
भारतीय बाजार में मिलावट और नकली खाद्य पदार्थों का कारोबार आम लोगों की सेहत के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है। इसी बीच, महाराष्ट्र सरकार ने आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एक ऐतिहासिक और कड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने ‘एनालॉग पनीर’ (Analogue Paneer) के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। इस फैसले के बाद से खाद्य कारोबार से जुड़े हलकों में हड़कंप मच गया है और लोग यह जानने को बेताब हैं कि आखिर यह एनालॉग पनीर क्या है और सेहत के लिए कितना नुकसानदायक है।
एनालॉग पनीर क्या होता है और कैसे बनता है?
देखने और छूने में बिल्कुल असली डेयरी पनीर जैसा दिखने वाला एनालॉग पनीर असल में दूध से तैयार ही नहीं किया जाता है। इसे बनाने के लिए दूध की जगह पाम ऑयल, अन्य वनस्पति तेल (Vegetable Oils), स्टार्च, सिंथेटिक फैट और विभिन्न प्रकार के इमल्सीफायर्स का इस्तेमाल किया जाता है। चूंकि इसे तैयार करना काफी सस्ता पड़ता है, इसलिए कई बेईमान कारोबारी और रेस्टोरेंट संचालक इसे कम लागत में खरीदकर ग्राहकों को असली पनीर के रूप में परोस देते हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की हालिया जांच में यह बात सामने आई थी कि बाजार में बिकने वाले कई सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया।
सेहत के लिए कितना खतरनाक है एनालॉग पनीर?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एनालॉग पनीर का नियमित या लंबे समय तक सेवन शरीर के लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकता है। चूंकि इसमें असली दूध के बजाय पाम ऑयल या हाइड्रोजनएडेड वनस्पति वसा का प्रयोग होता है, इसलिए इसमें खतरनाक सैचुरेटेड फैट और ट्रांस फैट की मात्रा बहुत अधिक होती है। इसके लगातार सेवन से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) तेजी से बढ़ता है, जिससे दिल की बीमारियां (Heart Diseases), हाई ब्लड प्रेशर और मोटापे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसके अलावा, असली पनीर जहां उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन और कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत होता है, वहीं इस नकली विकल्प में पोषण न के बराबर होता है, जो बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है।
महाराष्ट्र सरकार का कड़ा रुख और सजा के प्रावधान
महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा की गई जांच में यह पाया गया कि राज्य में बिकने वाले पनीर के नमूनों में एक बड़ा हिस्सा सब-स्टैंडर्ड और असुरक्षित श्रेणी का था। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कानून का शिकंजा कस दिया है। नए आदेश के तहत यदि कोई भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान एनालॉग पनीर को असली पनीर बताकर बेचता पकड़ा जाता है, तो उस पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने के साथ-साथ जेल की सजा का प्रावधान है, और यदि किसी गंभीर मामले में असुरक्षित खाद्य पदार्थ के सेवन से जनहानि होती है, तो आजीवन कारावास तक की सजा मिल सकती है। प्रशासन की इस सख्ती से मिलावटखोरों में खौफ का माहौल है।
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