एशियन गेम्स में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने वाली स्टार एथलीट स्वप्ना बर्मन इन दिनों बेहद कठिन दौर से गुजर रही हैं। हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के टिकट पर चुनाव लड़ने और हार का सामना करने के बाद से उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब उनके राजनीति में आने के फैसले पर भी सवाल उठने लगे हैं।
ताजा मामला उनके घर में लगी संदिग्ध आग और अपनों से मिल रही बेरुखी से जुड़ा है, जिसने इस चैंपियन खिलाड़ी को झकझोर कर रख दिया है।
घर में लगी आग पर गुंडों का आरोप, थाने पहुंचीं अकेले
टेलीग्राफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार रात जलपाईगुड़ी स्थित स्वप्ना बर्मन के घर में अचानक आग लग गई, जिससे घर को काफी नुकसान पहुंचा है। इस घटना के बाद स्वप्ना बेहद डरी और परेशान हैं।
- गुंडों पर लगाया आरोप: स्वप्ना का सीधा आरोप है कि कुछ गुंडों ने जानबूझकर उनके घर में आग लगाई थी।
- अकेले पहुंचीं थाना: शनिवार को वह इस मामले की शिकायत दर्ज कराने जलपाईगुड़ी की कोतवाली पुलिस के पास पहुंचीं। हैरान करने वाली बात यह रही कि इस संकट के समय उनके साथ टीएमसी का कोई भी स्थानीय नेता या कार्यकर्ता मौजूद नहीं था।
हालांकि, घटना के बाद शनिवार को ही टीएमसी नेता महुआ गोपी, प्रकाश सी बराईक और अष्टमी रॉय ने उनके घर जाकर उनसे मुलाकात की। प्रकाश ने कहा, “हमारे शीर्ष नेताओं के निर्देश पर हम स्वप्ना से मिले। चुनाव में हार-जीत चलती रहती है, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि स्वप्ना हमारे देश की अनमोल संपत्ति हैं।”
“पता होता राजनीति में इतना दर्द है, तो कभी नहीं आती”
इस पूरे घटनाक्रम और चुनावी नतीजों के बाद स्वप्ना बर्मन का दर्द सरेआम छलक पड़ा। फरवरी 2026 में टीएमसी में शामिल होने वाली स्वप्ना को पार्टी ने खगेश्वर रॉय की जगह रायगंज विधानसभा सीट से मैदान में उतारा था, जहां उन्हें भाजपा के दिनेश सरकार से 21 हजार वोटों से हार का सामना करना पड़ा।
अपनी स्थिति पर बात करते हुए स्वप्ना ने कहा:”मैं इस समय अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हूं। मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि राजनीति में इतना दर्द मिलता है, वरना मैं कभी भी राजनीति के दलदल में कदम नहीं रखती।”
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चुनावी हार के बाद उनके कुछ करीबियों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने भी उनसे दूरी बना ली है। अपने भविष्य को लेकर उन्होंने कहा, “मैं हमेशा स्पोर्ट्स की दुनिया में रही हूं, जहां का संघर्ष अलग है, लेकिन राजनीति बिल्कुल अलग है। मुझे संघर्ष करके सफल होना आता है, फिलहाल मुझे सोचने दीजिए कि आने वाले दिनों में मुझे क्या करना है।”
रेलवे की नौकरी छूटी और एशियन गेम्स से भी हुईं बाहर; बढ़ सकती है आर्थिक किल्लत
स्वप्ना के करीबियों और सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट (Financial Crisis) खड़ा हो सकता है:
- नौकरी और चुनाव दोनों हाथ से निकले: चुनाव लड़ने की वैधानिक बाध्यता के कारण स्वप्ना बर्मन को अपनी सुरक्षित रेलवे की सरकारी नौकरी से इस्तीफा देना पड़ा था। अब नौकरी जा चुकी है और विधानसभा चुनाव में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा है।
- एशियन गेम्स का सपना भी टूटा: खेल के मोर्चे पर भी उन्हें बड़ा झटका लगा है। पारिवारिक और चुनावी व्यस्तताओं के कारण वह आगामी अगस्त में होने वाले एशियन गेम्स के दो महत्वपूर्ण क्वालीफाइंग राउंड में हिस्सा नहीं ले पाईं। इसका मतलब है कि अब इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए उन्हें कम से कम दो साल का लंबा इंतजार करना होगा।
इन परिस्थितियों के बीच सूत्रों का कहना है कि आग की घटना के बाद से स्वप्ना ने खुद को पार्टी की गतिविधियों से पूरी तरह दूर कर लिया है और वह फिलहाल किसी स्थानीय नेता के फोन का जवाब भी नहीं दे रही हैं।
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