव कुपित होते हैं।
विशेष वास्तु टिप: मुख्य द्वार पर न करें यह गलती
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार (Main Gate) का रंग कभी भी काला नहीं रखना चाहिए। मुख्य द्वार पर काला रंग होने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और परिवार के सदस्यों के जीवन में संघर्ष व मानसिक तनाव अनपेक्षित रूप से बढ़ जाता है।
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