आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ते लाइफस्टाइल में दिल (Heart) को तंदुरुस्त रखना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। दिल की बीमारी में सिर्फ दवाइयां खाना या वॉक करना ही काफी नहीं है, बल्कि आपके दिन की शुरुआत किस खुराक से हो रही है, इसका सीधा असर आपकी हार्ट हेल्थ पर पड़ता है। रातभर के लंबे उपवास के बाद सुबह का नाश्ता हमारे शरीर को जरूरी एनर्जी देता है और मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, यदि नाश्ते में ज्यादा तेल, घी, मक्खन, मैदा या चीनी वाली चीजों का सेवन किया जाए, तो बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL), ब्लड प्रेशर और मोटापा तेजी से बढ़ता है। इसलिए, हार्ट पेशेंट्स के लिए ऐसा नाश्ता चुनना बेहद जरूरी है जो स्वाद में भी नंबर वन हो और दिल की धमनियों को भी ब्लॉक होने से बचाए। आइए जानते हैं हार्ट स्पेशलिस्ट्स के अनुसार दिल के मरीजों के लिए पूरे हफ्ते का बेहतरीन ब्रेकफास्ट डाइट प्लान।
दिल की सेहत के लिए क्यों गेम-चेंजर है सुबह का सही नाश्ता?
एक संतुलित और हेल्दी नाश्ता शरीर में ब्लड शुगर के लेवल को अचानक बढ़ने नहीं देता, जिससे दिल पर एक्स्ट्रा दबाव नहीं पड़ता। यह दिनभर के लिए सस्टेन्ड एनर्जी (स्थिर ऊर्जा) देता है और बार-बार होने वाली फूड क्रेविंग्स को रोकता है। डॉक्टरों के अनुसार, दिल के मरीजों के नाश्ते में भरपूर मात्रा में साबुत अनाज (Whole Grains), प्लांट-बेस्ड प्रोटीन, हरी सब्जियां और बेहद सीमित मात्रा में गुड फैट होना चाहिए।
हार्ट पेशेंट्स के लिए पूरे हफ्ते का स्पेशल नाश्ता चार्ट (Monday to Sunday Diet)
सोमवार: ओट्स उपमा (फाइबर का पावरहाउस)
हफ्ते की शुरुआत ओट्स उपमा के साथ करें। ओट्स में ‘बीटा-ग्लूकन’ नामक एक विशेष घुलनशील फाइबर होता है, जो धमनियों में जमा अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को सोखकर शरीर से बाहर निकालता है। इसमें गाजर, बीन्स और मटर जैसी सब्जियां मिलाने से भरपूर पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स मिलते हैं, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखते हैं।
मंगलवार: सब्जियों से भरपूर बेसन चीला (प्रोटीन रिच)
बेसन का ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है, जिसके कारण यह शुगर लेवल को स्थिर रखता है। बेसन में मौजूद प्लांट-बेस्ड प्रोटीन वजन को काबू में रखता है। बारीक कटी पालक, लौकी, टमाटर और प्याज डालकर बनाया गया चीला दिल के लिए बेहद हल्का और पौष्टिक नाश्ता है।
बुधवार: स्प्राउट्स (अंकुरित मूंग) चाट या सलाद
बुधवार के दिन कुछ हल्का और क्रंची खाने के लिए अंकुरित मूंग का सलाद सबसे बेस्ट है। अंकुरित अनाज में फैट (वसा) की मात्रा न के बराबर होती है, जबकि प्रोटीन, फाइबर और विटामिंस का स्तर बहुत ज्यादा होता है। इसमें खीरा, टमाटर, हरी धनिया और नींबू का रस मिलाकर खाएं। यह पाचन को दुरुस्त कर खून को साफ रखने में मदद करता है।
गुरुवार: नमकीन वेजी दलिया (कॉम्प्लेक्स कार्ब्स)
दलिया खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है, जिससे आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं। इसमें मौजूद कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट धीरे-धीरे पचते हैं, जिससे शरीर को लगातार एनर्जी मिलती रहती है। गाजर, मटर और बीन्स के साथ बना दलिया फाइबर से भरपूर होता है, जो हार्ट ब्लॉकेज के खतरे को कम करता है।
शुक्रवार: रागी डोसा और सांभर (कैल्शियम और आयरन से भरपूर)
रागी (मडुआ) को दिल का सबसे अच्छा दोस्त माना जाता है। रागी में पाए जाने वाले ‘पॉलीफेनोल्स’ शरीर के भीतर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (तनाव) और नसों की सूजन को कम करते हैं। रागी डोसा खाने से वजन कम करने में मदद मिलती है। इसे आप ढेर सारी सब्जियों वाले सांभर और पुदीने की चटनी के साथ खा सकते हैं।
शनिवार: मल्टीग्रेन वेजिटेबल सैंडविच (क्विक एंड हेल्दी)
शनिवार के बिजी रूटीन के लिए मल्टीग्रेन या होल-व्हीट ब्रेड से बना सैंडविच एक शानदार ऑप्शन है। इस सैंडविच में खीरा, टमाटर, प्याज और उबला हुआ कॉर्न भरें। ध्यान रहे, इसमें भूलकर भी चीज (Cheese), मेयोनीज या हैवी बटर का इस्तेमाल न करें। इसकी जगह आप हंग कर्ड (हल्की छानी हुई दही) या हम्मस का स्प्रेड लगा सकते हैं।
रविवार: बादाम, चिया सीड्स और फ्रूट स्मूदी
हफ्ते के आखिरी दिन खुद को फ्रेश रखने के लिए टोंड मिल्क (Double Toned Milk) या बादाम के दूध से बनी स्मूदी पिएं। इसमें ओट्स, सेब या केला, भीगे हुए बादाम और चिया सीड्स मिलाएं। चिया सीड्स में प्रचुर मात्रा में ‘ओमेगा-3 फैटी एसिड’ होता है, जो दिल की नसों में सूजन आने से रोकता है और बादाम गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाता है।
हार्ट पेशेंट नाश्ता बनाते समय भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां
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मक्खन और रिफाइंड तेल से तौबा: नाश्ता बनाते समय ऑलिव ऑयल, सरसों का तेल या राइस ब्रान ऑयल का बेहद कम मात्रा में इस्तेमाल करें। डालडा, मक्खन या बार-बार गर्म किए गए तेल का उपयोग जहर के समान है।
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मैदा और पैक्ड फूड्स पर बैन: सुबह के समय रेडी-टू-ईट पैकेट वाले नूडल्स, सफेद ब्रेड, कॉर्नफ्लेक्स या बाजार के समोसे-कचौड़ी बिल्कुल न खाएं। इनमें सोडियम और ट्रांस फैट बहुत ज्यादा होता है।
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चाय-कॉफी में एक्स्ट्रा चीनी: नाश्ते के साथ या बाद में ज्यादा चीनी वाली दूध की चाय पीने से बचें। इसकी जगह आप बिना चीनी की ग्रीन टी या अर्जुन की छाल का काढ़ा ले सकते हैं।
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