
वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को ऊर्जा, भूमि, भवन, साहस, वीरता, तकनीक और नेतृत्व क्षमता का मुख्य कारक माना जाता है। जब भी मंगल देव अपनी राशि बदलते हैं, तो संपूर्ण मानव जीवन, अर्थव्यवस्था और व्यापार पर इसका सीधा और गहरा असर देखने को मिलता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, मंगल देव अपनी नीच राशि ‘कर्क’ (Cancer) में गोचर करने वाले हैं। सामान्य तौर पर जब भी कोई ग्रह अपनी नीच राशि में जाता है, तो उसे कमजोर माना जाता है और ऐसा समझा जाता है कि वह शुभ फलों में कमी लाएगा। लेकिन ज्योतिष के गूढ़ नियमों के अनुसार, नीच राशि में मंगल का प्रवेश हर राशि के लिए नुकसानदायक नहीं होता।
कुछ विशेष लग्न और राशियों के लिए मंगल का यह गोचर ‘नीचभंग राजयोग’ (Neechbhanga Rajyoga) का निर्माण करता है। जब किसी कुंडली में नीच ग्रह का दोष समाप्त हो जाता है, तो वह अत्यंत शक्तिशाली राजयोग का रूप ले लेता है। ऐसे में यह गोचर 3 खास राशियों के जीवन में अचानक बड़ा धन लाभ, करियर में ऊंची छलांग और रुकी हुई योजनाओं को गति देने वाला साबित होगा। आइए, एक रिपोर्टर के नजरिए और ज्योतिषाचार्यों के सटीक विश्लेषण के आधार पर जानते हैं कि वे 3 भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं जिनकी किस्मत इस गोचर से चमकने वाली है।
नीचभंग राजयोग का कमाल: इन 3 राशियों को मिलेगा भाग्य का पूरा साथ
मंगल का यह गोचर मुख्य रूप से उन राशियों के लिए वरदान बनने जा रहा है जिनकी कुंडली में मंगल एकादश (लाभ भाव), दशम (कर्म भाव) या सप्तम (केंद्र भाव) से शुभ संबंध स्थापित कर रहे हैं। इस समय बनने वाले शुभ योगों के कारण इन जातकों को नौकरी, व्यापार, संपत्ति और सामाजिक प्रतिष्ठा में अप्रत्याशित सफलता हासिल होगी।
1. कन्या राशि (Virgo): एकादश भाव में गोचर से छप्परफाड़ धन लाभ
कन्या राशि के जातकों के लिए मंगल का यह गोचर ग्यारहवें (लाभ) भाव में होने जा रहा है। वैदिक ज्योतिष में ग्यारहवां भाव इच्छा पूर्ति, आय में वृद्धि और बड़े भाई-बहनों के सहयोग का प्रतीक माना जाता है। जब मंगल इस भाव में अपनी नीच राशि में भी होते हैं, तब भी वे अत्यंत शुभ और तीव्र फल प्रदान करते हैं। इस दौरान आपके आय के एक से अधिक साधन बन सकते हैं। यदि आप लंबे समय से किसी नए बिजनेस प्रोजेक्ट या फ्रीलांसिंग काम में हाथ आजमाने की सोच रहे थे, तो यह समय आपके लिए सबसे सटीक साबित होगा। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति के साथ-साथ वेतन वृद्धि का लाभ मिल सकता है। जो जातक रियल एस्टेट, प्रॉपर्टी डीलिंग, निर्माण कार्य या तकनीकी क्षेत्र (IT & Engineering) से जुड़े हैं, उन्हें कोई बड़ी और लाभदायक डील हाथ लग सकती है। शेयर बाजार या पुराने निवेश से भी अचानक वित्तीय लाभ के योग बन रहे हैं।
2. तुला राशि (Libra): दशम कर्म भाव में कुलदीपक योग और करियर में ऊंची उड़ान
तुला राशि के जातकों के लिए मंगल का यह गोचर दशम (कर्म) भाव में होगा। ज्योतिष में दशम भाव करियर, राज्य, सत्ता और पिता का स्थान माना जाता है। भले ही मंगल यहां अपनी नीच राशि में हों, लेकिन दशम भाव में उन्हें ‘दिशा बल’ (Directional Strength) प्राप्त होता है। इसके साथ ही, केंद्र और त्रिकोण के शुभ प्रभावों के कारण नीचभंग राजयोग का निर्माण होगा। यह योग तुला राशि के जातकों को करियर में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यदि आप सरकारी नौकरी, प्रशासनिक सेवाओं या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो आपको अपनी मेहनत का शानदार परिणाम मिलेगा। कार्यस्थल पर आपके वरिष्ठ अधिकारी आपके काम और निर्णयों की तारीफ करेंगे। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा और पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई पुराना विवाद आपके पक्ष में हल हो सकता है।
3. मकर राशि (Capricorn): सप्तम भाव में राजयोग और व्यापार में ऐतिहासिक सफलता
मकर राशि का स्वामी ग्रह शनि है, और मकर मंगल ग्रह की उच्च राशि मानी जाती है। जब मंगल मकर राशि से सप्तम (केन्द्र) भाव में गोचर करेंगे, तो वे मकर राशि के जातकों के लिए अत्यंत प्रभावशाली रहेंगे। सप्तम भाव व्यापार, साझेदारी और दांपत्य जीवन का कारक होता है। इस गोचर काल में व्यापारियों के लिए नए बाजार और नए ग्राहक जुड़ने की संभावनाएं बनेंगी। यदि आप विदेश से जुड़ा कोई व्यापार करते हैं या इंपोर्ट-एक्सपोर्ट के काम में हैं, तो आपको बड़ा मुनाफा हो सकता है। आपके पार्टनर के साथ रिश्ते मजबूत होंगे और यदि कोई मनमुटाव चल रहा था, तो वह दूर हो जाएगा। नौकरीपेशा जातकों को विदेश यात्रा या किसी बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) से मनचाहा जॉब ऑफर मिल सकता है। आपकी कार्यशैली में निखार आएगा और आपका आत्मविश्वास चरम पर रहेगा।
मंगल ग्रह के नकारात्मक प्रभाव से बचाव और शुभता बढ़ाने के अचूक उपाय
यद्यपि यह गोचर इन 3 राशियों के लिए बेहद शुभ रहने वाला है, फिर भी मंगल एक उग्र ग्रह है। अपनी नीच राशि में होने के कारण कभी-कभी जल्दबाजी या अत्यधिक उत्साह में गलत फैसले लेने की आशंका बनी रहती है। इसलिए मंगल देव का आशीर्वाद प्राप्त करने और किसी भी संभावित नुकसान से बचने के लिए ज्योतिष शास्त्र में बताए गए निम्नलिखित उपायों को अवश्य अपनाएं:
प्रतिदिन या विशेष रूप से मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें। हनुमान जी की पूजा करने से मंगल का नीच दोष पूरी तरह शांत हो जाता है और व्यक्ति के भीतर निडरता तथा सही निर्णय लेने की क्षमता आती है। मंगलवार के दिन लाल मसूर की दाल, गुड़, तांबे का बर्तन या लाल कपड़े का दान किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को करें। मंगलवार के दिन गेहूं और गुड़ से बनी मिठाई का दान करने से भी शुभ परिणाम मिलते हैं। अपने जीवनसाथी, छोटे भाइयों और सहकर्मियों के साथ अपने मधुर संबंध बनाकर रखें। बेवजह के गुस्से और कटु वाणी से बचें, क्योंकि गुस्सा मंगल के नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाता है। शिवलिंग पर तांबे के लोटे से जल अर्पित करें और उसमें थोड़ा सा लाल चंदन या गुलाब की पत्तियां मिलाएं। ‘ॐ भौमाय नमः’ या ‘ॐ अं अंगारकाय नमः’ मंत्र का 108 बार नियमित रूप से जाप करें।
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