
दिल्ली-एनसीआर की लाइफलाइन मानी जाने वाली दिल्ली मेट्रो में रोजाना लाखों यात्री सफर करते हैं। मेट्रो में क्या ले जाना अनुमत है और क्या प्रतिबंधित, इसे लेकर अक्सर यात्रियों के मन में भ्रम रहता है। विशेष रूप से शराब (Liquor) को लेकर कई सवाल पूछे जाते हैं। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) और सुरक्षा एजेंसी सीआईएसएफ (CISF) के आधिकारिक नियमों के अनुसार, दिल्ली मेट्रो ट्रेनों में शराब की बोतल ले जाना पूरी तरह से कानूनी है। हालांकि, यह अनुमति बिना किसी शर्त के नहीं है; इसके लिए डीएमआरसी और संबंधित राज्यों के आबकारी विभागों ने बेहद सख्त नियम तय कर रखे हैं, जिनकी अनदेखी करने पर कानूनी पचड़े या जेल की नौबत आ सकती है।
डीएमआरसी के दिशा-निर्देशों के तहत एक वयस्क यात्री अपने साथ अधिकतम 2 बोतलें शराब ले जा सकता है:
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बोतल पूरी तरह सीलबंद (Sealed) होनी चाहिए: यात्रा के दौरान शराब की बोतल का ढक्कन या सील खुली (Unsealed) नहीं होनी चाहिए। यदि सुरक्षा जांच (एक्स-रे मशीन या सीआईएसएफ तलाशी) के दौरान बोतल खुली पाई जाती है, तो उसे मेट्रो परिसर के भीतर ले जाने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी।
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निजी उपयोग के लिए: यह अनुमति केवल निजी उपभोग के लिए ले जाने वाले यात्रियों पर लागू होती है। भारी मात्रा में या व्यावसायिक ढुलाई के उद्देश्य से शराब ले जाना गैर-कानूनी है।
शराब की बोतल साथ ले जाने की छूट का अर्थ किसी भी सूरत में शराब पीने की आजादी नहीं है।
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पीने पर भारी जुर्माना और सजा: मेट्रो ट्रेन के कोच, प्लेटफॉर्म, कॉनकोर्स, सीढ़ियों या मेट्रो स्टेशन परिसर के किसी भी हिस्से में शराब खोलना या पीना पूर्णतः प्रतिबंधित है।
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अनुचित व्यवहार पर कानूनी कार्रवाई: यदि कोई यात्री शराब के नशे में धुत पाया जाता है या सह-यात्रियों के साथ अशोभनीय व्यवहार, हुड़दंग या अभद्रता करता है, तो मेट्रो संचालन एवं प्रबंधन अधिनियम के तहत उस पर तत्काल आर्थिक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा सीआईएसएफ और दिल्ली मेट्रो पुलिस उसे हिरासत में लेकर आपराधिक धाराओं में चालान कर सकती है।
यद्यपि डीएमआरसी का नियम पूरे मेट्रो नेटवर्क (एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन समेत) पर 2 सीलबंद बोतलों की अनुमति देता है, लेकिन राज्य सीमाओं को पार करते समय संबंधित राज्य का ‘आबकारी कानून’ (Excise Law) प्रभावी हो जाता है:
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उत्तर प्रदेश (नोएडा/गाजियाबाद): उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम के अनुसार, किसी अन्य राज्य (दिल्ली या हरियाणा) से यूपी की सीमा में शराब लाना प्रतिबंधित श्रेणी में आता है। दिल्ली से शराब खरीदकर नोएडा या गाजियाबाद के मेट्रो स्टेशन पर उतरने पर यूपी आबकारी विभाग की चेकिंग में पकड़े जाने पर बोतल जब्त हो सकती है और तस्करी के आरोप में जुर्माना या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
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हरियाणा (गुरुग्राम/फरीदाबाद): इसी तरह हरियाणा आबकारी नियमों के तहत भी अंतरराज्यीय शराब परिवहन पर अपनी बंदिशें हैं।
यदि आप दिल्ली के भीतर ही सफर कर रहे हैं, तो 2 सीलबंद बोतलों के साथ बेफिक्र होकर सफर कर सकते हैं। लेकिन यदि आप दिल्ली से यूपी की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं, तो स्थानीय आबकारी नियमों की जटिलताओं से बचने के लिए शराब कैरी करने से बचना ही समझदारी है।
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