लखनऊ में बिजली संकट पर महाबवाल: भड़की भीड़ ने उपकेंद्र घेरा, गेट पर ताला जड़कर भागे बिजलीकर्मी, सड़क पर चक्का जाम

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली संकट ने विकराल रूप धारण कर लिया है। अघोषित बिजली कटौती, अंडरग्राउंड केबल फॉल्ट, ओवरलोडिंग और ट्रांसफार्मर फुंकने की घटनाओं से त्रस्त जनता के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। रविवार की आधी रात को लेसा (LESA) के अपट्रॉन उपकेंद्र पर गुस्साए उपभोक्ताओं ने धावा बोल दिया, जिसके बाद उपकेंद्र पर ताला जड़कर कर्मचारियों को मौके से भागना पड़ा।

हंगामे की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और आक्रोशित भीड़ को बमुश्किल शांत कराया। शहर के कई अन्य बड़े इलाकों में भी ब्रेकडाउन और शॉर्ट सर्किट के कारण घंटों बत्ती गुल रही, जिससे पानी का गंभीर संकट भी खड़ा हो गया है।

मध्यरात्रि में केबल फॉल्ट के बाद भड़का जन-आक्रोश

पूरा मामला लेसा के अपट्रॉन उपकेंद्र के एलडीए फीडर से जुड़ा है। रविवार रात करीब 12 बजे अचानक अंडरग्राउंड केबल में फॉल्ट आ गया, जिससे एक बहुत बड़े इलाके की बिजली गुल हो गई। तपती गर्मी से बेहाल लोगों ने पहले बिजली विभाग के टोल-फ्री नंबर 1912 पर दर्जनों शिकायतें दर्ज कराईं और अधिकारियों को फोन किए।

जब कहीं से कोई राहत नहीं मिली, तो सैकड़ों की संख्या में उपभोक्ता सड़कों पर उतर आए और अपट्रॉन उपकेंद्र को चारों तरफ से घेर लिया। उग्र भीड़ और बिजलीकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। माहौल को हाथ से निकलता देख एसएसओ ने आनन-फानन में मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और कर्मचारी मौके से खिसक गए।

सड़क पर सीढ़ी लगाकर चक्का जाम, 3 बजे बहाल हुई आपूर्ति

कर्मचारियों के इस रवैये ने आग में घी का काम किया। नाराज उपभोक्ताओं ने उपकेंद्र के बाहर सड़क पर सीढ़ी लगाकर चक्का जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन लोग तुरंत बिजली चालू करने की मांग पर अड़े रहे। अधिशासी अभियंता के अनुसार, कड़ी मशक्कत के बाद रात करीब 3 बजे केबल फॉल्ट को ठीक कर आपूर्ति बहाल की जा सकी।

आरडीएसओ उपकेंद्र ठप, 40 हजार की आबादी पानी को तरसी

बिजली का यह संकट केवल एक इलाके तक सीमित नहीं रहा। शाम 7:15 बजे आरडीएसओ टिकैतराय तालाब ट्रांसमिशन में खराबी आने से पूरा सिस्टम ठप हो गया। इसके चलते विक्रमनगर, तेजीखेड़ा, लक्ष्मण विहार, नॉर्थ रेलवे कॉलोनी और सूर्य नगर सहित कई पॉश इलाकों में पूरी तरह अंधेरा छा गया। बिजली गायब होने से घरों में पानी की मोटरें नहीं चल सकीं, जिससे करीब 40 हजार की आबादी के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया। बाद में मोहान रोड ट्रांसमिशन से बिजली डायवर्ट कर सप्लाई शुरू की गई।

ट्रांसफार्मर में लगी भीषण आग, सीएचसी में चिकित्सा सेवाएं ठप

  • माल क्षेत्र में हादसा: माल क्षेत्र के पतौना गांव के मुख्य चौराहे पर रविवार शाम एक ट्रांसफार्मर में अचानक भीषण आग लग गई। लपटें इतनी तेज थीं कि पास खड़ी एक मोटरसाइकिल जलकर पूरी तरह राख हो गई।

  • गोसाईगंज में हाहाकार: गोसाईगंज के मंगहुवा गांव में शनिवार रात ट्रांसफार्मर फुंकने से पूरा गांव अंधेरे में डूब गया, जहां रविवार दोपहर बाद ही आपूर्ति बहाल हो सकी। उधर, गोसाईगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में बार-बार हो रही ट्रिपिंग से चिकित्सा उपकरण बंद पड़ गए, जिससे मरीजों की जान पर बन आई।

  • अमीनाबाद और फैजुल्लागंज: अमीनाबाद के चिकमंडी और इंद्रा मार्केट में बंदरों की उछलकूद के चलते ट्रांसफार्मर में शॉर्ट सर्किट हो गया और एबी केबल में आग लग गई। वहीं, फैजुल्लागंज के नंदा फार्म इलाके में पतंग के चीनी या धातु मिश्रित मांझे के फंसने से पुरनिया उपकेंद्र के कई सेक्टर्स में घंटों बिजली गुल रही।

10 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत: लेसा बनाएगा 10 नए उपकेंद्र

सीतापुर रोड और कुर्सी रोड सहित राजधानी के ओवरलोडिंग से प्रभावित इलाकों के लाखों उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर भी है। लगातार बढ़ रही बिजली की मांग और अघोषित कटौती से निपटने के लिए लेसा (LESA) ने 10 नए बिजली उपकेंद्र बनाने का एक मेगा प्लान तैयार किया है। इसका प्रस्ताव जल्द ही मध्यांचल विद्युत वितरण निगम को भेजा जाएगा, जिससे करीब 10 लाख की आबादी को लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।

क्षमता से अधिक लोड पर चल रहे हैं वर्तमान उपकेंद्र: बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, वर्तमान में संचालित शहर के लगभग सभी उपकेंद्र अपनी तय क्षमता से अधिक लोड पर चल रहे हैं। इसी को देखते हुए नए प्रस्तावित 10 उपकेंद्रों में से 9 उपकेंद्रों की क्षमता 20-20 एमवीए (MVA) लोड की होगी, जो न्यू विकासनगर, खदरा, जानकीपुरम विस्तार, अस्ती रोड, न्यू प्रियदर्शिनी, न्यू फैजुल्लागंज, न्यू इटौंजा, रैथा रोड और जीएसआई में बनेंगे। वहीं, इंटीग्रल क्षेत्र में बनने वाले उपकेंद्र की क्षमता 10 एमवीए तय की गई है।

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