यूपी में आज मूसलाधार बारिश का भीषण अलर्ट, 33 जिलों में गरज-चमक और वज्रपात का तांडव; लखनऊ से लेकर आगरा-बुंदेलखंड तक आंधी-तूफान की चेतावनी

उत्तर प्रदेश में मॉनसून की सक्रियता अपने चरम पर पहुंच चुकी है, जिसके चलते गुरुवार, 27 अगस्त को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में झमाझम और मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ स्थित आंचलिक मौसम केंद्र ने प्रदेश के 33 से अधिक जिलों में मध्यम से भारी बारिश और 16 जिलों में अत्यंत भारी बारिश को लेकर कड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उससे सटे उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) तथा जम्मू-देहरादून से होकर गुजर रही मॉनसून ट्रफ लाइन के संयुक्त प्रभाव से पूरे राज्य में मानसूनी गतिविधियां प्रचंड रूप ले चुकी हैं। इस वेदर सिस्टम के चलते न केवल मूसलाधार बारिश हो रही है, बल्कि 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का भी गंभीर खतरा बना हुआ है।

12 जिलों में अचानक बाढ़ और जलभराव का खतरा: नदियां उफान पर

मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के 12 जिलों के निचले इलाकों और वॉटरशेड क्षेत्रों में कम से मध्यम स्तर की अचानक बाढ़ (Flash Flood) और गंभीर जलभराव का जोखिम जताया गया है। जिन प्रमुख जनपदों को संवेदनशील घोषित किया गया है, उनमें आगरा, अलीगढ़, औरैया, बदायूं, एटा, फिरोजाबाद, हमीरपुर, झांसी, कासगंज, मैनपुरी, मथुरा और शाहजहांपुर शामिल हैं। इन जिलों में लगातार हो रही बरसात के कारण नालों और स्थानीय नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में पानी खेतों में भरने से फसलों के जलमग्न होने की आशंका है, वहीं शहरी क्षेत्रों में मुख्य मार्गों और रिहायशी कॉलोनियों में पानी भर जाने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

सीतापुर में आठवीं तक के स्कूल बंद, राजधानी लखनऊ में पारा 4 डिग्री गिरा

भारी बारिश के तात्कालिक असर को देखते हुए जिला प्रशासनों ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सीतापुर जिले में देर रात से हो रही अनवरत और मूसलाधार बारिश को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर कक्षा 8 तक के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।

वहीं प्रदेश की राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में बुधवार देर शाम से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला गुरुवार को भी जारी है। लखनऊ के हजरतगंज और राजभवन क्षेत्र में 52 मिलीमीटर, अलीगंज में 28 मिमी, गोमती नगर में 23 मिमी और चिनहट में 21 मिमी वर्षा दर्ज की गई। लगातार हो रही बौछारों के चलते राजधानी का अधिकतम तापमान लगभग 4 डिग्री गिरकर 30.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है, जबकि आर्द्रता (Humidity) का स्तर 95 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जिससे लोगों को भीषण उमस से राहत तो मिली है लेकिन जलजमाव ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी यूपी तक: जानिए किन-किन जिलों में बरसेंगे बदरा

मौसम विभाग के क्षेत्रीय पूर्वानुमान के अनुसार, 27 अगस्त को प्रदेश के अलग-अलग अंचलों में बारिश की तीव्रता का वितरण इस प्रकार रहने वाला है:

  • पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र: वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, गाजीपुर, बलिया, मऊ, जौनपुर, चंदौली, संत रविदास नगर (भदोही), देवरिया, मिर्जापुर और सोनभद्र में सुबह से ही घने काले बादलों का डेरा है और रुक-रुक कर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है।

  • अवध और मध्य उत्तर प्रदेश: लखनऊ, उन्नाव, कानपुर नगर, कानपुर देहात, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, बाराबंकी, हरदोई, लखीमपुर खीरी, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती में अनेक स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा का पूर्वानुमान है।

  • पश्चिमी यूपी और एनसीआर: मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा-ग्रेटर नोएडा), बुलंदशहर, बिजनौर और मुरादाबाद में आंशिक बादलों के बीच कई स्थानों पर गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग की सख्त एडवाइजरी: आकाशीय बिजली और आंधी से ऐसे करें बचाव

मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने आंधी-तूफान, तेज हवाओं और वज्रपात के खतरे को देखते हुए आम जनता और किसानों के लिए विशेष सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • जर्जर इमारतों और दीवारों से दूर रहें: लगातार बारिश से पुराने मकानों और कच्ची दीवारों में पानी का रिसाव होने से उनके ढहने का खतरा रहता है। ऐसे ढांचों के नीचे कतई शरण न लें।

  • पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे न खड़े हों: तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, बड़े पेड़ों और बिजली के ट्रांसफार्मर या खंभों के पास खड़ा होना जानलेवा साबित हो सकता है।

  • खुले में होने वाले आयोजनों पर रोक: मौसम विभाग ने आयोजकों को सलाह दी है कि वे खुले मैदानों में होने वाले कार्यक्रमों को बंद सभागारों में शिफ्ट करें या मौसम सामान्य होने तक टाल दें।

  • बिजली कटौती और आपातकालीन रोशनी की तैयारी: आंधी और पेड़ गिरने से विद्युत आपूर्ति बाधित हो सकती है। ऐसे में नागरिकों को घरों में टॉर्च, इमरजेंसी लैंप, मोमबत्ती और मोबाइल फोन चार्ज रखने की सलाह दी गई है।

  • सड़क यात्रा में सावधानी: वाहन चालक जलभराव वाली सड़कों, अंडरपास और पुलियाओं से गुजरते समय गति धीमी रखें और दृश्यता कम होने पर फॉग लाइट्स का इस्तेमाल करें।

आगामी दिनों का पूर्वानुमान: क्या आगे भी जारी रहेगा बारिश का यह सिलसिला?

लखनऊ मौसम केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण यूपी पर सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से 27 अगस्त के बाद भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह थमेंगी नहीं। पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई के जनपदों में 31 अगस्त और 1 सितंबर के दौरान बारिश का एक और नया दौर सक्रिय होने की संभावना है। राज्य के किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी का प्रबंध करें और मौसम सामान्य होने तक कीटनाशकों या रासायनिक खादों के छिड़काव से बचें। लगातार बरस रहे बादलों ने जहां तापमान गिराकर मौसम को सुहावना बना दिया है, वहीं भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी ने प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट पर रहने को विवश कर दिया है।

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