बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के ग्रामीण अंचलों में आवागमन को सुगम बनाने और सिंचाई तंत्र को मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। शासन ने जिले की दो बेहद महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा (Infrastructure) परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन कार्यों के लिए कुल 22 करोड़ 21 लाख 92 हजार रुपये की भारी-भरकम वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।
इस सरकारी फैसले के तहत दरियाबाद समानांतर शाखा पर दो जर्जर कदम पुलों का पुनर्निर्माण किया जाएगा, जबकि प्रतापगंज रजबहा के आंतरिक सुधार के साथ-साथ एक क्षतिग्रस्त पुलिया का कायाकल्प होगा। इन परियोजनाओं के पूरा होने से बाराबंकी के तीन दर्जन से अधिक गांवों की करीब डेढ़ लाख से अधिक आबादी को सीधा फायदा पहुंचेगा। राहत की बात यह है कि धरातल पर पुलों का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
दरियाबाद समानांतर नहर पर बनेंगे दो नए कदम पुल
दरियाबाद समानांतर शाखा नहर पर बने दो प्रमुख कदम पुल लंबे समय से बेहद जर्जर स्थिति में थे, जिससे हर समय बड़े हादसे का डर बना रहता था। इसमें पहला पुल ग्राम बनियान के पास स्थित है, जिसका इस्तेमाल भगौली, पलखा, गौरा, गजनी, थाल, खलीनगर और ससैलखिया जैसे दर्जनों गांवों के लोग मुख्य मार्ग से जुड़ने के लिए करते हैं।
वहीं, इसी नहर पर बना दूसरा अचैचा कदम पुल भी पूरी तरह बदहाल हो चुका था। इस पुल से मिठवारा, लहसी, भुंड, चक, कसियापुर और घतवापुर आदि गांवों के ग्रामीणों का चौबीसों घंटे आना-जाना लगा रहता है। इसके अतिरिक्त इसी नहर पर स्थित तालगांव का पुल भी काफी समय से जर्जर है।
₹12.50 करोड़ से शुरू हुआ खुदाई और पुनर्निर्माण का काम
ग्रामीणों, किसानों, राहगीरों और स्कूली छात्रों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने बनियाल और अचैचा पुल के नए सिरे से पुनर्निर्माण को हरी झंडी दी है। इसके लिए शासन की ओर से ₹12 करोड़ 50 लाख की राशि आवंटित की गई है। दोनों पुलों के मजबूत फाउंडेशन (नींव) के निर्माण के लिए धरातल पर खोदाई और पुराने ढांचों को तोड़ने का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है, जिससे स्थानीय निवासियों और किसानों में भारी उत्साह है।
प्रतापगंज रजबहा का भी बदलेगा स्वरूप, सिंचाई होगी आसान
सरकार ने केवल पुलों का ही नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रतापगंज रजबहा के आंतरिक सेक्शन सुधार, खड़ंजा निर्माण और किमी 17.250 पर स्थित एक क्षतिग्रस्त पुलिया के पुनर्निर्माण को भी मंजूरी दे दी है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 9 करोड़ 71 लाख 92 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।
इस योजना के धरातल पर उतरने से प्रतापगंज रजबहा के सिंचाई नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी, जिससे टेल (नहर के अंतिम छोर) तक पानी का प्रवाह बेहतर होगा। इससे किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए समय पर पर्याप्त पानी मिल सकेगा, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सालों पुरानी समस्या से मिलेगी मुक्ति: सिंचाई विभाग
स्थानीय ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि नहरों और पुलों की बदहाली के कारण वे वर्षों से कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। इस नई सौगात से ग्रामीण संपर्क मार्ग सुरक्षित और सुगम हो जाएंगे।
मामले की जानकारी देते हुए सिंचाई विभाग (लखनऊ प्रखण्ड) के अधीक्षण अभियंता इंजी. भानु प्रताप सिंह ने बताया कि शासन से बजट मिलते ही नहरों पर पुल निर्माण का काम युद्धस्तर पर शुरू करा दिया गया है। चिन्हित स्थानों पर खुदाई के साथ-साथ पुराने जर्जर पुलों को हटाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा कुछ विशेष पॉइंट पर रेगुलेटर और नहर की पटरियों (बैंक) की मरम्मत का काम भी साथ-साथ पूरा किया जा रहा है।
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