
उत्तर प्रदेश में जमीन विवाद को लेकर हिंसक झड़प का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार की एक महिला मंत्री के नजदीकी रिश्तेदारों को निशाना बनाया गया है। गांव में लंबे समय से चले आ रहे पैतृक भूमि और मेड़ के विवाद ने अचानक खूनी रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते लाठी-डंडों, धारदार हथियारों और ईंट-पत्थरों से लैस खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई। इस अप्रत्याशित हमले में प्रदेश सरकार की मंत्री की बड़ी बहन और उनकी गर्भवती बहू गंभीर रूप से लहूलुहान हो गईं। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया और आनन-फानन में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, विवादित जमीन पर कब्जे और जुताई को लेकर दूसरे पक्ष के लोगों ने अचानक लामबंद होकर हमला बोल दिया। जब घर की महिलाएं बीच-बचाव करने पहुंचीं, तो हमलावरों ने उन पर भी रहम नहीं किया। मंत्री की बड़ी बहन को जमीन पर पटककर पीटा गया, जिससे उनके सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। वहीं, परिवार की गर्भवती बहू को भी लाठियों और लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा गया, जिससे उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। चीख-पुकार सुनकर जब आसपास के ग्रामीण दौड़कर आए, तब जाकर हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
वारदात के तुरंत बाद परिजनों ने गंभीर रूप से घायल मंत्री की बहन और गर्भवती बहू को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक गर्भवती महिला के पेट और पीठ के निचले हिस्से में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके चलते अल्ट्रासाउंड व अन्य जरूरी परीक्षण कराए जा रहे हैं ताकि गर्भस्थ शिशु की स्थिति सुरक्षित रखी जा सके। वहीं, मंत्री की बुजुर्ग बहन के सिर में आए गहरे घाव पर टांके लगाए गए हैं और उन्हें फिलहाल डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रखा गया है।
राज्य सरकार की मंत्री के परिवार से जुड़ा मामला होने के कारण सूचना मिलते ही जिले के आला पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं—घातक हथियारों से हमला, बलवा, जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाना और महिलाओं के साथ बर्बरता—के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी की पहचान कर सख्त विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
घटना के बाद से गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है, जिसे देखते हुए एहतियातन गांव और विवादित जमीन के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी गई है। स्थानीय खुफिया तंत्र भी स्थिति पर पैनी नजर रख रहा है ताकि दोबारा किसी भी तरह के टकराव की आशंका को रोका जा सके। पुलिस अधीक्षक ने फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए स्वाट और स्थानीय थाने की तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया है, जो संदिग्ध ठिकानों और संभावित रिश्तेदारों के घरों पर लगातार दबिश दे रही हैं। राजस्व विभाग की टीम को भी तलब किया गया है ताकि विवादित जमीन के दस्तावेजों और सीमाओं की पैमाइश कर विवाद की मूल वजह का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
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