मुंबई। भारतीय टेस्ट टीम की रीढ़ माने जाने वाले अनुभवी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने टेस्ट क्रिकेट के गिरते स्तर और टी20 के बढ़ते प्रभाव के बीच बीसीसीआई (BCCI) को एक अहम सलाह दी है। पुजारा का मानना है कि बोर्ड को टेस्ट क्रिकेट के अस्तित्व को बचाने के लिए कम से कम 25 से 30 ऐसे खिलाड़ियों का एक विशेष पूल (Pool) बनाना चाहिए, जो आईपीएल (IPL) नहीं खेलते हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में लाल गेंद से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
टेस्ट क्रिकेट के लिए ‘स्पेशलिस्ट’ खिलाड़ियों की पहचान जरूरी
पुजारा ने एक इंटरव्यू के दौरान साफ कहा कि क्रिकेट अब उस दौर में पहुंच गया है जहां खिलाड़ी खुद तय करेंगे कि उन्हें कौन सा फॉर्मेट खेलना है। उन्होंने कहा, “अगर कोई खिलाड़ी सिर्फ टी20 या सीमित ओवरों का क्रिकेट खेलना चाहता है, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। लेकिन हमें भारतीय घरेलू क्रिकेट से ऐसे 25 से 30 प्रतिभावान खिलाड़ियों की पहचान करनी होगी जो मुख्य रूप से लाल गेंद के प्रारूप के विशेषज्ञ हों। बोर्ड को इन खिलाड़ियों को भविष्य के लिए तैयार करना चाहिए ताकि टेस्ट टीम की मजबूती बनी रहे।”
क्या टी20 के लिए टेस्ट की बुनियादी बातें जरूरी हैं?
जब पुजारा से पूछा गया कि क्या आज के दौर में टी20 में सफल होने के लिए टेस्ट क्रिकेट का हुनर जरूरी है, तो उन्होंने व्यवहारिक जवाब दिया। पुजारा के मुताबिक, “अगर कोई युवा सिर्फ टी20 विशेषज्ञ बनना चाहता है, तो उसे जबरन टेस्ट क्रिकेट की तकनीक सीखने की जरूरत नहीं है। हालांकि, मैं हर युवा को सलाह दूंगा कि वह तीनों फॉर्मेट खेलने वाला खिलाड़ी बने, लेकिन अगर कोई सिर्फ सफेद गेंद का क्रिकेट चुनता है, तो उसे उसके चुनाव के अनुसार ही तैयार किया जाना चाहिए।”
गेंदबाजों का उदाहरण: टेस्ट की लाइन-लेंथ ही आईपीएल में दिलाती है सफलता
पुजारा ने भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड और कागिसो रबाडा जैसे गेंदबाजों का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे टेस्ट क्रिकेट की बुनियादी समझ टी20 में काम आती है। उन्होंने कहा, “ये सभी खिलाड़ी बेहतरीन टेस्ट क्रिकेटर रहे हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनकी लाइन और लेंथ की सटीकता ही वह मुख्य कारण है जिसकी वजह से वे आज आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में बल्लेबाजों के दबदबे के बावजूद सफल हो रहे हैं।”
युवाओं को पुजारा की नसीहत
पुजारा ने वैभव सूर्यवंशी जैसे उभरते खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर कोई युवा बिना ज्यादा लाल गेंद का क्रिकेट खेले आईपीएल में आकर छक्के लगाता है, तो यह उसकी प्रतिभा है। लेकिन लंबे समय तक टिकने के लिए बोर्ड को ‘रेड बॉल स्पेशलिस्ट’ पर निवेश करना ही होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि बीसीसीआई भविष्य में घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन के आधार पर टेस्ट टीम के लिए एक अलग विंग (Wing) तैयार करेगा ताकि टीम इंडिया का दबदबा दुनिया भर के मैदानों पर बना रहे।
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