साल 2027 में इन 6 राशियों पर रहेगा शनि का ‘लोहे का पाया’, बढ़ेगा संघर्ष; जानें क्या कहता है ज्योतिष

नई दिल्ली (डिजिटल डेस्क): ज्योतिष शास्त्र में शनि देव के गोचर के साथ-साथ उनके ‘पाए’ (चरण) का भी विशेष महत्व माना गया है। शनि देव जब भी राशि बदलते हैं, तो वह सोने, चांदी, तांबे या लोहे के पाए पर आते हैं। साल 2027 में शनि देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं, जिससे शनि की साढ़ेसाती के समीकरण तो बदलेंगे ही, साथ ही ‘लोहे का पाया’ भी सक्रिय होगा।

ज्योतिष शास्त्र में लोहे के पाए को सबसे कठिन और संघर्षपूर्ण माना गया है। साल 2027 में कुल 6 राशियां ऐसी हैं जो शनि के लोहे के पाए के प्रभाव में आने वाली हैं। प्रसिद्ध ज्योतिर्विद के अनुसार, साल 2027 के इस प्रभाव को हम दो भागों (जून 2027 से पहले और जून 2027 के बाद) में समझ सकते हैं।

जून 2027 से पहले: इन 3 राशियों पर रहेगा लोहे का पाया

साल 2027 के शुरुआती महीनों से लेकर जून तक शनि का लोहे का पाया मुख्य रूप से तीन राशियों को प्रभावित करेगा, जिससे इनके जीवन में चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

  • मेष राशि (Aries): मेष राशि वालों के लिए यह पाया शनि की राशि से द्वादश (12वें) भाव में बनेगा। इस अवधि में आपके खर्च बेतहाशा बढ़ सकते हैं और काम में रुकावटें आ सकती हैं।

  • सिंह राशि (Leo): सिंह राशि के जातकों के लिए लोहे का पाया आठवें भाव से होकर गुजरेगा। इस समय आपको वाहन चलाते समय सावधानी रखनी होगी और गुप्त शत्रुओं से बचकर रहना होगा।

  • धनु राशि (Sagittarius): धनु राशि वालों के लिए यह चौथे भाव में बनेगा। इसके प्रभाव से पारिवारिक जीवन में अशांति और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है।

नुकसान व लक्षण: जून से पहले इन तीनों राशियों के लिए समस्याएं थोड़ी लंबी खिंच सकती हैं। विशेषकर धन की स्थिति डगमगा सकती है और सेहत के मोर्चे पर हड्डियों (Bones) से जुड़ी परेशानियां घेर सकती हैं।

जून 2027 के बाद: इन 3 राशियों की शुरू होगी परीक्षा

जून 2027 के बाद ग्रहों के नक्षत्र परिवर्तन और स्थिति के कारण लोहे का पाया तीन अन्य राशियों पर अपना प्रभाव दिखाना शुरू करेगा।

  • मकर राशि (Capricorn): करियर के क्षेत्र में आपको अत्यधिक मेहनत करनी पड़ेगी। व्यापार में मिले-जुले परिणाम मिलेंगे, लेकिन कड़ी मेहनत का फल देर से ही सही, मिलेगा जरूर।

  • कन्या राशि (Virgo): नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। अपने सीनियर्स से वाद-विवाद से बचें।

  • वृषभ राशि (Taurus): शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर उतार-चढ़ाव बना रहेगा। सेहत के प्रति लापरवाही आपको भारी पड़ सकती है।

विशेष नोट: लोहे का पाया भले ही संघर्ष कराता है, लेकिन यह आपको तपाकर सोना भी बनाता है। अपने कर्मों पर भरोसा रखें, संघर्ष के बाद परिणाम सकारात्मक (पॉजिटिव) ही मिलेंगे।

वर्तमान स्थिति: अभी कैसा है शनि का मिजाज?

वर्तमान समय (साल 2026) में शनि देव मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। इस समय कुंभ, मीन और मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है।

  • मेष राशि पर अभी साढ़ेसाती का पहला चरण (चढ़ती साढ़ेसाती) है।

  • मीन राशि पर दूसरा चरण (मध्यम काल) चल रहा है।

  • कुंभ राशि पर अंतिम चरण (अस्तकाल) चल रहा है।

  • 2027 का बदलाव: साल 2027 में जैसे ही शनि मेष राशि में जाएंगे, कुंभ राशि से साढ़ेसाती पूरी तरह खत्म हो जाएगी और वृषभ राशि पर इसका पहला चरण शुरू हो जाएगा।

ज्योतिषीय गणित: कैसे तय होता है शनि का पाया?

अंक ज्योतिष और गोचर विज्ञान के अनुसार, शनि देव के राशि प्रवेश के समय जन्म कुंडली में चंद्रमा जिस भाव में स्थित होता है, उसी से पाया निर्धारित होता है:

  1. सोने का पाया: यदि चंद्रमा 1, 6 या 11वें भाव में हो। (इसे अत्यधिक संघर्षपूर्ण माना जाता है)।

  2. चांदी का पाया: यदि चंद्रमा 2, 5 या 9वें भाव में हो। (इसे सबसे शुभ और धनदायक माना जाता है)।

  3. तांबे का पाया: यदि चंद्रमा 3, 7 या 10वें भाव में हो। (यह भी शुभ और उन्नति प्रदायक होता है)।

  4. लोहे का पाया: यदि चंद्रमा 4, 8 या 12वें भाव में हो। (इसे संघर्ष, स्वास्थ्य समस्याओं और आर्थिक तंगी का कारक माना जाता है)।

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