उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश का सीधा असर अब मैदानी इलाकों में दिखने लगा है। कौशांबी में गंगा नदी का जलस्तर बेहद तेजी से बढ़ रहा है, जिससे तटीय इलाकों और प्रसिद्ध कड़ा धाम के घाटों पर बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। पानी के तेज बहाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।
डेढ़ मीटर बढ़ा पानी, आरती स्थल और चौकियां डूबीं
कौशांबी के ऐतिहासिक शक्तिपीठ कड़ा धाम स्थित कालेश्वर और कुबरी घाट पर गंगा के जलस्तर में अचानक तेजी आई है। स्थानीय गोताखोरों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के भीतर नदी का जलस्तर लगभग डेढ़ मीटर तक बढ़ गया है। पानी बढ़ने से कुबरी घाट का आरती चबूतरा पूरी तरह जलमग्न हो गया है और पक्के घाट की कई सीढ़ियां डूब चुकी हैं। बुधवार सुबह जब पुरोहित और स्थानीय लोग घाट पर पहुंचे, तो वहां रखीं चौकियां और तख्त तैरते मिले, जिन्हें आनन-फानन में सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया।
प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को किया एक्टिव
बढ़ते खतरे को देखते हुए तहसील प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। नायब तहसीलदार विनय कुमार ने बताया कि सभी लेखपालों, राजस्व कर्मियों और पुलिस टीमों को चौबीसों घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्र की सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट मोड पर डाल दिया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक त्वरित कार्रवाई दल (Quick Response Team) का गठन किया गया है, जो प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत सामग्री देने का काम करेगा।
तीन दिन बाद यूपी में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर प्रदेश में फिलहाल मानसूनी बारिश पर थोड़ा ब्रेक लगा है, लेकिन अगले तीन दिनों बाद यानी रविवार से राज्य में भारी बारिश का नया दौर शुरू होने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि जब मैदानी इलाकों में बारिश शुरू होगी, तो गंगा का जलस्तर और अधिक खौफनाक रूप ले सकता है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और नदी के किनारे न जाने की अपील की है।
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