
उप मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में 6, 7 एवं 8 नवंबर को प्रयागराज से श्रृंगवेरपुर धाम तक निःशुल्क बस सेवा का संचालन दीपोत्सव में सम्मिलित होने वाले श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सुविधा होगी। इससे श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने तथा अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने कहा कि प्रयागराज की पहचान केवल एक प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में ही नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक परंपराओं और धार्मिक आस्था के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी है। भारद्वाज आश्रम और श्रृंगवेरपुर धाम इस गौरवशाली विरासत के प्रमुख प्रतीक हैं। इन स्थलों पर दीपोत्सव का आयोजन हमारी सनातन परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर है।
धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को भव्यता के साथ प्रस्तुत करने पर जोर
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन आने वाली पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति और भगवान श्रीराम से जुड़ी ऐतिहासिक एवं धार्मिक परंपराओं से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। दीपोत्सव के माध्यम से इन पवित्र स्थलों की धार्मिक महत्ता को व्यापक पहचान मिलती है तथा स्थानीय स्तर पर धार्मिक पर्यटन, जनसहभागिता और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलता है। श्री मौर्य ने यह भी निर्देश दिए कि कार्यक्रमों से संबंधित सभी विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का समयबद्ध निर्वहन करें। किसी भी महत्वपूर्ण व्यवस्था में कमी न रहे और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित कर ली जाए। उन्होंने तैयारियों की नियमित समीक्षा करने तथा आयोजन से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता, तत्परता और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने पर बल दिया।
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