लखनऊ। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से कमर्शियल फ्लाइट्स की शुरुआत के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश के नागरिक उड्डयन (Aviation) क्षेत्र ने एक नया इतिहास रच दिया है। जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के लिए अपनी पुश्तैनी जमीनें देने वाले 170 किसानों का दल (जिसमें 28 महिला किसान भी शामिल थीं) सोमवार को पहली ऐतिहासिक इंडिगो फ्लाइट से सीधे प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंचा। 5 कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर इन भाग्यशाली किसान मेहमानों का भव्य स्वागत और सम्मान किया गया।
इस गौरवमयी अवसर पर किसानों से सीधे संवाद करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेवर के बदलते वैश्विक रसूख को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “जेवर अब वह क्षेत्र बन चुका है, जहां दुनिया की बड़ी से बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां निवेश करने के लिए कतार में हैं; अब तो वहां साक्षात ‘कुबेर’ भी आना चाहते हैं।”
एशिया का सबसे बड़ा कार्गो और पहला एमआरओ (MRO) हब बनेगा जेवर
मुख्यमंत्री ने जेवर एयरपोर्ट की विशालता और भविष्य की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि यह महत्वाकांक्षी एयरपोर्ट कुल चार चरणों (फेज) में बनकर तैयार होगा, जिसके पहले फेज की कमर्शियल उड़ानों की कार्रवाई आज सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है।
सीएम योगी ने घोषणा की कि जेवर एयरपोर्ट केवल यात्रियों के आने-जाने का जरिया नहीं, बल्कि भारत का पहला एकीकृत कार्गो (Cargo) और एमआरओ (MRO – मेंटेनेंस, रिपेयरिंग एंड ओवरहॉलिंग) केंद्र बनने जा रहा है। अब तक देश के विमानों को मरम्मत और ओवरहॉलिंग के लिए सिंगापुर या दुबई जाना पड़ता था, लेकिन अब पूरी दुनिया के विमान रखरखाव के लिए जेवर आएंगे।
₹50 का आम बिकेगा ₹1000 में; किसानों की बढ़ेगी समृद्धि
मुख्यमंत्री ने समझाया कि इस कार्गो हब का सबसे बड़ा क्रांतिकारी लाभ उत्तर प्रदेश के अन्नदाता, फल, मत्स्य और सब्जी उत्पादक किसानों को मिलेगा। किसान अब सीधे जेवर से अपने ताजे उत्पादों को एयर कार्गो के जरिए दुनिया के कोने-कोने में पहुंचा सकेंगे।
सीएम ने एक व्यावहारिक उदाहरण देते हुए कहा, “स्थानीय बाजार में जो आम अधिकतम 50 रुपये किलो बिकता है, वही अंतरराष्ट्रीय बाजारों में 800 से 1000 रुपये किलो तक बिकता है। अगर हम इसमें 200 रुपये प्रति किलो का कार्गो (हवाई भाड़ा) खर्च भी जोड़ लें, तब भी हमारे किसान भाई को प्रति किलो 600 रुपये का सीधा शुद्ध मुनाफा मिलेगा। जो किसान पहले 10 रुपये के लाभ के लिए तरसता था, उसे जब 600 रुपये का मुनाफा मिलेगा, तो उत्तर प्रदेश का किसान वैश्विक स्तर पर समृद्ध बनेगा।”
सेमीकंडक्टर प्लांट से लेकर दुनिया के 5 बड़े यूनिवर्सिटी कैंपस तक आएगी वर्ल्ड क्लास सिटी
जेवर में होने वाले आगामी चौतरफा विकास का रोडमैप पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बेल्ट में एक बेहद आधुनिक वर्ल्ड क्लास सिटी की स्थापना होने जा रही है। जेवर क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स, सेमीकंडक्टर प्लांट्स, हाई-टेक डेटा सेंटर्स, देश की सबसे आधुनिक फिल्म सिटी, टॉय पार्क, अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स का विशाल हब तैयार हो रहा है। इसके साथ ही, वैश्विक रैंकिंग में शीर्ष स्थान रखने वाले दुनिया के पांच सबसे बड़े और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय भी जेवर में अपने वैश्विक कैंपस स्थापित करने जा रहे हैं।
“आपकी सोच से ज्यादा पैसा मिलेगा” सीएम ने याद दिलाया पुराना वादा
भूमि अधिग्रहण के दौर को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसानों ने अपनी जमीनों की पहली रजिस्ट्री की थी, तब वे जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह के साथ लखनऊ आए थे। सीएम योगी ने कहा, “मैंने उस समय भी ग्रेटर नोएडा में किसानों से वादा किया था कि आप बेझिझक होकर रजिस्ट्री कराइए, आपको मुआवजा और पैसा वह मिलेगा जो आपने सपने में भी नहीं सोचा होगा। हम कोई सौदेबाजी नहीं कर रहे हैं, हम आपका पूरा हक देंगे। इस पूरी प्रक्रिया में सिर्फ किसान और सरकार आमने-सामने रहे, बीच में किसी भी बिचौलिए को आने की इजाजत नहीं दी गई।”
उन्होंने किसानों के इस ऐतिहासिक फैसले की सराहना करते हुए कहा कि आपके सही समय पर लिए गए सही निर्णय ने न केवल इस क्षेत्र का भूगोल बदल दिया, बल्कि आपकी भावी पीढ़ियों का भविष्य भी पूरी तरह सुरक्षित और सुनहरा कर दिया है।
यमुना अथॉरिटी और टाटा का ₹225 करोड़ का ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ प्रोजेक्ट
स्थानीय युवाओं के रोजगार को लेकर मुख्यमंत्री ने एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि जेवर में आने वाले भारी-भरकम वैश्विक निवेश को संभालने के लिए भारी संख्या में स्किल्ड (ट्रेंड) मैनपावर की जरूरत होगी। इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने देश की प्रतिष्ठित कंपनी टाटा (TATA) के साथ मिलकर सवा दो सौ करोड़ (₹225 करोड़) की लागत से एक अत्याधुनिक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (Center of Excellence) स्थापित करने की बड़ी परियोजना को आगे बढ़ाया है।
इस सेंटर में स्थानीय युवाओं को आधुनिक तकनीकों, रोबोटिक्स, एविएशन और एआई पर विशेष ट्रेनिंग, सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री कोर्सेज कराए जाएंगे, ताकि जेवर के युवाओं को उनके घर के पास ही विश्वस्तरीय कंपनियों में उच्च पदों पर नौकरियां मिल सकें।
हायर एजुकेशन, इनडोर स्टेडियम और ट्रामा सेंटर की सौगात
जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह की मांगों पर त्वरित और सकारात्मक फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का पूरा प्रयास है कि इसी शैक्षणिक सत्र से जेवर में एक नया डिग्री कॉलेज शुरू कर दिया जाए, ताकि क्षेत्र के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए दूर न जाना पड़े।
इसके अलावा, चिकित्सा सुविधाओं को चाक-चौबंद करने के लिए जेवर में एक आधुनिक ट्रामा सेंटर (Trauma Center) बनाया जा रहा है। यीडा (YEIDA) के सीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि जेवर में मेडिकल और मेडिकल एजुकेशन की असीमित संभावनाओं को आगे बढ़ाएं। युवाओं को खेलों में आगे बढ़ाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का इनडोर स्टेडियम भी तैयार किया जा रहा है, ताकि क्षेत्र से आने वाले समय में पैरा-ओलंपिक पदक विजेताओं की तरह और भी कई खिलाड़ी देश का नाम रोशन कर सकें।
इस ऐतिहासिक सम्मान समारोह के दौरान प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह, अपर मुख्य सचिव (वित्त/नागरिक उड्डयन) दीपक कुमार, इंडिगो एयरलाइंस के स्पेशल डायरेक्टर आरके सिंह, मुख्यमंत्री के वरिष्ठ सलाहकार अवनीश अवस्थी और यीडा के सीईओ डॉ. अरुण वीर सिंह (आरके सिंह) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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