UP Floods Alert: यूपी में बाढ़ का तांडव! बेलन और टोंस नदी के रौद्र रूप ने रोकी गंगा-यमुना की धार, प्रयागराज में 60 गांवों का टूटा संपर्क; अलर्ट पर NDRF

उत्तर प्रदेश में मानसून की लगातार मूसलाधार बारिश और बांधों-बैराजों से छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी के चलते नदियां विकराल रूप धारण कर चुकी हैं। खासकर संगम नगरी प्रयागराज और उसके आसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति बेहद नाजुक और भयावह होती जा रही है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) द्वारा जारी ताजा चेतावनी के बाद प्रशासन ने तटीय और निचले इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। मध्य प्रदेश और विंध्य क्षेत्र में हो रही भारी वर्षा के कारण बेलन और टोंस नदियों में अप्रत्याशित उफान आ गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि बेलन के भारी जल दबाव ने टोंस के प्रवाह को रोक दिया है, जिससे टोंस का पानी गंगा में बैकफ्लो मारने लगा है और गंगा-यमुना का जलस्तर प्रति घंटे तेजी से बढ़ रहा है।

बेलन और टोंस के उफान से 60 गांवों का टूटा संपर्क

यमुनापार और तराई के इलाकों में बेलन और टोंस नदियों का पानी रपटों और पुलियों के ऊपर से बह रहा है। प्रयागराज के कोरांव, मेजा और बारा क्षेत्र में स्थिति सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। कोरांव क्षेत्र में लगभग 60 गांवों की 80 हजार से अधिक आबादी का मुख्य मार्गों से संपर्क पूरी तरह कट गया है। कई बस्तियों में घरों के भीतर तक 3 से 4 फीट पानी भर चुका है, जिससे ग्रामीणों को अपने मवेशियों और सामान के साथ छतों या ऊंचे स्थानों पर शरण लेनी पड़ रही है। प्रशासन ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे उफनती नदियों और पानी से भरे रपटों को पार करने का बिल्कुल भी जोखिम न लें।

गंगा-यमुना का बढ़ता जलस्तर और शहर के मोहल्लों में खौफ

गंगा और यमुना के संगम पर भी जलस्तर लगातार खतरे के निशान की ओर अग्रसर है। आंकड़ों के अनुसार, नैनी में यमुना का जलस्तर 80 मीटर के पार पहुंच चुका है, वहीं फाफामऊ और छतनाग में गंगा का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। लेटे हुए बड़े हनुमान जी के मंदिर कॉरिडोर और घाटों की सीढ़ियां पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं। शहर के निचले इलाकों जैसे छोटा बघाड़ा, सलोरी, दारागंज और राजापुर के मोहल्लों में पानी का फैलाव शुरू हो गया है। बघाड़ा के नागरिकों के लिए प्रशासन ने होली ट्रिनिटी स्कूल में राहत शिविर की व्यवस्था की है।

प्रशासनिक अमला सक्रिय, NDRF और SDRF ने संभाला मोर्चा

बाढ़ के गहराते संकट को देखते हुए प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और प्रशासनिक अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। कोरांव और अन्य जलमग्न गांवों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को बोट्स के साथ तैनात किया गया है। दर्जनों परिवारों को सुरक्षित निकालकर पंचायत भवनों और शेल्टर होम्स में पहुंचाया जा चुका है। पुलिस टीमें लाउडस्पीकर के जरिए तटीय इलाकों में मुनादी करवा रही हैं ताकि लोग सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट हो सकें।

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