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जब महर्षि पिप्पलाद ने शिवजी से प्रतिशोध में मांगा भयंकर वरदान, फिर कैसे अपने ही वर के चक्रव्यूह में फंस गए उनके प्राण

सनातन धर्म के 18 महापुराणों में शिव महापुराण का स्थान अत्यंत विशिष्ट है। शिव पुराण में भगवान भोलेनाथ के अनेक अवतारों, उनके परम भक्तों और ब्रह्मांडीय न्याय के रहस्यों से जुड़ी गाथाएं वर्णित हैं। इन्हीं में से एक अत्यंत रोमांचक और गूढ़ कथा महर्षि पिप्पलाद की है, जिन्हें स्वयं भगवान शिव का अंशावतार भी माना जाता है। पिप्पलाद का जन्म …

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