
दक्षिण भारत के प्रगतिशील राज्य केरलम में जनसांख्यिकी (Demographics) को लेकर एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य में लगातार बढ़ती बुजुर्ग आबादी और उनकी सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए केरल सरकार ने एक ठोस और दूरदर्शी कदम उठाया है। मंगलवार को केरल विधानसभा में ‘केरलम सीनियर सिटीजन्स (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) बिल, 2026’ पेश किया गया। इस नए विधेयक का मुख्य उद्देश्य न केवल वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर जीवन और सुरक्षा प्रदान करना है, बल्कि ‘सिल्वर इकोनॉमी’ के जरिए उनके विशाल अनुभव का लाभ राज्य के विकास में उठाना भी है।
केरलम में क्यों पड़ी इस विशेष विधेयक की जरूरत
विधानसभा में इस महत्वपूर्ण विधेयक को पेश करते हुए मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने राज्य की बदलती जनसांख्यिकी पर गहरी चिंता और विचार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि केरलम में पिछले कुछ वर्षों में घटती जन्म दर, शादियों में हो रही देरी और युवाओं तथा उच्च शिक्षा प्राप्त छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए दूसरे राज्यों या विदेशों में पलायन करने के कारण स्थानीय स्तर पर युवाओं की संख्या में लगातार कमी आ रही है।
इसके विपरीत, स्वास्थ्य सुविधाओं के बेहतर होने से लोगों की औसत आयु बढ़ रही है, जिसके परिणामस्वरूप समाज में वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) का अनुपात तेजी से ऊपर जा रहा है। सरकारी अनुमानों के मुताबिक, वर्ष 2036 तक केरलम में बुजुर्गों की आबादी राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुनी हो जाएगी। सरकार का यह स्पष्ट मानना है कि राज्य की भविष्य की हर विकास योजना और नीति में इस जनसांख्यिकीय बदलाव को मुख्य आधार बनाना अब अनिवार्य हो चुका है।
विधेयक की मुख्य बातें और ‘सिल्वर इकोनॉमी’ का कॉन्सेप्ट
केरलम सरकार इस पूरे मामले को केवल एक पारंपरिक कल्याणकारी योजना के रूप में नहीं देख रही है, बल्कि इसे एक आर्थिक और सामाजिक अवसर के रूप में विकसित करना चाहती है। इस नई नीति के तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र के अनुभवी और सेवानिवृत्त प्रोफेशनल्स की विशेषज्ञता का पूरा उपयोग किया जाएगा।
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युवा उद्यमियों का मार्गदर्शन: जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में लंबा अनुभव रख चुके ये वरिष्ठ नागरिक तकनीकी, मार्केटिंग या वित्तीय प्रबंधन की चुनौतियों से जूझ रहे युवा स्टार्टअप्स और उद्यमियों को मेंटरशिप (मार्गदर्शन) प्रदान करेंगे, जिसके बदले उन्हें उचित मानदेय भी दिया जाएगा।
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कुदुम्बश्री इकाइयों को मजबूती: इन अनुभवी और वरिष्ठ विशेषज्ञों की विशेषज्ञता का उपयोग ग्रामीण स्तर पर ‘कुदुम्बश्री’ महिला स्व-सहायता समूहों को सलाह देने, नए प्रोजेक्ट्स तैयार करने और राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से और अधिक आत्मनिर्भर बनाने में किया जाएगा।
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अंतरराष्ट्रीय मॉडलों का अध्ययन: सरकार की इस अनूठी योजना के पीछे जापान, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे विकसित देशों के सीनियर केयर और सिल्वर इकोनॉमी मॉडलों का गहन अध्ययन है, ताकि केरलम के बुजुर्गों को एक सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिल सके।
फिलहाल इस व्यापक विधेयक को आगे की गहन जांच और समीक्षा के लिए केरल विधानसभा की विषय समिति (Subject Committee) के पास भेज दिया गया है, जिस पर आने वाले दिनों में विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है।
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