डायबिटीज (Diabetes) यानी मधुमेह आज के समय में एक ऐसी साइलेंट किलर बीमारी बन चुकी है, जिससे हर तीसरा व्यक्ति परेशान है। इस बीमारी में सबसे ज्यादा सिरदर्द तब होता है, जब मरीज सालों-साल नियम से महंगी दवाइयां खाते हैं, परहेज करते हैं, फिर भी सुबह उठते ही जब वे शुगर चेक करते हैं, तो लेवल आसमान छू रहा होता है।
अगर आपके साथ भी ऐसा ही हो रहा है कि दवा लेने के बावजूद आपकी शुगर कंट्रोल में नहीं आ रही है, तो शायद कमी आपकी दवा में नहीं, बल्कि आपके शरीर की एक खास बनावट में है। मशहूर आयुर्वेद कंसल्टेंट डॉ. सुगंधा शर्मा के अनुसार, 13-14 सालों से लगातार दवा खा रहे मरीजों की शुगर भी सिर्फ 1 चीज पर ध्यान देने से न सिर्फ कंट्रोल में आ गई, बल्कि टाइप-2 डायबिटीज रिवर्सल की राह पर भी बढ़ गई। आइए जानते हैं डॉक्टर की इस बेहद कीमती सलाह के बारे में।
शुगर कंट्रोल करने की असली चाबी: ‘मसल मास’ (Muscle Mass)
डॉ. सुगंधा शर्मा बताती हैं कि यदि आपकी शुगर टस से मस नहीं हो रही है, तो आपको अपनी मसल ग्रोथ और मसल बिल्डिंग (मांसपेशियों को मजबूत बनाने) पर तुरंत ध्यान देना चाहिए।
आमतौर पर लोग शुगर होने पर सिर्फ वजन कम करने या पतले होने के पीछे भागते हैं, जिससे शरीर का फैट तो कम होता ही है, साथ ही बची-कुची मांसपेशियां भी घट जाती हैं। डॉक्टर के अनुसार, शरीर में जितनी अच्छी और मजबूत मांसपेशियां होंगी, ब्लड शुगर को कंट्रोल करना उतना ही चुटकियों का काम हो जाएगा।
ब्लड शुगर को कम करने में कैसे जादुई काम करती हैं मांसपेशियां?
चिकित्सीय और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, हमारे शरीर की मांसपेशियां (Muscles) खून में मौजूद ग्लूकोज (शुगर) को सोखने और उसका इस्तेमाल करने वाली सबसे बड़ी जगह (Glucose Sink) होती हैं।
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इंसुलिन की जरूरत नहीं: जब आप शारीरिक रूप से एक्टिव होते हैं और अपनी मांसपेशियों का इस्तेमाल करते हैं, तो वे बिना इंसुलिन के भी सीधे आपके खून से ग्लूकोज को अपनी ओर खींच लेती हैं और उसे एनर्जी (ऊर्जा) के रूप में जला देती हैं।
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कम मसल्स का नुकसान: यदि आपके शरीर में फैट ज्यादा है और मसल्स (मसल मास) बहुत कम हैं, तो आपका शरीर ग्लूकोज का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता। नतीजा यह होता है कि आप चाहे कितनी भी दवा खा लें, ग्लूकोज खून में ही तैरता रहता है और शुगर लेवल हमेशा बढ़ा हुआ आता है।
बिना जिम जाए घर पर ही मसल मास बढ़ाने के 3 आसान तरीके
डॉ. सुगंधा के अनुसार, मसल्स बिल्डिंग का मतलब यह कतई नहीं है कि आपको बॉडी बिल्डर बनना है। इसके लिए आप घर पर ही कुछ आसान एक्सरसाइज से शुरुआत कर सकते हैं:
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स्क्वाट्स (उठक-बैठक): यह हमारी जांघों और हिप्स की बड़ी मांसपेशियों को एक्टिव करता है, जो सबसे ज्यादा शुगर सोखती हैं।
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पुश-अप्स: इससे आपके ऊपरी शरीर, चेस्ट और हाथों की मसल्स मजबूत होती हैं।
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डेड हैंग (दिवार या रॉड पर लटकना): किसी मजबूत रॉड या ग्रिल को पकड़कर कुछ सेकंड लटकें। इससे आपकी ग्रिप और रीढ़ की हड्डी के पास की मसल्स एक्टिव होती हैं।
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महिलाओं के लिए विशेष नोट: महिलाओं में उम्र बढ़ने के साथ मसल मास बहुत तेजी से घटता है। इसलिए महिलाओं को अपनी मांसपेशियों को मजबूत करने पर खास ध्यान देना चाहिए। इससे न सिर्फ शुगर कंट्रोल होगी, बल्कि पीसीओडी (PCOD) और थॉयरॉयड जैसे हार्मोनल असंतुलन भी ठीक होंगे।
डाइट में शामिल करें पर्याप्त प्रोटीन
मसल्स को बढ़ाने के लिए सिर्फ एक्सरसाइज काफी नहीं है, उन्हें सही ईंधन यानी प्रोटीन (Protein) देना भी बेहद जरूरी है। अपनी रोज की थाली में इन चीजों को जरूर जगह दें:
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शाकाहारी विकल्प: दालें, पनीर, दही, सोयाबीन, काले चने, छोले, राजमा और टोफू।
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मांसाहारी विकल्प: अंडा और लीन चिकन।
महत्वपूर्ण चेतावनी (Health Expert Advice): हर डायबिटीज मरीज की शारीरिक स्थिति और किडनी फंक्शन अलग-अलग होते हैं। इसलिए, अपनी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने या कोई भी नया हैवी एक्सरसाइज रूटीन शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या रजिस्टर्ड डायटीशियन से परामर्श जरूर लें।
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