US Strikes Iran: अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर किया सीमित हमला, लगातार 5 जोरदार धमाकों से दहली होर्मुज जलडमरूमध्य

पश्चिम एशिया में चल रहे सैन्य तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण केशम द्वीप (Qeshm Island) पर सीमित सैन्य हमला किया है। यह इलाका फारस की खाड़ी और दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के मुहाने पर स्थित है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स और अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से पुष्टि हुई है कि अमेरिकी बलों ने सामरिक ठिकानों को निशाना बनाकर रक्षात्मक हवाई स्ट्राइक की है। इस हमले के तुरंत बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर आ गई हैं और समुद्री व्यापारिक मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

केशम द्वीप पर लगातार 5 जोरदार धमाके और आसमान में दिखे विमान

ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी 'आईआरएनए' (IRNA) और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केशम द्वीप पर एक के बाद एक लगातार 5 भीषण धमाके सुने गए। धमाकों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि कई रिहायशी इलाकों में झटके महसूस किए गए। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों ने दावा किया कि धमाकों से ठीक पहले और बाद में द्वीप के ऊपर आसमान में कम से कम दो लड़ाकू विमान तेजी से उड़ान भरते देखे गए। हालांकि स्थानीय प्रांतीय प्रशासन की ओर से नुकसान या हताहतों को लेकर आधिकारिक ब्योरा तैयार किया जा रहा है, लेकिन जमीन पर हुए विस्फोटों ने स्पष्ट कर दिया है कि ठिकानों पर सीधा असर हुआ है।

ईरान के आईआरजीसी (IRGC) का दावा: मार गिराए 3 अमेरिकी ड्रोन

हमले के बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। ईरानी सैन्य सूत्रों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य और केशम द्वीप के दक्षिणी हिस्से में जासूसी कर रहे तीन अमेरिकी ड्रोनों को उनकी वायु रक्षा प्रणालियों ने निशाना बनाया। तसनीम न्यूज एजेंसी के जरिए जारी बयान में आईआरजीसी ने कहा कि उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पूर्व में एक एमक्यू-9 (MQ-9) रीपर ड्रोन को नष्ट किया और केशम द्वीप के दक्षिण में दो एमक्यूएम-170 (MQM-170) टोही ड्रोनों को मार गिराकर उनके मलबे को कब्जे में ले लिया। हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने ईरानी सेना के इन ड्रोन-मार गिराने के दावों की तत्काल कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है।

मिडटर्म चुनावों से पहले कार्रवाई और कूटनीतिक हलचल

यह हमला अमेरिका में मध्यावधि (मिडटर्म) चुनावों से ठीक पहले हुआ है। एक तरफ जहां अमेरिकी सेना ने रणनीतिक ठिकानों पर यह सीमित स्ट्राइक की है, वहीं दूसरी तरफ वाशिंगटन में कूटनीतिक बयानबाजी भी जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बातचीत और सोशल मीडिया पोस्ट में संकेत दिया कि तेहरान के साथ तनाव कम करने और समझौते की संभावना अभी भी बनी हुई है। ट्रंप ने उल्लेख किया कि ईरान जल्द से जल्द विवाद का समाधान चाहता है। इसके विपरीत, इजरायल और वाशिंगटन के रक्षा गलियारों में रणनीतिक दबाव के चलते अमेरिकी सेना ने होर्मुज क्षेत्र में ईरानी सैन्य गतिविधियों को संतुलित करने के लिए यह पिनपॉइंट हमला अंजाम दिया है।

वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर असर

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए लाइफलाइन माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। केशम द्वीप पर हुए इन सिलसिलेवार हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) बाजारों में तत्काल अस्थिरता और उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। शिपिंग कंपनियों ने फारस की खाड़ी से गुजरने वाले अपने टैंकरों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी कर दी है। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यदि ईरान ने इस हमले के जवाब में जलमार्ग को बाधित करने या अमेरिकी नौसैनिक संपत्तियों को निशाना बनाने की कोशिश की, तो यह संघर्ष एक व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।

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