सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, और जब बात आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi 2026) की हो, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। इस साल योगिनी एकादशी का पावन व्रत 10 जुलाई, शुक्रवार को रखा जाएगा। ज्योतिष व वास्तु शास्त्र के अनुसार, शुक्रवार के दिन एकादशी का पड़ना धन लाभ और सुख-समृद्धि के लिए एक दुर्लभ संयोग माना जाता है।
यदि आप भी लंबे समय से करियर में रुकावट, सेहत की खराबी या पैसों की तंगी से जूझ रहे हैं, तो इस दिन किए गए कुछ खास उपाय आपकी किस्मत बदल सकते हैं। आइए जानते हैं उन 9 उपायों के बारे में जो आपके जीवन को खुशियों से भर देंगे।
करियर और बिजनेस में सफलता के उपाय
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पंचामृत अभिषेक: योगिनी एकादशी के शुभ दिन भगवान श्री हरि विष्णु का पंचामृत से अभिषेक करें। ऐसा करने से कार्यक्षेत्र में आ रही सभी बाधाएं दूर होती हैं और तरक्की के नए रास्ते खुलते हैं।
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तिजोरी में रखें ये खास पत्ता: एकादशी के दिन एक साफ पान का पत्ता लें। उस पर पीले चंदन से ‘ॐ विष्णवे नमः’ लिखें और भगवान विष्णु के चरणों में अर्पित कर दें। अगले दिन इस पत्ते को पीले कपड़े में लपेटकर अपनी तिजोरी या धन रखने स्थान पर रख दें, कभी पैसों की कमी नहीं होगी।
आर्थिक तंगी दूर करने और बरकत के टोटके
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पीपल पेड़ के पास दीपक: घर की सुख-समृद्धि और बरकत बनाए रखने के लिए शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाएं। पीपल की परिक्रमा करने से भगवान विष्णु के साथ-साथ माता लक्ष्मी का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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महादान का फल: इस दिन अपनी श्रद्धा के अनुसार अन्न, वस्त्र या पीले फलों का दान करें। शास्त्रों में एकादशी के दान को महादान माना गया है, जिससे दरिद्रता का नाश होता है।
पारिवारिक शांति और सुखी वैवाहिक जीवन
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तुलसी माता का श्रृंगार: वैवाहिक जीवन में चल रहे तनाव को दूर करने के लिए इस दिन माता तुलसी और देवी लक्ष्मी को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें। इससे दांपत्य जीवन में मधुरता आती है।
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विष्णु चालीसा का पाठ: यदि घर में अक्सर गृह-क्लेश या मानसिक अशांति रहती है, तो योगिनी एकादशी के दिन शांत मन से विष्णु चालीसा का पाठ करें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।
अच्छी सेहत और मानसिक शांति के लिए
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जरूरतमंदों को भोजन: अगर परिवार में कोई लंबे समय से बीमार है या सेहत ठीक नहीं रहती, तो इस दिन किसी गरीब या भूखे व्यक्ति को आदरपूर्वक भोजन कराएं।
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श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण: योगिनी एकादशी पर श्रीमद्भागवत कथा का पाठ करना या सुनना बेहद पुण्यदायक माना जाता है। इससे मानसिक तनाव दूर होता है।
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ब्रह्म मुहूर्त में साधना: एकादशी के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर भगवान विष्णु की विधिवत पूजा-अर्चना करें। यह समय आत्मिक शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम है।
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