
उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी गायक और कलाकार अंकित बालियान की दिनदहाड़े हुई नृशंस हत्या की गुत्थी को यूपी पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने महज पांच दिनों के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण और पुलिस अधिकारियों द्वारा किए गए खुलासे के अनुसार, इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे कोई पुरानी पारिवारिक दुश्मनी या फिरौती का विवाद नहीं था, बल्कि सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हुआ एक हरियाणवी गाना था। इस गाने के बोल और दृश्यों को दिल्ली-एनसीआर के कुख्यात जितेंद्र मान उर्फ गोगी गैंग ने अपने मारे जा चुके सरगना के कत्ल से जोड़ते हुए अपने गैंग का सार्वजनिक अपमान मान लिया था।
मामले में त्वरित और निर्णायक कार्रवाई करते हुए एसटीएफ और शामली पुलिस की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ (Encounter) में हत्या में शामिल दोनों मुख्य शार्प शूटरों—मोहित और सुमित को मार गिराया है। दोनों शूटर हरियाणा के रहने वाले थे और उन पर 50-50 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित था। डीजीपी ने इस बड़ी कामयाबी पर एसटीएफ और पुलिस टीम को दो लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
5.4 करोड़ व्यूज वाला गाना और 55 हजार की खरीद: कैसे शुरू हुई गोगी गैंग से दुश्मनी?
पुलिस जांच और फॉरेंसिक साक्ष्यों के अनुसार, अंकित बालियान ने कुछ समय पूर्व ‘…भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान…’ शीर्षक वाला एक हरियाणवी गीत रिलीज किया था। यह गाना सोशल मीडिया और यूट्यूब पर काफी लोकप्रिय हुआ और इसे 5.4 करोड़ (54 मिलियन) से अधिक बार देखा गया।
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गीत की खरीद और बिक्री: जांच में सामने आया कि अंकित बालियान ने इस गीत के मूल अधिकार लेखक राहुल पुड्डी से 55,000 रुपये में खरीदे थे। इसके बाद प्रोजेक्ट तैयार कर उन्होंने इसे वत्स कंपनी को 1,50,000 रुपये में बेच दिया था।
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रोहिणी कोर्ट शूटआउट से जोड़ा गया संदर्भ: वर्ष 2021 में दिल्ली की रोहिणी अदालत परिसर के भीतर विरोधी टिल्लू ताजपुरिया गैंग के शूटरों ने वकील की ड्रेस में घुसकर गैंगस्टर जितेंद्र मान उर्फ गोगी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। जब अंकित का यह गाना रिलीज हुआ, तो गोगी गैंग के गुर्गों और आकाओं ने यह मान लिया कि यह गाना विशेष रूप से जितेंद्र गोगी की हत्या के घटनाक्रम को दर्शाने और गोगी गैंग की साख को नीचा दिखाने के लिए बनाया गया है।
2022-2023 में मिली थीं जान से मारने की धमकियां: टिल्लू ताजपुरिया से साठगांठ का लगाया आरोप
पुलिस के अनुसार, गाने के वायरल होने के बाद से ही अंकित बालियान गोगी गैंग के निशाने पर आ गए थे।
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अंकित ने दी थी सफाई: वर्ष 2022 और 2023 के दौरान गोगी गैंग के गुर्गों ने अंकित को कई बार फोन पर धमकियां दी थीं। अंकित ने उस समय गैंग के सदस्यों को यह सफाई भी दी थी कि वह केवल एक पेशेवर कलाकार हैं, उन्होंने केवल इस वीडियो में अभिनय (Act) किया है और गीत के बोल या संगीत उनकी रचना नहीं है।
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विरोधी गैंग से मिलीभगत का शक: अंकित की इस सफाई के बावजूद गोगी गैंग ने यह आरोप लगाया कि यह गाना उनके धुर-विरोधी टिल्लू ताजपुरिया गैंग के इशारे पर और उनसे मिलकर रिलीज किया गया था।
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पुलिस और परिवार को नहीं दी सूचना: धमकियों के बावजूद अंकित बालियान ने न तो अपने परिजनों को इस खतरे से अवगत कराया और न ही शामली पुलिस में कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसका फायदा उठाकर गैंग ने अपनी साजिश को आगे बढ़ाया।
जिम के बाहर 26 अगस्त को खूनी वारदात: रेकी से लेकर फायरिंग तक की पूरी टाइमलाइन
जांच में यह साफ हुआ है कि बदमाशों ने वारदात को अंजाम देने से पहले अंकित बालियान के आने-जाने के रास्तों और समय की गहन रेकी की थी।
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26 अगस्त का घटनाक्रम: शामली में 26 अगस्त को जब अंकित बालियान अपनी दैनिक दिनचर्या के अनुसार जिम से वर्कआउट पूरा कर बाहर निकले और अपनी कार की डिक्की में बैग रख रहे थे, तभी पहले से घात लगाकर बैठे शूटरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
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सुनियोजित तरीके से हुए थे फरार: अंकित को कई गोलियां मारने के बाद शूटर पूर्व-नियोजित योजना के तहत अलग-अलग दिशाओं में फरार हो गए। हत्या के लिए आधुनिक हथियार बाहर से मंगवाए गए थे और शूटरों को सुरक्षित ठिकाने और आर्थिक मदद मुहैया कराई गई थी।
5 दिन में यूपी STF का एनकाउंटर: 50-50 हजार के दो इनामी शूटर मोहित और सुमित ढेर
घटना की गंभीरता को देखते हुए यूपी एसटीएफ और शामली पुलिस की कई टीमों का गठन किया गया था। टेक्निकल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर पुलिस ने 5 दिनों के भीतर शूटरों के मूवमेंट को ट्रैक कर लिया।
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हरियाणा के रहने वाले थे शूटर: मुठभेड़ में मारे गए दोनों शार्प शूटर—मोहित और सुमित मूल रूप से हरियाणा के निवासी थे।
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जवाबी फायरिंग में ढेर: पुलिस और एसटीएफ की टीम ने जब उन्हें सरेंडर करने को कहा, तो उन्होंने पुलिस बल पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी गोलीबारी में दोनों शूटर गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में दम तोड़ दिया। मौके से अवैध हथियार और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं।
लॉरेंस बिश्नोई कनेक्शन और विदेशी आकाओं की जांच: डीजीपी की सख्त चेतावनी
डीजीपी राजीव कृष्ण और एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने स्पष्ट किया कि इस हत्याकांड के सभी साजिशकर्ताओं को बेनकाब किया जाएगा।
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लॉरेंस बिश्नोई गैंग सिंडिकेट एंगल: राष्ट्रीय स्तर पर जितेंद्र गोगी गैंग और कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के बीच गहरा तालमेल रहा है। पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि क्या इस वारदात को अंजाम देने में इस बड़े आपराधिक नेटवर्क का कोई सीधा या परोक्ष हाथ था।
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विदेश में बैठे अपराधियों को चेतावनी: डीजीपी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराध करने वाले किसी भी मुगालते में न रहें। यदि इस साजिश में शामिल मुख्य सूत्रधार देश के बाहर या विदेशों में भी छिपे हैं, तो उन्हें इंटरपोल और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की मदद से भारत लाकर कानून के हवाले किया जाएगा।
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