मनोरंजन डेस्क, नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा जगत से एक बेहद दुखद और स्तब्ध करने वाली खबर सामने आ रही है। बॉलीवुड के दिग्गज फिल्म निर्माता और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी अब हमारे बीच नहीं रहे। 76 वर्ष की आयु में उन्होंने मुंबई के एक अस्पताल में अपनी आखिरी सांस ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहलाज निहलानी पिछले कुछ समय से लिवर (यकृत) से जुड़ी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे, जिसके इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।
लिवर की बीमारी से जूझ रहे थे पहलाज, आज मुंबई में होगा अंतिम संस्कार
ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन ने पहलाज निहलानी के निधन की खबर की पुष्टि करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने बताया, “यह मेरा एक निजी नुकसान है। मैंने महज 10 दिन पहले ही उनसे बातचीत की थी। वह लिवर की समस्या से परेशान थे, लेकिन उनका इस तरह चले जाना झकझोर देने वाला है। वह बेहद अनुशासित थे और शराब को हाथ तक नहीं लगाते थे। सिनेमा के प्रति उनका समर्पण अद्भुत था।”
दिग्गज प्रोड्यूसर का अंतिम संस्कार आज दोपहर 3 बजे मुंबई में किया जाएगा, जहां फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े सितारे और उनके करीबी उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचेंगे। सीबीएफसी के मौजूदा अध्यक्ष शशि शेखर वेम्पति ने भी पहलाज निहलानी को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, “पूर्व सीबीएफसी अध्यक्ष श्री पहलाज निहलानी के निधन पर पूरे सीबीएफसी परिवार की ओर से गहरी संवेदनाएं।”
जब डिस्ट्रीब्यूटर्स के फेवरेट बन गए थे निहलानी, संडे को भी करते थे काम
पहलाज निहलानी सिर्फ एक फिल्म मेकर नहीं थे, बल्कि सिनेमा बिजनेस की गहरी समझ रखने वाले शख्स थे। अतुल मोहन ने उनके सीबीएफसी चीफ के कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि वह फिल्मों को समय पर सर्टिफिकेट दिलाने के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। अगर कभी कोई बड़ी फिल्म फंसती थी या समय की कमी होती थी, तो पहलाज निहलानी रविवार (संडे) को भी फिल्मों की स्पेशल स्क्रीनिंग रखवा देते थे ताकि फिल्म की रिलीज न टले। एक दौर ऐसा भी था जब फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स आंख बंद करके सिर्फ इसलिए फिल्म खरीद लेते थे क्योंकि उससे पहलाज निहलानी का नाम जुड़ा होता था।
संजीव कुमार और शत्रुघ्न सिन्हा के साथ किया था डेब्यू, दी कई ब्लॉकबस्टर फिल्में
पहलाज निहलानी ने साल 1982 में आई फिल्म ‘हथकड़ी’ से बतौर फिल्म निर्माता बॉलीवुड में कदम रखा था। अपनी पहली ही फिल्म में उन्होंने संजीव कुमार, शत्रुघ्न सिन्हा और रीना रॉय जैसे दिग्गज कलाकारों को कास्ट किया था। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और इंडस्ट्री को एक से बढ़कर एक बेहतरीन फिल्में दीं।
उन्हें मुख्य रूप से ‘शोला और शबनम’ (1992), ‘अंदाज’ (1994), ‘तलाश’ (2003) और गोविंदा स्टारर ‘रंगीला राजा’ (2019) जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है। उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म साल 1993 में रिलीज हुई ‘आंखें’ थी। गोविंदा और चंकी पांडे स्टारर यह फिल्म उस दौर की ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। महज 1.85 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर करीब 24.13 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड तोड़ ग्रॉस कलेक्शन किया था।
विवादों और कड़े फैसलों से भरा रहा सीबीएफसी अध्यक्ष का कार्यकाल
पहलाज निहलानी साल 2015 से 2017 के बीच सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के अध्यक्ष रहे थे। उनके कार्यकाल के दौरान फिल्मों में कट्स और सेंसरशिप को लेकर काफी विवाद भी हुए, जिसके चलते वह अक्सर मीडिया की सुर्खियों में बने रहते थे। साल 2017 में उन्हें पद से हटाए जाने के बाद मशहूर गीतकार प्रसून जोशी ने सीबीएफसी के नए अध्यक्ष के रूप में उनकी जगह ली थी। पहलाज निहलानी का जाना बॉलीवुड के एक सुनहरे दौर के अंत जैसा है।
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