Rahu Ketu Transit 2026: 2 अगस्त से बदलेंगे राहु-केतु के नक्षत्र, कर्क समेत इन 5 राशियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

वैदिक ज्योतिष में छाया ग्रह माने जाने वाले राहु और केतु का हर गोचर व नक्षत्र परिवर्तन अत्यंत प्रभावकारी माना जाता है। 2 अगस्त 2026 को राहु और केतु अपनी चाल बदलते हुए नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं। इस दिन राहु शतभिषा नक्षत्र से निकलकर धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जबकि केतु मघा नक्षत्र को छोड़कर आश्लेषा नक्षत्र में गोचर करेंगे। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, इस ग्रहीय फेरबदल का असर सभी 12 राशियों पर दिखेगा, लेकिन 5 विशेष राशियों को स्वास्थ्य, आर्थिक मामलों और रिश्तों में विशेष सावधानी बरतनी होगी।

कर्क राशि: बढ़ेगा मानसिक तनाव और रुकावटें

कर्क राशि के जातकों को इस नक्षत्र परिवर्तन के दौरान सबसे अधिक सतर्क रहना होगा। कार्यक्षेत्र में अड़चनें आ सकती हैं और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। पारिवारिक सदस्यों की सेहत की चिंता रहेगी। पैसों के मामलों में किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें।

मकर राशि: अनचाहे खर्च और करियर की चुनौतियां

मकर राशि वालों के लिए यह समय थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। नौकरी और व्यापार में अत्यधिक परिश्रम करना पड़ेगा। अचानक खर्चे बढ़ सकते हैं, इसलिए वित्तीय बजट बनाकर चलें। यात्रा या वाहन चलाते समय सतर्कता बरतें।

मिथुन राशि: वाणी पर संयम और लेन-देन में सावधानी

मिथुन राशि के लोगों को अपनी बोली और व्यवहार पर नियंत्रण रखना होगा। जल्दबाजी में लिया गया कोई भी निर्णय नुकसान करा सकता है। निवेश या पैसों के किसी भी बड़े लेन-देन से पहले पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें।

धनु राशि: पुरानी उलझनें और सेहत की चिंता

धनु राशि वालों को सेहत और रिश्तों के मामले में संभलकर रहना होगा। किसी पुराने मामले को लेकर तनाव बढ़ सकता है। जीवनसाथी और परिजनों के साथ बातचीत के दौरान धैर्य रखें और गुस्से में आकर कोई कदम न उठाएं।

मीन राशि: प्रेम-संबंधों और संतान पक्ष की चिंता

मीन राशि के जातकों को संतान की शिक्षा, करियर या स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी चिंता रह सकती है। प्रेम संबंधों में गलतफहमियां पनपने की आशंका है, इसलिए आपस में बातचीत के रास्ते खुले रखें और भावनाओं में बहकर बड़ा फैसला न लें।

अन्य राशियों पर प्रभाव और राहु-केतु के अचूक उपाय

मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक और कुंभ राशि के लिए यह बदलाव सामान्य रहेगा। राहु-केतु के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए नियमित रूप से शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। शनिवार और सोमवार को “ॐ रां राहवे नमः” व “ॐ कें केतवे नमः” मंत्रों का जाप करें तथा गरीबों की यथासंभव मदद करें।

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