आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में खाना खाते समय मोबाइल स्क्रॉल करना या टीवी देखना एक आम ट्रेंड बन चुका है। कई लोग तो ऐसे हैं जिन्हें बिना स्क्रीन के निवाला गले से नीचे ही नहीं उतरता। अगर आप भी इसी फेहरिस्त में शामिल हैं, तो ठहर जाइए! आपकी यह छोटी सी आदत आपके स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि आपके घर की सुख-समृद्धि को भी सीधे तौर पर प्रभावित कर रही है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, भोजन करते समय स्क्रीन से चिपके रहना सीधे तौर पर बड़े वास्तु दोष को न्योता देना है। आइए जानते हैं कि यह आदत आपके जीवन को किस तरह नुकसान पहुंचा रही है।
क्यों पवित्र माना गया है भोजन का समय?
वास्तु शास्त्र में भोजन करने के समय को बेहद पवित्र और सकारात्मक ऊर्जा ग्रहण करने का काल माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, जब हम शांत और एकाग्र मन से भोजन करते हैं, तो भोजन की सकारात्मक ऊर्जा सीधे हमारे शरीर और मस्तिष्क में समाती है। भोजन का यह समय परिवार के साथ जुड़ने और प्रकृति का आभार मानने का होता है, न कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में उलझने का।
घर की सकारात्मक ऊर्जा पर ब्रेक
जब आप डाइनिंग टेबल या बिस्तर पर बैठकर खाना खाते समय मोबाइल या टीवी चालू रखते हैं, तो उनसे निकलने वाली नीली रोशनी और इलेक्ट्रॉनिक तरंगें (Electromagnetic Waves) आसपास के माहौल को प्रभावित करती हैं। वास्तु विशेषज्ञों के मुताबिक, ये तरंगें घर की सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को रोकती हैं और वास्तु दोष पैदा करती हैं। यही वजह है कि कई बार भरपेट और पौष्टिक खाना खाने के बाद भी शरीर में थकान और भारीपन बना रहता है।
फैसले लेने की क्षमता होती है कमजोर
स्क्रीन पर नजरें टिकाकर खाना खाने से सीधा नुकसान आपकी एकाग्रता को होता है। जब ध्यान भोजन पर न होकर वीडियो या न्यूज पर होता है, तो मस्तिष्क को तृप्ति का सही संकेत नहीं मिल पाता। लंबे समय तक ऐसा करने से व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता (Decision Making Power) कमजोर होने लगती है। मन में हर वक्त एक बिखराव और अशांति महसूस होती है, जिससे आपकी दैनिक कार्यक्षमता प्रभावित होती है।
लक्ष्मी जी की नाराजगी और आर्थिक तंगी का खतरा
भारतीय संस्कृति और वास्तु शास्त्र में अन्न को देवता और भोजन के समय को माता लक्ष्मी के सम्मान से जोड़कर देखा जाता है। खाते समय टीवी या मोबाइल में खोए रहना अन्न का अनादर माना गया है। मान्यता है कि इस लापरवाही से घर में धन की आवक प्रभावित होती है और आर्थिक अस्थिरता (Financial Instability) का सामना करना पड़ सकता है। यदि कड़ी मेहनत के बाद भी बरकत नहीं हो रही है, तो अपनी इस आदत पर जरूर गौर करें।
अपनों के बीच बढ़ती दूरियां
भोजन की मेज कभी पूरे परिवार को एक सूत्र में पिरोने का काम करती थी। लेकिन आज डिजिटल स्क्रीन ने इस खूबसूरत पल को छीन लिया है। जब परिवार का हर सदस्य खाते समय अपनी स्क्रीन में व्यस्त रहता है, तो आपसी संवाद पूरी तरह खत्म हो जाता है। इससे रिश्तों में भावनात्मक दूरी (Emotional Distance) बढ़ने लगती है, जिसका सीधा असर बच्चों के संस्कारों और बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है।
धीमा जहर बन रही है यह डिजिटल लत
सिर्फ वास्तु ही नहीं, बल्कि आधुनिक विज्ञान भी इसे सेहत के लिए बेहद खतरनाक मानता है। स्क्रीन देखते हुए खाने से इंसान जरूरत से ज्यादा खा लेता है (Overeating), जिससे मोटापा, एसिडिटी और पाचन तंत्र से जुड़ी गंभीर बीमारियां जन्म लेती हैं। जब तक मन शांत न हो, तब तक खाया गया भोजन शरीर को उचित पोषण नहीं दे पाता।
आज ही अपनाएं ये वास्तु टिप्स, बदलेगी किस्मत
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स्क्रीन को कहें बाय-बाय: भोजन करते समय मोबाइल को पूरी तरह दूर रखें और टीवी बंद कर दें।
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आभार व्यक्त करें: निवाला मुंह में डालने से पहले अन्न देवता और ईश्वर का धन्यवाद करें।
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संवाद बढ़ाएं: डाइनिंग एरिया को पूरी तरह से डिजिटल-फ्री जोन बनाएं और परिवार के साथ बातचीत करें।
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दिशा का रखें ध्यान: वास्तु के अनुसार, हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके ही भोजन करें, इससे सकारात्मकता बढ़ती है।
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