
लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले में रोहित शर्मा की 138 रनों की धमाकेदार पारी ने हर तरफ हलचल मचा दी है। इस ऐतिहासिक शतक के बाद पूर्व भारतीय मुख्य कोच रवि शास्त्री ने ‘हिटमैन’ की जमकर तारीफ की है। शास्त्री ने आलोचकों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि रोहित ने अपने बल्ले से सभी का मुंह पूरी तरह बंद कर दिया है।
‘रोहित को खुद को साबित करने की जरूरत नहीं’: रवि शास्त्री
स्काई क्रिकेट (Sky Cricket) से बातचीत के दौरान रवि शास्त्री ने रोहित शर्मा के आलोचकों पर गुस्सा जाहिर किया और कहा:
“रोहित शर्मा को खुद को साबित करने की कोई जरूरत नहीं थी, लेकिन फिर भी उन्होंने सबको चुप करा दिया है। जब किसी अनुभवी खिलाड़ी के बारे में बेवजह की अफवाहें फैलती हैं, तो यह परेशान करने वाला होता है। जब तक रोहित में खेलने की इच्छा है, वे मेहनत कर रहे हैं और खेल का आनंद ले रहे हैं, तब तक उन्हें मौका दिया जाना चाहिए।”
शास्त्री ने आगे मांग करते हुए कहा कि जब रोहित को खुद लगेगा कि अब उनके भीतर पहले जैसी क्षमता नहीं रही, तो वे सम्मानपूर्वक खुद ही चले जाएंगे। इसलिए उन पर बेवजह संन्यास का दबाव नहीं बनाना चाहिए।
लॉर्ड्स में खेली 138 रनों की ऐतिहासिक पारी
2027 वनडे वर्ल्ड कप की योजनाओं और संन्यास की अटकलों के भारी दबाव के बीच 39 वर्षीय रोहित शर्मा ने महज 84 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। यह उनके वनडे करियर का 34वां शतक था।
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पारी के आंकड़े: 110 गेंदों में 138 रन (17 चौके और 5 छक्के)।
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विपक्षी गेंदबाजों की धुनाई: रोहित ने जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद और जोश टंग जैसे गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया और मैदान के हर कोने में शॉट्स लगाए।
चयनकर्ताओं और कोच गंभीर को दिया करारा जवाब
साल 2026 में शुरुआती कुछ मैचों में खराब फॉर्म से जूझने के बाद लॉर्ड्स के मैदान पर आया यह शतक बेहद खास है। शुरुआती दो वनडे में 11 और 26 रन पर आउट होने के बाद रोहित पर लगातार सवाल उठ रहे थे। हालांकि, इस मैच विजेता शतक के जरिए रोहित शर्मा ने मुख्य कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि उनके भीतर अभी काफी क्रिकेट बाकी है।
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