Pakistan-Afghanistan Conflict: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक खूनी मोड़ पर पहुँच गया है। कराची में हुए हालिया आतंकवादी हमले का बदला लेने के नाम पर, पाकिस्तानी वायु सेना ने रविवार-सोमवार की मध्यरात्रि अफगानिस्तान के तीन प्रांतों—पक्तिका, ज्ञान और कुनार में जोरदार हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में 35 से अधिक आम नागरिकों की मौत हो गई है और 100 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
नागरिक ठिकानों पर कहर
हवाई हमलों की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मृतकों में बड़ी संख्या में 4 से 9 साल के मासूम बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान ने आवासीय घरों और मस्जिदों को निशाना बनाया।
हमले का पैटर्न बेहद क्रूर रहा; पहला हमला होने के बाद जब स्थानीय लोग मलबे में दबे पीड़ितों की मदद के लिए एकत्र हुए, तो पाकिस्तानी विमानों ने दोबारा हवाई हमला किया। इस ‘डबल-स्ट्राइक’ रणनीति में राहत कार्य में लगे कई निहत्थे नागरिक मारे गए। चश्मदीदों का साफ कहना है कि हमले वाली जगह पर कोई भी सैन्य ठिकाना या आतंकवादी मौजूद नहीं थे, वहां केवल आम लोग रह रहे थे।
पाकिस्तान का दावा बनाम हकीकत
पाकिस्तानी सरकार के मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करते हुए दावा किया है कि इस अभियान में ‘तहरीक-ए-तालिबान’ और ‘जमात-उल-अहरार’ के 25 आतंकवादी मारे गए हैं। हालांकि, अफगानिस्तान से आ रही तस्वीरें और पीड़ितों की आपबीती इस दावे की पोल खोल रही हैं। पिछले 9 महीनों में पाकिस्तानी वायु सेना के ऐसे अभियानों में करीब 565 अफगान नागरिक अपनी जान गवां चुके हैं।
आतंकवाद के नाम पर मानवाधिकारों का उल्लंघन
पाकिस्तान ने हमेशा की तरह आतंकवाद विरोधी अभियान का बहाना बनाकर अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन किया है। विश्लेषकों का मानना है कि अपनी आंतरिक विफलताओं और कराची में बिगड़ी सुरक्षा स्थिति से ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान द्वारा ऐसे हमले किए जा रहे हैं। इन हमलों ने न केवल पड़ोसी देशों के बीच कूटनीतिक दरार बढ़ा दी है, बल्कि पूरे क्षेत्र में मानवीय संकट भी पैदा कर दिया है।
The News 11 – ताज़ा हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया