वीगन डाइट का सच: दूध, पनीर और मांस के बिना शाकाहारी लोग थाली में क्या खाते हैं? जानिए प्रोटीन और कैल्शियम का सीक्रेट

पिछले कुछ वर्षों में दुनिया भर के साथ-साथ भारत में भी ‘वीगनिज्म’ (Veganism) यानी पूर्ण शाकाहारी जीवनशैली का चलन बेहद तेजी से बढ़ा है। बेहतर स्वास्थ्य, पर्यावरण की रक्षा और पशु कल्याण (Animal Welfare) के प्रति जागरूकता के कारण मशहूर सेलिब्रिटीज से लेकर युवा तक इस डाइट को अपना रहे हैं।

लेकिन आम लोगों के मन में हमेशा एक बड़ा भ्रम या सवाल रहता है—जब वीगन लोग मांस-मछली, अंडा तो दूर, गाय-भैंस का दूध, पनीर, दही और घी भी नहीं खाते, तो फिर वे जिंदा रहने और बॉडी बनाने के लिए आखिर खाते क्या हैं? ब्रिटिश नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के अनुसार, आइए जानते हैं कि एक संतुलित वीगन डाइट की थाली में क्या-क्या होता है और उन्हें जरूरी पोषक तत्व कैसे मिलते हैं।

आखिर क्या है वीगन (Vegan) आहार?

वीगन डाइट पूरी तरह से पौधों पर आधारित (Plant-Based Diet) होती है। इस जीवनशैली को जीने वाले लोग ऐसी किसी भी चीज का सेवन या उपयोग नहीं करते जो जानवरों से प्राप्त होती है। इनकी रोजाना की डाइट में मुख्य रूप से ये चीजें शामिल होती हैं:

  • ताजे फल और हरी सब्जियां

  • साबुत अनाज (Whole Grains): जैसे गेहूं, चावल, ओट्स, पास्ता और ब्रेड।

  • दालें और फलियां (Legumes): जैसे चना, राजमा, मूंग और मसूर की दाल।

  • सूखे मेवे और बीज (Nuts & Seeds): जैसे बादाम, अखरोट, चिया सीड्स और अलसी।

बिना दूध-पनीर के कहां से मिलता है प्रोटीन और कैल्शियम?

अक्सर माना जाता है कि प्रोटीन के लिए डेयरी प्रोडक्ट्स या मीट जरूरी है, लेकिन वीगन लोग अपने प्रोटीन और कैल्शियम की जरूरत को इन बेहतरीन प्लांट-बेस्ड विकल्पों से पूरा करते हैं:

पोषक तत्व वीगन डाइट के मुख्य स्रोत (Plant-Based Sources)
प्रोटीन (Protein) सोयाबीन, टोफू (सोया पनीर), राजमा, सफेद और काले चने, मूंग की दाल और सीतन।
कैल्शियम (Calcium) ब्रोकली, पत्तागोभी, भिंडी, तिल (Sesame Seeds), ताहिनी, फोर्टिफाइड प्लांट मिल्क और सूखे मेवे।
डेयरी के विकल्प दूध-दही की कमी पूरी करने के लिए बादाम का दूध (Almond Milk), सोया मिल्क, ओट्स मिल्क या कोकोनट मिल्क।

आयरन की कमी दूर करने के देसी फंडे

शरीर में खून की कमी (एनीमिया) से बचने के लिए आयरन बेहद जरूरी है। वीगन लोग आयरन के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां (जैसे पालक), दालें, साबुत अनाज और ड्राई फ्रूट्स का सेवन करते हैं।

एक्सपर्ट टिप: पौधे आधारित भोजन से आयरन को शरीर में बेहतर तरीके से अवशोषित (Absorb) करने के लिए खाने के साथ विटामिन सी (Vitamin C) से भरपूर चीजें जैसे नींबू, संतरा या आंवला का सेवन जरूर करना चाहिए।

विटामिन B12 और ओमेगा-3 फैटी एसिड का मैनेजमेंट

चूंकि विटामिन B12 प्राकृतिक रूप से ज्यादातर पशु उत्पादों में ही पाया जाता है, इसलिए वीगन लोगों को इसके लिए फोर्टिफाइड फूड्स (जैसे कुछ खास अनाज या प्लांट मिल्क जिनमें अलग से विटामिन मिलाया गया हो) या डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स का सहारा लेना पड़ता है। वहीं, दिमाग और दिल को दुरुस्त रखने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड के लिए वे अखरोट, चिया बीज, अलसी के बीज (Flaxseeds) और भांग के बीजों का नियमित सेवन करते हैं।

सावधानी: बिना प्लानिंग के वीगन बनना पड़ सकता है भारी!

डाइट एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों का कहना है कि वीगन डाइट सेहत के लिए तभी तक फायदेमंद है जब इसकी प्लानिंग सही तरीके से की जाए। यदि आप बिना सोचे-समझे सिर्फ उबली सब्जियां खाने लगेंगे, तो शरीर में कैल्शियम, आयरन, विटामिन B12, आयोडीन और सेलेनियम जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की भारी कमी हो सकती है। इसलिए इस जीवनशैली को पूरी तरह अपनाने से पहले किसी अच्छे न्यूट्रिशनिस्ट या पोषण विशेषज्ञ से मिलकर एक संतुलित डाइट चार्ट जरूर बनवा लें।

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