नमो भारत का मास्टर प्लान: दिल्ली-NCR में बिछेगा 8 रूट्स का जाल, मेरठ के बाद अब अलवर और पानीपत की बारी; 20 शहरों की बदलेगी सूरत

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सफर की परिभाषा बदलने वाली ‘नमो भारत’ ट्रेन अब केवल मेरठ तक सीमित नहीं रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के पूर्ण 82 किलोमीटर लंबे रूट का उद्घाटन करने के साथ ही, केंद्र सरकार ने एनसीआर के लिए एक महायोजना का खुलासा किया है। आने वाले समय में दिल्ली से सटे हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के 20 बड़े शहरों को जोड़ने के लिए कुल 8 नमो भारत कॉरिडोर तैयार किए जाएंगे।

सराय काले खां बनेगा महा-जंक्शन, एक ही छत के नीचे मिलेंगे तीन राज्यों के रूट

रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के तहत दिल्ली का सराय काले खां स्टेशन देश का सबसे बड़ा ट्रांसपोर्ट हब बनने जा रहा है। यहाँ से नमो भारत की तीन प्रमुख लाइनें—मेरठ, पानीपत और अलवर—आपस में जुड़ेंगी। खास बात यह है कि यात्रियों को मेरठ से अलवर या पानीपत जाने के लिए ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे घंटों का सफर मिनटों में सिमट जाएगा।

दिल्ली-अलवर कॉरिडोर: 164 किमी का सफर अब 2 घंटे से भी कम में

दिल्ली-मेरठ के बाद सरकार की प्राथमिकता दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर कॉरिडोर है। 164 किलोमीटर लंबा यह रूट तीन राज्यों (दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान) की लाइफलाइन बनेगा।

  • प्रमुख स्टेशन: दिल्ली में सराय काले खां, आईएनए, मुनिरका और एरोसिटी। हरियाणा में गुरुग्राम, मानेसर, रेवाड़ी और बावल। राजस्थान में नीमराना, खैरथल और अलवर।

  • समय की बचत: वर्तमान में सड़क मार्ग से लगने वाले 4-5 घंटों के मुकाबले, नमो भारत इस सफर को मात्र 100 से 117 मिनट में पूरा करेगी।

दिल्ली-पानीपत-करनाल रूट: NH-44 के समांतर दौड़ेगी ‘बुलेट’ रफ्तार

हरियाणा के औद्योगिक बेल्ट को जोड़ने वाला 136.3 किमी लंबा दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर करीब 34,740 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा। इसकी डिजाइन स्पीड 180 किमी प्रति घंटा तय की गई है।

  • कनेक्टिविटी: यह रूट दिल्ली के कश्मीरी गेट, बुराड़ी और नरेला को सोनीपत, मुरथल और समालखा होते हुए करनाल (मधुबन) से जोड़ेगा।

  • बड़ी राहत: दिल्ली से करनाल पहुंचने में अब 3-4 घंटे के बजाय सिर्फ 90 मिनट लगेंगे, जबकि मुरथल का सफर मात्र 30 मिनट का रह जाएगा।

एनसीआर के इन 8 रूटों पर दौड़ने की तैयारी में नमो भारत

सरकार ने क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए जिन 8 गलियारों की पहचान की है, उनमें शामिल हैं:

  1. दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ (पूर्ण)

  2. दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर

  3. दिल्ली-पानीपत-करनाल

  4. दिल्ली-फरीदाबाद-पलवल

  5. गाजियाबाद-खुर्जा

  6. दिल्ली-बहादुरगढ़-रोहतक

  7. गाजियाबाद-हापुड़

  8. दिल्ली-शाहदरा-बड़ौत

2005 का सपना, 2026 में हुआ हकीकत

नमो भारत परियोजना की नींव 2005 के योजना आयोग के प्रस्ताव में छिपी थी। सालों के इंतजार और 2013 में NCRTC के गठन के बाद, 2019 में प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी आधारशिला रखी। आज 22 फरवरी 2026 को दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के पूरी तरह चालू होने के साथ ही एनसीआर में रैपिड रेल के एक नए स्वर्णिम युग की शुरुआत हो गई है। बिजली लाइनों को शिफ्ट करने का काम नरेला और मुरथल के बीच पहले ही शुरू हो चुका है, जो भविष्य की गति का संकेत दे रहा है।

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