भारत के ‘कॉकरोच आंदोलन’ से थर-थर कांप उठा पाकिस्तान! गृह मंत्री मोहसिन नकवी का बड़ा बयान- बोले, ‘कॉकरोच’ सब कुछ पलट देंगे

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और पड़ोसी मुल्कों की राजनीति में इस समय भारत के एक अनोखे और शक्तिशाली जन-आंदोलन की गूंज सुनाई दे रही है। भारत में नीट पेपर लीक और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ जंतर-मंतर पर चले लंबे और उग्र प्रदर्शन के बाद अब इसका खौफ सीधे पाकिस्तान की हुकूमत के गलियारों तक पहुंच गया है। भारत में अभिजीत दीपके के नेतृत्व में खड़ी हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के इस सफल आंदोलन ने देश के तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया था। इस राजनीतिक भूचाल को देखकर अब पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी बुरी तरह सहम गए हैं और उन्होंने सार्वजनिक रूप से आशंका जताई है कि उनके देश के बिगड़ते हालात और गुस्से से भरे युवा भी किसी भी दिन सब कुछ पलटकर रख सकते हैं।

भारत के ‘कॉकरोच आंदोलन’ और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से सहमा पाकिस्तान

भारत की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चले उस ऐतिहासिक आंदोलन की गूंज अब सरहद पार पाकिस्तान तक सुनाई दे रही है, जहां छात्रों और युवाओं ने सत्ता के खिलाफ हल्ला बोल दिया था। कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके के नेतृत्व में चला यह आंदोलन भले ही भारत में एक बड़े राजनीतिक बदलाव का गवाह बना, जिसके परिणामस्वरुप तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी, लेकिन इस विरोध प्रदर्शन के तरीकों और युवाओं की ताकत ने पाकिस्तानी नेताओं की रातों की नींद उड़ा दी है। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने माना है कि भारत के इन आंदोलनों से सीख लेते हुए यदि उनके देश के युवाओं का सब्र टूटा, तो पाकिस्तान की मौजूदा हुकूमत को टिकने से कोई नहीं रोक पाएगा।

मोहसिन नकवी की चेतावनी: “अगर ये कॉकरोच एक साथ आ गए तो सब कुछ पलट देंगे”

एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने बेहद निराशाजनक और डरावने अंदाज में देश के हालात पर बात की। उन्होंने युवाओं और असंतुष्ट नागरिकों की तुलना ‘कॉकरोच’ से करते हुए चेतावनी भरे लहजे में कहा कि हम अपने देश के युवाओं को वह भविष्य और अवसर नहीं दे पा रहे हैं, जिसकी वे चाह रखते हैं। नकवी ने आगे कहा कि आप उन्हें युवा कहें या फिर कॉकरोच, लेकिन अगर ये सभी एक साथ सड़कों पर आ गए और एकजुट हो गए, तो वे पलक झपकते ही इस पूरे सिस्टम और सरकार को पलटकर रख देंगे। उनका यह बयान इस बात का साफ संकेत है कि पाकिस्तानी सरकार अपने ही देश के नागरिकों और सुलगते असंतोष से कितनी ज्यादा खौफ खाई हुई है।

कर्ज के दलदल में डूबा पाकिस्तान और ढह चुका प्रशासनिक सिस्टम

मोहसिन नकवी ने खुलकर यह स्वीकार किया कि पाकिस्तान का पूरा प्रशासनिक और आर्थिक सिस्टम पिछले 70 वर्षों में पूरी तरह से ढह चुका है, जिसे अब और ज्यादा समय तक घसीटा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि देश भारी-भरकम विदेशी कर्ज के दलदल में धंस चुका है और इससे उबरने का दूर-दूर तक कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है। मौजूदा समय में ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हुई है, जिसके चलते पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं और आम जनता महंगाई की मार झेलने को विवश है। नकवी ने लाचारी जताते हुए कहा कि देश का हर नया बजट केवल इस बात का हिसाब देने के लिए होता है कि इस साल हमने कितना नया कर्ज लिया है, और हमारी ड्यूटी इसे सुधारने की है लेकिन हम ऐसा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं।

कैसे हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की शुरुआत और क्या है इसकी ताकत?

इस पूरे राजनीतिक परिदृश्य के केंद्र में रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के गठन की कहानी भी बेहद दिलचस्प है। इसकी शुरुआत देश की सर्वोच्च अदालत के एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत द्वारा की गई उस टिप्पणी के बाद हुई थी जिसमें उन्होंने ‘कॉकरोच’ शब्द का इस्तेमाल किया था। इस टिप्पणी से उपजे आक्रोश को सामाजिक और राजनीतिक मंच पर बदलते हुए अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से एक डिजिटल अभियान की शुरुआत की, जो देखते ही देखते देश के युवाओं के बीच एक बड़ी ताकत बन गया। लाखों छात्र और युवा इस मुहिम से जुड़ गए और दिल्ली के जंतर-मंतर पर महीनों तक चले इस अभूतपूर्व आंदोलन ने सरकार की चूलें हिला दीं। अंततः, भारी जनदबाब के आगे झुकते हुए सरकार को बड़े राजनीतिक फेरबदल करने पड़े। अब यही ‘कॉकरोच’ मॉडल और युवाओं का आक्रोश पड़ोसी पाकिस्तान के हुक्मरेानों के दिलों में खौफ पैदा कर रहा है, जो यह साबित करता है कि जनता की एकजुटता बड़े से बड़े सिंहासन को हिला सकती है।

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