
भारत सरकार ने देश के दूरदर्शी ‘विजन 2047’ (Vision 2047) को सफलतापूर्वक साकार करने की दिशा में एक बेहद ऐतिहासिक और बड़ा कदम उठाया है। देश में बहुआयामी संपर्क को मजबूत करने, बुनियादी ढांचे की दक्षता में उल्लेखनीय सुधार लाने, लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी करने और वैश्विक स्तर पर भारत की लॉजिस्टिक्स प्रतिस्पर्धा क्षमता को और अधिक बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक अलग एकीकृत प्राधिकरण के गठन को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में ‘इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी’ (ITLA) की स्थापना को हरी झंडी दिखाई गई है। यह नया प्राधिकरण प्रशासनिक रूप से वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन रहकर कार्य करेगा। सरकार का यह कदम देश के परिवहन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए उठाया गया है।
सरकार द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस नए प्राधिकरण को बनाने का मुख्य उद्देश्य परिवहन से जुड़े विभिन्न मंत्रालयों और सरकारी एजेंसियों के बीच बिखरी हुई योजनाओं तथा उनके क्रियान्वयन में आने वाली प्रमुख प्रशासनिक चुनौतियों का एक ही मंच पर समाधान करना है।
यह राष्ट्रीय शीर्ष संस्था एकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक्स योजना, अनुसंधान, परियोजनाओं के तकनीकी मूल्यांकन, उनकी सतत निगरानी, नीतिगत समर्थन और सटीक डेटा विश्लेषण के लिए देश के सर्वोच्च निकाय के रूप में कार्य करेगी। यह संस्था कम से कम दस वर्ष या उससे अधिक की व्यापक योजना अवधि को ध्यान में रखते हुए एक मजबूत ‘राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान’ तैयार करेगी, जिसके दायरे में सड़कें, रेलवे, बंदरगाह और जहाजरानी, नागर विमानन, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय जहाजरानी, शहरी गतिशीलता और आधुनिक लॉजिस्टिक्स व्यवस्था पूरी तरह से शामिल होंगी।
नया एकीकृत प्राधिकरण (ITLA) परिवहन से जुड़े विभिन्न मंत्रालयों की अल्पकालिक क्षेत्रीय योजनाओं (लगभग पांच वर्ष) और वार्षिक योजनाओं का गहराई से मूल्यांकन करेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी कार्य राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान की सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
इसके अलावा, यह संस्था भारत सरकार की 500 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत वाली प्रमुख अवसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन भी करेगी, जबकि इन परियोजनाओं का वित्तीय मूल्यांकन मौजूदा वित्तीय तंत्र के माध्यम से ही किया जाता रहेगा। यह प्राधिकरण इन बड़ी परियोजनाओं के कार्यान्वयन की कड़ी निगरानी करेगा, जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए एक समन्वित तंत्र प्रदान करेगा और परियोजनाओं के पूरा होने के बाद उनके वास्तविक प्रभाव का आकलन भी करेगा।
इस व्यवस्था को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए आईटीएलए (ITLA) जीएसटीएन ई-वे बिल, फास्टैग, वाहन पोर्टल, जीपीएस-आधारित प्रणालियों, शहरी यातायात प्रबंधन प्रणालियों और अन्य प्रासंगिक डेटाबेस जैसे तमाम महत्वपूर्ण स्रोतों से परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ा डेटा प्राप्त करेगा। इन सभी स्रोतों के जरिए एक विशाल और एकीकृत ‘राष्ट्रीय परिवहन डेटा भंडार’ (National Transport Data Repository) का निर्माण किया जाएगा, जिसकी मदद से भविष्य की नीतियों की योजना बनाने और उनकी निगरानी करने में बड़ी आसानी होगी।
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