
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में मंगलवार, 13 अक्टूबर की सुबह से ही बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया। पिछले कुछ दिनों से उमस और तेज धूप का सामना कर रहे दिल्लीवासियों को इस बेमौसम फुहारों ने भीषण गर्मी से बड़ी राहत दिलाई है। मध्य दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। सुबह के समय दफ्तर और स्कूल जाने वाले लोगों को अचानक बदले मौसम के कारण ठंडी हवाओं का एहसास हुआ। मॉनसून की विदाई के बाद पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी तंत्र के सक्रिय होने से यह स्थिति बनी है।
मौसम में आए इस अचानक बदलाव का सीधा असर तापमान पर देखने को मिला है। लगातार हो रही बारिश और बादलों के डेरे के चलते दिल्ली का पारा गिरकर लगभग 20 डिग्री सेल्सियस तक आ गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, सफदरजंग और पालम मौसम केंद्रों पर सुबह के वक्त तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान, जो आमतौर पर अक्टूबर के मध्य में 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के करीब रहता था, वह भी आज गिरकर 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास सिमट जाने की संभावना है। सुबह और शाम के समय हल्की सिहरन के साथ लोगों को दिल्ली में गुलाबी ठंड की औपचारिक दस्तक महसूस होने लगी है।
अक्टूबर का महीना शुरू होते ही दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर ‘खराब’ और ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंचने लगता था, लेकिन इस ताजा बारिश ने राजधानी की हवा को पूरी तरह धोकर साफ कर दिया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के सुबह के बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली का ओवरऑल वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) सुधरकर 122 दर्ज किया गया है। हवा में मौजूद पार्टिकुलेट मैटर (PM 2.5 और PM 10) बारिश की बूंदों के साथ जमीन पर बैठ गए हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता ‘मध्यम’ (Moderate) श्रेणी में बनी हुई है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अगर तेज हवाएं और हल्की बारिश जारी रही तो एक्यूआई में और सुधार हो सकता है, जो सांस के मरीजों और बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत है।
एक तरफ जहां बारिश ने मौसम खुशनुमा बनाया है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली की सड़कों पर जलभराव और जाम की समस्या खड़ी हो गई है। आईटीओ (ITO), धौला कुआं, आश्रम चौक, मिंटो रोड, विकास मार्ग और सराय काले खां के पास सड़कों पर पानी जमा होने की वजह से वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई। पीक ऑवर्स के दौरान प्रमुख चौराहों पर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने, जलभराव वाले रास्तों से बचने और वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करने की सलाह जारी की है। कई इलाकों में अंडरपास और चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को स्थिति संभालते हुए देखा गया।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत पर बने सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले 24 से 48 घंटों तक दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। 14 अक्टूबर से आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है। इसके बाद 15 अक्टूबर से मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने लगेगा, हालांकि तापमान में आई इस गिरावट के चलते दिन और रात के पारे में नरमी बनी रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बारिश के थमने के बाद उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाएं चलने से दिल्ली में रातें और अधिक ठंडी होने लगेंगी।
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